जब हार मानकर सो गई थी भारतीय टीम, जागी तो पाकिस्तान को कर दिया ढेर; बचाया था वनडे का सबसे छोटा स्कोर

1985 में शारजाह में भारत और पाकिस्तान के बीच एक अविश्वसनीय मैच खेला गया था. इमरान खान के 6 विकेटों के बावजूद, भारतीय टीम ने हार न मानी और पाक को 87 पर ढेर कर दिया. यह मैच 40 साल तक सबसे कम स्कोर के सफल बचाव का रिकॉर्ड रहा.

India vs Pakistan 1985 Match: भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट राइवलरी में कई मुकाबले ऐसे रहे हैं, जिन्हें आज भी याद किया जाता है. लेकिन 22 मार्च 1985 को शारजाह में हुआ मुकाबला इसलिए खास है, क्योंकि उस दिन भारत ने लगभग हारी हुई बाजी पलट दी थी. पाकिस्तान के इमरान खान ने भारतीय बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया था. भारत 125 रन पर ऑलआउट हो गया था. इसके बाद जो हुआ, उसने इस मुकाबले को क्रिकेट इतिहास की यादगार कहानियों में शामिल कर दिया.

इमरान खान के सामने भारतीय बल्लेबाज बेबस

रॉथमैन फोर-नेशंस कप के सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा. भारतीय टीम उस समय ऑस्ट्रेलिया में बेंसन एंड हेजेस वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतकर लौटी थी और उसका आत्मविश्वास काफी ऊंचा था. लेकिन शारजाह में इमरान खान ने अकेले ही भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी.

इमरान ने 10 ओवर में सिर्फ 14 रन देकर 6 विकेट झटके. रवि शास्त्री पहली ही गेंद पर आउट हुए. इसके बाद श्रीकांत, दिलीप वेंगसरकर, सुनील गावस्कर, मोहिंदर अमरनाथ और मदन लाल भी इमरान का शिकार बने. भारत के लिए मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 47 और कपिल देव ने 30 रन बनाए, जिसकी मदद से टीम 42.4 ओवर में 125 रन तक पहुंच सकी.

ये भी पढ़ें: Richest Cricket League: आखिर कौन है दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग? कितने नंबर पर है IPL, देखें टॉप-10 की लिस्ट

125 रन देखकर भारतीय ड्रेसिंग रूम में छा गई खामोशी

125 रन का स्कोर उस दौर के वनडे क्रिकेट में भी बेहद छोटा माना जा रहा था. भारत की पारी खत्म होने के बाद ड्रेसिंग रूम में जश्न जैसा माहौल नहीं था. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक खिलाड़ियों ने लंच तक करने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई और कुछ खिलाड़ी आराम करने लगे. माहौल इतना शांत था कि टीम के खिलाड़ी झपकी लेने लगे.

शायद यही वह पल था जिसने मैच की दिशा बदल दी. बल्लेबाजी की निराशा में डूबे रहने के बजाय भारतीय खिलाड़ी थोड़ी देर के लिए खुद को मानसिक रूप से रीसेट कर रहे थे. मैदान पर लौटते समय उनके सामने बचाने के लिए बड़ा स्कोर नहीं था, लेकिन पाकिस्तान को हर गेंद पर रन के लिए संघर्ष कराने का लक्ष्य जरूर था.

कपिल देव की टीम ने पलट दिया पूरा मैच

कपिल देव 1983 वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ (फोटो- सोशल मीडिया)

पाकिस्तान की पारी शुरू हुई तो उसके बल्लेबाजों को लगा होगा कि 126 रन का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं होगा. शुरुआत में भी पाकिस्तान पूरी तरह दबाव में नहीं था. लेकिन भारत ने धीरे-धीरे पकड़ बनाना शुरू किया. रोजर बिन्नी ने मुदस्सर नजर को 18 रन पर आउट किया और मोहसिन खान रन आउट हुए. रमीज राजा 29 रन बनाकर कुछ देर तक टिके, लेकिन कपिल देव ने उन्हें चलता कर दिया. इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तान को एक के बाद एक झटके दिए.

रवि शास्त्री ने 10 ओवर में 5 मेडन के साथ सिर्फ 17 रन देकर 2 विकेट लिए. लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 16 रन देकर 2 विकेट चटकाए, जबकि कपिल देव ने 17 रन देकर 3 विकेट लिए. मदन लाल और रोजर बिन्नी को भी एक-एक विकेट मिला.

ये भी पढ़ें: Lala Amarnath Birthday: स्वतंत्र भारत के पहले टेस्ट कप्तान थे अमरनाथ, पहला शतक जड़ते ही महिलाओं ने फेंक दिए थे मंगलसूत्र

पाकिस्तान 87 पर ढेर, भारत ने 38 रन से जीता मैच

जिस पाकिस्तान के सामने भारत की टीम 125 रन पर सिमट गई थी, वही टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने सिर्फ 87 रन पर ऑलआउट हो गई. पाकिस्तान की पारी 32.5 ओवर में खत्म हो गई और भारत ने मुकाबला 38 रन से अपने नाम कर लिया.

