भुवनेश्वर : भारत ने गोल करने के कुछ अच्छे मौके गंवाने के बावजूद प्रभावशाली प्रदर्शन कर हाॅकी विश्व लीग (एचडब्ल्यूएल) फाइनल्स के पूल चरण के अपने शुरुआती मैच में मौजूदा चैंपियन और विश्व में दूसरे नंबर के आॅस्ट्रेलिया को शुक्रवार को यहां 1-1 से ड्रा पर रोका. शुक्रवार को ही खेले गये पहले मैच में ओलिंपिक चैंपियन जर्मनी ने इंग्लैंड को 2-0 से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की.
कलिंगा स्टेडियम में दूधिया रोधनी में दर्शकों के अपार समर्थन के बीच भारत ने बेहतर खेल दिखाया और खेल पर नियंत्रण के मामले में आॅस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ा. भारत ने आक्रामक शुरुआत की. मनदीप सिंह ने 20वें मिनट में उसे बढ़त दिलायी, लेकिन आॅस्ट्रेलिया ने एक मिनट बाद ही बराबरी का गोल दाग दिया. उसकी तरफ से जेरेमी हेवार्ड ने 21वें मिनट में पेनल्टी कार्नर को गोल में बदला. भारतीयों ने अच्छी शुरुआत की तथा मैच में गोल करने के कई मौके बनाये, लेकिन फारवर्ड विशेषकर गुरजंत सिंह और आकाशदीप सिंह फार्म में नहीं दिखे.
भारत मैच के पहले मूव में ही बढ़त बनाने की स्थिति में था. एसवी सुनील ने यह मूव बनाया और उन्होंने गुरजंत के पास गेंद पहुंचायी जिनके पास गोल करने का सुनहरा मौका था, लेकिन टेलर लोवेल ने फुर्ती दिखाकर आॅस्ट्रेलियाई गोल के सामने उनके शाॅट को रोक दिया. इसके दो मिनट बाद लोवेल ने फिर से दो गोल बचाये. पहली बार उन्होंने आकाशदीप के प्रयास को नाकाम किया और गुरजंत को दूसरी बार गोल करने से रोका. भारत ने पहले क्वार्टर में आॅस्ट्रेलियाई रक्षकों को व्यस्त रखा. उसे छठे मिनट में पहला पेनल्टी कार्नर भी मिला, लेकिन वापसी करनेवाले रुपिंदर पाल सिंह का फ्लिक सीधे लोवेल के पास चला गया. इस क्वार्टर में आॅस्ट्रेलिया को गोल करने का केवल एक मौका मिला जब 12वें मिनट में उसे पेनल्टी कार्नर मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर आकाश चिकते ने डाइव लगाकर उसे रोक दिया.
भारत ने दूसरे क्वार्टर में भी अच्छा प्रदर्शन जारी रखा. उसे 17वें मिनट में गोल करने का मौका मिला, लेकिन सुनील के पास पर आकाशदीप का शाट बाहर चला गया. भारत आखिर में 20वें मिनट में मैदानी गोल दागकर बढत हासिल करने में सफल रहा. अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे कप्तान मनप्रीत सिंह ने यह गोल दागा. उन्होंने पहले भारतीय हाफ में गेंद पर नियंत्रण बनाया और फिर उसे ललित उपाध्याय को सौंपा. मनप्रीत इस बीच आॅस्ट्रेलियाई सर्कल में चले गये थे जहां उन्हें ललित से गेंद मिली जिसे उन्होंने गोल में डालकर दर्शकों को उत्साहित कर दिया. लेकिन, भारतीय बढ़त ज्यादा देर तक नहीं रही तथा हेवार्ड ने अगले मिनट में ही पेनल्टी कार्नर पर गोल करके स्कोर बराबर कर दिया.
इसके बाद अमित रोहिदास के अपने सर्कल के अंदर स्टिक अधिक ऊपर उठाने के कारण आॅस्ट्रेलिया को पेनल्टी कार्नर मिला, लेकिन भारतीय रक्षकों ने यह खतरा टाल दिया. आॅस्ट्रेलिया ने तीसरे क्वार्टर में भारतीयों पर दबाव बनाने की कोशिश की और इस बीच उसे दो पेनल्टी कार्नर भी मिले. इनमें से पहला स्थानीय खिलाड़ी बीरेंद्र लाकड़ा ने गोल लाइन पर गेंद खूबसूरती से रोका. तीसरे क्वार्टर में भी आॅस्ट्रेलिया ने दो पेनल्टी कार्नर हासिल किये थे, लेकिन भारतीय भी पूरी तरह से मुस्तैद थे.
चौथे क्वार्टर में काफी कड़ा मुकाबला देखने को मिला. दोनों टीमों ने निर्णायक गोल के लिए अपनी जान लगा दी. भारत दो बार गोल करने की स्थिति में पहुंचा. इनमें से दूसरे मौके पर उसे पेनल्टी कार्नर मिला था जो उसका चौथा पेनल्टी कार्नर था, लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाया.
इससे पहले शुक्रवार को खेले गये पहले मैच में मैट्स ग्रामबुस्क और क्रिस्टोफर रुर के गोल की मदद से चार बार के ओलिंपिक चैंपियन जर्मनी ने इंग्लैंड को 2-0 से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की. विश्व में पांचवें नंबर के जर्मनी ने पहले 15 मिनट तक धीमा खेल दिखाने के बाद आक्रामक रवैया अपनाया और अपने दोनों गोल दूसरे क्वार्टर में किये. इससे वह खचाखच भरे कलिंगा स्टेडियम में पूरे अंक हासिल करने में सफल रहा.
इंग्लैंड ने हमला करने की शुरुआत की, लेकिन मार्क ग्लेनहोर्न के शाट में पर्याप्त ताकत नहीं थी और जर्मन गोलकीपर टोबियास वाल्टर ने सातवें मिनट में आसानी से यह खतरा टाल दिया था. इसके बाद जर्मन टीम ने लगातार अच्छा खेल दिखाया और 19वें मिनट ग्रामबुस्क टूर्नामेंट का पहला गोल करने में सफल रहे. उन्हें निकलास ब्रून्स ने सर्किल के अंदर पास दिया जिस पर वह गोल करने में सफल रहे. जर्मनी ने 25वें मिनट में अपनी बढ़त दोगुनी कर दी. उसकी तरफ से यह गोल रुर ने किया. इसके बाद तीसरे और चौथे क्वार्टर में जर्मनी ने पूरी ताकत गोल बचाने में लगा दी जिसमें वह सफल रहा. जर्मनी पूल बी के अपने दूसरे मैच में शनिवार को आॅस्ट्रेलिया से भिड़ेगा, जबकि इंग्लैंड का सामना मेजबान भारत से होगा.
