रियो की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी गौरिका, भूकंप में मौत को दे चुकी हैं मात

नयी दिल्‍ली : रियो में खेलों का महासमर शुरू होने में अब महज एक दिन का समय शेष है. भारतीय समय के अनुसार छह अगस्‍त को उद्घाटन समारोह होना है. रियो में आयोजित इस महासमर में इस बार भारत ने अब तक का सबसे बडा़ ओलंपिक दल भेजा है. बहरहाल एक खबर नेपाल से. 13 […]

नयी दिल्‍ली : रियो में खेलों का महासमर शुरू होने में अब महज एक दिन का समय शेष है. भारतीय समय के अनुसार छह अगस्‍त को उद्घाटन समारोह होना है. रियो में आयोजित इस महासमर में इस बार भारत ने अब तक का सबसे बडा़ ओलंपिक दल भेजा है. बहरहाल एक खबर नेपाल से. 13 साल की महिला तैराक गौरिका सिंह रियो में सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं. बैकस्‍ट्रोक तैराक गौरिका नेपाल की सात सदस्‍यीय टीम का हिस्‍सा हैं.

* नेपाली मीडिया में छायी गौरिका

रियो में सबसे कम उम्र की खिलाड़ी के रूप में अपनी अभियान की शुरुआत करने वाली गौरिका को नेपाली मीडिया ने काफी कवरेज दिया है. प्राय- सभी अखबरों-मीडिया में उनकी खबर प्रमुख्‍ता के साथ दिया गया है. काठमांडू पोस्‍ट ने उन्‍हें नेपाल की बेहतरीन तैराक बताया है.

* भारत में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में चार पदक जीत चुकी हैं गौरिका

नेपाल में जन्‍मी और लंदन में रह रही गौरिका ने भारत में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में अपने देश के लिए चार पदक जीती थीं और इतिहास रच डाला था. किसी भी अंतरराष्‍ट्रीय खेलों में नेपाल की ओर से सबसे अधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड भी गौरिका के नाम रहा.

* नेपाल में आये भीषण भूकंप में गौरिका ने मौत को दिया मात

अप्रैल 2015 में नेपाल में भिषण भूकंप आया था. इस दौरान गौरिका सिंह काठमांडू में चल रहे नेशनल गेम्‍स में हिस्‍सा ले रही थीं. भूकंप के दौरान गौरिका एक इमारत की पांचवीं मंजिल में थीं, भाग्‍यवश उनकी इमारत को कुछ भी नहीं हुआ और गौरिका सुरक्षित बच गयीं. इस भीषण आपदा में लगभग 8 हजार लोगों की मौत हो गयी थी.

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