No-Handshake Controversy in Ind vs Ban Match: महिला एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत और बांग्लादेश के मुकाबले से पहले एक ऐसा वाकया देखने को मिला, जिसने सबका ध्यान खींच लिया. टॉस के बाद बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना ने भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर से हाथ नहीं मिलाया. इस घटना की वजह अभी तक साफ नहीं हुई है. वहीं, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला बोर्ड की ओर से नहीं लिया गया था, बल्कि निगार का निजी फैसला था.
BCB ने कहा- खेल दुनिया को जोड़ता है
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की महिला समिति के चेयरमैन रफीकुल इस्लाम बाबू ने साफ किया कि हरमनप्रीत कौर से हाथ मिलाने या नहीं मिलाने का फैसला निगार सुल्ताना का अपना था. बोर्ड की ओर से उन्हें ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया था.
रफीकुल इस्लाम बाबू ने कहा कि उनका मानना है कि खेल देशों और लोगों को करीब लाने का काम करता है. उन्होंने कहा कि BCB सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि सभी देशों के साथ दोस्ताना रिश्ते चाहता है. उन्होंने कहा, 'यह उनका अपना फैसला था. हम मानते हैं कि खेल दुनिया को एक साथ लाता है. हम सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि सभी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं. इसलिए उन्होंने जो किया, वह पूरी तरह उनका निजी फैसला था.'
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर इसकी तुलना भारत-पाकिस्तान क्रिकेट में हाल के नो-हैंडशेक विवादों से भी की गई. हालांकि, निगार सुल्ताना ने अभी तक भारत के खिलाफ हुए इस वाकये पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है.
ये भी पढ़ें: Richest Cricket Board: आखिर कौन है दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड? देखें टॉप-10 की पूरी लिस्ट
सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराया
हैंडशेक का यह मामला उस मुकाबले से पहले सामने आया, जिसमें भारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराकर महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में जगह बनाई. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 149 रन बनाए. शेफाली वर्मा ने 44 गेंदों पर 64 रन की शानदार पारी खेली. उनके अलावा भारतीय बल्लेबाजों ने भी उपयोगी योगदान दिया.
150 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 109 रन ही बना सकी. भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट लिए. इस तरह भारतीय टीम ने 40 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया. इस हार के साथ बांग्लादेश का महिला एशिया कप में सफर एक बार फिर सेमीफाइनल में खत्म हो गया. टीम ने 2018 में पहली बार इस टूर्नामेंट का खिताब जीता था.
निगार की कप्तानी पर भी उठ रहे सवाल
निगार सुल्ताना के लिए मुश्किलें सिर्फ सेमीफाइनल की हार और हैंडशेक विवाद तक सीमित नहीं हैं. उनकी कप्तानी और टीम के प्रदर्शन को लेकर भी BCB में चर्चा हुई है.
BCB अधिकारी रफीकुल इस्लाम बाबू ने बताया कि टीम के प्रदर्शन और कप्तान से जुड़े मामलों पर बोर्ड में चर्चा हुई है. हालांकि, इस संबंध में कोई तत्काल फैसला नहीं लिया जाएगा. एशियाई खेलों के बाद टीम और कप्तानी की स्थिति का आकलन किया जाएगा. उन्होंने कहा, 'पहले हम देखेंगे कि एशियाई खेलों में टीम कैसा प्रदर्शन करती है. इसके बाद तय करेंगे कि आगे क्या किया जाना चाहिए.'
इस बयान के बाद निगार सुल्ताना की कप्तानी को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं. हालांकि, फिलहाल BCB की ओर से कप्तानी में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं किया गया है.
अब एशियाई खेलों के बाद होगा फैसला
फिलहाल निगार सुल्ताना की ओर से हैंडशेक विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. वहीं, BCB ने साफ कर दिया है कि यह फैसला बोर्ड का नहीं था. अब एशियाई खेलों के बाद निगार की कप्तानी और बांग्लादेश महिला टीम के प्रदर्शन को लेकर BCB क्या फैसला लेता है, इस पर सबकी नजर रहेगी.
