India vs Pakistan 1985 Match: भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट राइवलरी में कई मुकाबले ऐसे रहे हैं, जिन्हें आज भी याद किया जाता है. लेकिन 22 मार्च 1985 को शारजाह में हुआ मुकाबला इसलिए खास है, क्योंकि उस दिन भारत ने लगभग हारी हुई बाजी पलट दी थी. पाकिस्तान के इमरान खान ने भारतीय बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया था. भारत 125 रन पर ऑलआउट हो गया था. इसके बाद जो हुआ, उसने इस मुकाबले को क्रिकेट इतिहास की यादगार कहानियों में शामिल कर दिया.
इमरान खान के सामने भारतीय बल्लेबाज बेबस
रॉथमैन फोर-नेशंस कप के सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा. भारतीय टीम उस समय ऑस्ट्रेलिया में बेंसन एंड हेजेस वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतकर लौटी थी और उसका आत्मविश्वास काफी ऊंचा था. लेकिन शारजाह में इमरान खान ने अकेले ही भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी.
इमरान ने 10 ओवर में सिर्फ 14 रन देकर 6 विकेट झटके. रवि शास्त्री पहली ही गेंद पर आउट हुए. इसके बाद श्रीकांत, दिलीप वेंगसरकर, सुनील गावस्कर, मोहिंदर अमरनाथ और मदन लाल भी इमरान का शिकार बने. भारत के लिए मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 47 और कपिल देव ने 30 रन बनाए, जिसकी मदद से टीम 42.4 ओवर में 125 रन तक पहुंच सकी.
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125 रन देखकर भारतीय ड्रेसिंग रूम में छा गई खामोशी
125 रन का स्कोर उस दौर के वनडे क्रिकेट में भी बेहद छोटा माना जा रहा था. भारत की पारी खत्म होने के बाद ड्रेसिंग रूम में जश्न जैसा माहौल नहीं था. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक खिलाड़ियों ने लंच तक करने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई और कुछ खिलाड़ी आराम करने लगे. माहौल इतना शांत था कि टीम के खिलाड़ी झपकी लेने लगे.
शायद यही वह पल था जिसने मैच की दिशा बदल दी. बल्लेबाजी की निराशा में डूबे रहने के बजाय भारतीय खिलाड़ी थोड़ी देर के लिए खुद को मानसिक रूप से रीसेट कर रहे थे. मैदान पर लौटते समय उनके सामने बचाने के लिए बड़ा स्कोर नहीं था, लेकिन पाकिस्तान को हर गेंद पर रन के लिए संघर्ष कराने का लक्ष्य जरूर था.
कपिल देव की टीम ने पलट दिया पूरा मैच
पाकिस्तान की पारी शुरू हुई तो उसके बल्लेबाजों को लगा होगा कि 126 रन का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं होगा. शुरुआत में भी पाकिस्तान पूरी तरह दबाव में नहीं था. लेकिन भारत ने धीरे-धीरे पकड़ बनाना शुरू किया. रोजर बिन्नी ने मुदस्सर नजर को 18 रन पर आउट किया और मोहसिन खान रन आउट हुए. रमीज राजा 29 रन बनाकर कुछ देर तक टिके, लेकिन कपिल देव ने उन्हें चलता कर दिया. इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तान को एक के बाद एक झटके दिए.
रवि शास्त्री ने 10 ओवर में 5 मेडन के साथ सिर्फ 17 रन देकर 2 विकेट लिए. लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 16 रन देकर 2 विकेट चटकाए, जबकि कपिल देव ने 17 रन देकर 3 विकेट लिए. मदन लाल और रोजर बिन्नी को भी एक-एक विकेट मिला.
पाकिस्तान 87 पर ढेर, भारत ने 38 रन से जीता मैच
जिस पाकिस्तान के सामने भारत की टीम 125 रन पर सिमट गई थी, वही टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने सिर्फ 87 रन पर ऑलआउट हो गई. पाकिस्तान की पारी 32.5 ओवर में खत्म हो गई और भारत ने मुकाबला 38 रन से अपने नाम कर लिया.
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि भारत को हराने जैसी गेंदबाजी करने वाले इमरान खान ही उस दिन पाकिस्तान को जीत नहीं दिला सके. उनके 6 विकेट के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि उनकी टीम मुकाबला हार गई.
40 साल तक कायम रहा भारत का रिकॉर्ड
इस जीत के साथ भारत ने लंबे समय तक वनडे क्रिकेट में सबसे कम स्कोर का सफल बचाव करने का रिकॉर्ड अपने नाम रखा. 125 रन का यह रिकॉर्ड करीब 40 साल तक कायम रहा. फरवरी 2025 में USA ने ओमान के खिलाफ सिर्फ 122 रन बनाकर मैच जीत लिया और भारत का रिकॉर्ड तोड़ दिया.
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