सबसे दिलचस्प बात यह रही कि भारत को हराने जैसी गेंदबाजी करने वाले इमरान खान ही उस दिन पाकिस्तान को जीत नहीं दिला सके. उनके 6 विकेट के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि उनकी टीम मुकाबला हार गई.

40 साल तक कायम रहा भारत का रिकॉर्ड

इस जीत के साथ भारत ने लंबे समय तक वनडे क्रिकेट में सबसे कम स्कोर का सफल बचाव करने का रिकॉर्ड अपने नाम रखा. 125 रन का यह रिकॉर्ड करीब 40 साल तक कायम रहा. फरवरी 2025 में USA ने ओमान के खिलाफ सिर्फ 122 रन बनाकर मैच जीत लिया और भारत का रिकॉर्ड तोड़ दिया.

ये भी पढ़ें: 34 साल पुराने जेपी अत्रे टूर्नामेंट का अंत, क्या बढ़ते क्रिकेट कैलेंडर में घरेलू क्रिकेट की जगह घट रही है?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By उज्जवल सिन्हा

उज्जवल कुमार सिन्हा | स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट

उज्जवल कुमार सिन्हा एक अनुभवी स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट हैं और पिछले छह वर्षों से खेल पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. वर्तमान में वह प्रभात खबर के स्पोर्ट्स सेक्शन में लीड की भूमिका निभा रहे हैं, जहां कंटेंट प्लानिंग, SEO-आधारित डिजिटल कंटेंट, एक्सप्लेनर, डेटा-ड्रिवन स्टोरी, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट, लाइव कवरेज और प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की डिजिटल रणनीति से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालते हैं.

पत्रकारिता का अनुभव

अपने करियर के दौरान उज्जवल ने क्रिकेट, फुटबॉल, प्रो कबड्डी लीग, महिला क्रिकेट, रणजी ट्रॉफी, झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) और अन्य प्रमुख खेल आयोजनों की व्यापक कवरेज की है. वह मैच रिपोर्ट, खिलाड़ियों की प्रोफाइल, रिकॉर्ड्स एवं आंकड़ों पर आधारित विश्लेषण, एक्सप्लेनर, विशेष फीचर स्टोरी और खेल जगत से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन करते हैं. उनकी विशेष रुचि डेटा-आधारित खेल विश्लेषण और जटिल खेल विषयों को सरल एवं रोचक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में है.

पेशेवर सफर

प्रभात खबर से पहले उज्जवल नवभारत, CricTracker, स्पोर्ट्स तक (इंडिया टुडे ग्रुप), जनसत्ता और एपीएन न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खिलाड़ियों, कोचों, खेल प्रशासकों और स्पोर्ट्स कमेंटेटरों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं. डिजिटल पत्रकारिता, रियल-टाइम न्यूज कवरेज, SEO रणनीति और ऑडियंस-केंद्रित कंटेंट निर्माण उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल हैं.

शैक्षणिक पृष्ठभूमि

शैक्षणिक रूप से उज्जवल ने संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से मास कम्युनिकेशन में स्नातक तथा सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार से मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है.

खेल से जुड़ाव

पत्रकारिता में आने से पहले उज्जवल स्वयं क्रिकेट खेल चुके हैं और बिहार स्टेट क्रिकेट कैंप का हिस्सा रहे हैं. मैदान पर खेलने का यह अनुभव उन्हें खेल की तकनीकी बारीकियों, खिलाड़ियों की मानसिकता, रणनीति और मैच परिस्थितियों को गहराई से समझने में मदद करता है. यही अनुभव उनकी रिपोर्टिंग और विश्लेषण को अधिक सटीक, तथ्यपरक और विश्वसनीय बनाता है.

लेखन शैली और दृष्टिकोण

उज्जवल की पत्रकारिता शैली शोध-आधारित, तथ्यपरक और डेटा-समर्थित रिपोर्टिंग पर केंद्रित है. उनका उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि खेल से जुड़ी हर महत्वपूर्ण घटना के पीछे की कहानी, संदर्भ और आंकड़ों को विश्वसनीय तथा सरल रूप में पाठकों तक पहुंचाना है. खेल पत्रकारिता में उनकी पहचान गहन रिसर्च, सटीक विश्लेषण, एक्सक्लूसिव कंटेंट और पाठक-केंद्रित लेखन के लिए है.

विशेषज्ञता (Expertise)

  • क्रिकेट (अंतरराष्ट्रीय और घरेलू)

  • फुटबॉल

  • प्रो कबड्डी लीग

  • महिला क्रिकेट

  • IPL, रणजी ट्रॉफी, JPL एवं अन्य घरेलू टूर्नामेंट

  • डेटा-आधारित खेल विश्लेषण

  • एक्सप्लेनर एवं फीचर स्टोरी

  • SEO-आधारित डिजिटल कंटेंट

  • स्पोर्ट्स कंटेंट प्लानिंग

  • एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

  • रिकॉर्ड्स, आंकड़े एवं रिसर्च आधारित रिपोर्टिंग

  • लाइव स्पोर्ट्स कवरेज एवं डिजिटल ऑडियंस रणनीति

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >