Joe Root: इंग्लैंड की टेस्ट टीम एक नए दौर की शुरुआत करने जा रही है. पाकिस्तान के खिलाफ गुरुवार से हेडिंग्ले में शुरू होने वाले पहले टेस्ट में जो रूट फिर से टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे. रूट ने साफ किया है कि टीम बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम के दौर में अपनाए गए ‘बैजबॉल’ अंदाज को पूरी तरह नहीं बदलेगी.
‘बैजबॉल’ को नहीं करेंगे खत्म
रूट का कहना है कि टीम में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि
स्टोक्स और मैकुलम ने लंबे समय में टीम के लिए कई अच्छी चीजें तैयार की हैं और उन्हें बरकरार रखा जाएगा. हालांकि, उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में हर मैच और हर दिन अलग होता है. इसलिए हालात के हिसाब से खेलने की जरूरत होगी.
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स्टोक्स के बाद बदला माहौल
बेन स्टोक्स के इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने और मैकुलम के कोच पद से हटने के बाद इंग्लैंड ने नया सेटअप तैयार किया है. न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग को नया कोच बनाया गया है. स्टोक्स-मैकुलम की जोड़ी ने इंग्लैंड को कई शानदार जीत दिलाईं, लेकिन भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज जीतने में टीम नाकाम रही. हाल में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज हारने के बाद यह बदलाव हुआ.
कप्तानी का अनुभव आएगा काम
रूट चार साल बाद फिर इंग्लैंड की कप्तानी संभाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि
इस बार वह पहले से काफी अलग खिलाड़ी और इंसान हैं. कप्तानी छोड़ने के बाद उन्होंने दूसरे कप्तानों और कोच के साथ खेलकर क्रिकेट को एक अलग नजरिए से समझा है. उनका मानना है कि पिछली कप्तानी का 60 से ज्यादा मैचों का अनुभव इस बार काफी काम आएगा.
सचिन के रिकॉर्ड पर भी नजर
रूट अपने घरेलू मैदान हेडिंग्ले में खेलने को लेकर काफी उत्साहित हैं. वह टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के 15,921 रन के रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहे हैं. रूट के नाम फिलहाल 166 टेस्ट में 14,114 रन और 41 शतक हैं. हेडिंग्ले में भी उनका रिकॉर्ड अच्छा है, जहां उन्होंने 11 टेस्ट में 763 रन बनाए हैं. इंग्लैंड के कप्तान को उम्मीद है कि टीम के युवा और अनुभवी खिलाड़ी मिलकर नए दौर में कुछ खास कर सकते हैं.
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