Dwayne Bravo On MS Dhoni: महेंद्र सिंह धोनी को दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में गिना जाता है और इसकी सबसे बड़ी वजह खिलाड़ियों की क्षमता को समझने की उनकी अद्भुत कला है. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पूर्व स्टार ऑलराउंडर ड्वेन ब्रावो ने एक ऐसा किस्सा साझा किया था, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि धोनी अपने खिलाड़ियों से सिर्फ प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि सही समय पर सही फैसला लेने की भी उम्मीद रखते थे. करीब पांच महीने पहले पॉडकास्ट में ब्रावो ने यह यादगार घटना सुनाई थी, जो अब एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में है.
ज्यादा जरूरी तुम्हारे चार ओवर
'बियर्ड बिफोर विकेट' पॉडकास्ट में ब्रावो ने बताया था कि 2018 में दो साल के प्रतिबंध के बाद जब चेन्नई सुपर किंग्स की आईपीएल में वापसी हुई, तब एक मैच के दौरान उन्होंने लॉन्ग-ऑन पर फील्डिंग करते हुए गेंद रोकने के लिए डाइव लगा दी. उस समय उनकी उम्र 34 साल थी. ओवर खत्म होने के बाद धोनी उनके पास आए और कहा, 'मेरे क्रिकेट मैदान पर दोबारा कभी डाइव मत लगाना. चार रन बचाने से ज्यादा जरूरी तुम्हारे चार ओवर हैं.'
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बाउंड्री छोड़कर इनर सर्कल में की फील्डिंग
ब्रावो ने बताया कि धोनी की यह बात सुनकर वह हैरान रह गए. इसके बाद उन्होंने बाउंड्री पर फील्डिंग करने के बजाय इनर सर्कल में फील्डिंग करना शुरू कर दिया. उनके मुताबिक, यही धोनी की कप्तानी की सबसे बड़ी खासियत थी. वह जानते थे कि किस खिलाड़ी से क्या काम लेना है और उसकी सबसे बड़ी ताकत क्या है. वह कभी भी खिलाड़ियों से उनकी भूमिका से अलग कुछ करने की उम्मीद नहीं करते थे.
भरोसे से बना खास रिश्ता
ब्रावो ने धोनी के साथ अपने रिश्ते का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि दोनों के बीच भरोसे की शुरुआत पहले ही मैच से हो गई थी. जब धोनी ने उनसे फील्ड सेटिंग को लेकर राय मांगी, तो उन्होंने अपनी योजना बताई. इसके बाद धोनी ने शायद ही कभी उनकी फील्ड प्लेसमेंट में दखल दिया. ब्रावो के मुताबिक, उसी पल उन्हें महसूस हुआ कि धोनी को उन पर पूरा भरोसा है. यही वजह है कि दोनों आज भी एक-दूसरे को 'ब्रदर फ्रॉम अनदर मदर' कहकर बुलाते हैं.
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