India vs England Lord's ODI record: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है. दोनों टीमें एक-एक मुकाबला जीतकर बराबरी पर खड़ी हैं और अब सीरीज का फैसला ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले तीसरे और आखिरी वनडे से होगा. क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इस मैदान पर टीम इंडिया के सामने सिर्फ सीरीज जीतने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि एक लंबे इंतजार को खत्म करने का भी दबाव होगा. लॉर्ड्स में भारत को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे जीत का इंतजार करीब 22 साल से है.
लॉर्ड्स की यादों में दर्ज हैं कई सुनहरे पल
लॉर्ड्स का मैदान भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास रहा है. इसी ऐतिहासिक मैदान पर भारत ने 1983 में पहली बार वनडे विश्व कप जीतकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था. इसके अलावा 2002 नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में भी भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ यादगार जीत दर्ज की थी, जब सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम ने असंभव लग रही जीत को संभव बनाया था. हालांकि, इन सुनहरी यादों के बीच लॉर्ड्स पर हाल के वर्षों का रिकॉर्ड भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. 2004 के बाद भारत इस मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मुकाबला जीतने में सफल नहीं हो पाया है.
पिछले चार मुकाबलों में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक
लॉर्ड्स में खेले गए पिछले चार वनडे मुकाबलों के आंकड़े भारत के पक्ष में नहीं हैं.
- 2007: इंग्लैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया.
- 2011: दोनों टीमों के बीच खेला गया मुकाबला रोमांचक संघर्ष के बाद टाई पर खत्म हुआ.
- 2018: इंग्लैंड ने भारतीय बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में डालते हुए 86 रनों से बड़ी जीत दर्ज की.
- 2022: भारत को एकतरफा मुकाबले में 100 रनों की हार झेलनी पड़ी.
इन आंकड़ों से साफ है कि लॉर्ड्स की परिस्थितियों में इंग्लैंड ने भारत पर लगातार दबदबा बनाए रखा है.
शुभमन गिल के सामने इतिहास बदलने की चुनौती
भारतीय कप्तान शुभमन गिल के लिए यह मुकाबला कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा. युवा कप्तान के सामने जहां सीरीज जीतने की जिम्मेदारी होगी, वहीं लॉर्ड्स में लंबे समय से चले आ रहे जीत के सूखे को खत्म करने की चुनौती भी होगी. इंग्लैंड की परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना रहती है. ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को नई गेंद के सामने मजबूती दिखानी होगी. वहीं, गेंदबाजों को इंग्लैंड के मजबूत बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाने के लिए सटीक लाइन और लेंथ के साथ प्रदर्शन करना होगा.
बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में दिखानी होगी पूरी ताकत
लॉर्ड्स की पिच पर शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजी आसान नहीं होती. यहां स्विंग और सीम गेंदबाजी का असर देखने को मिलता है. भारतीय शीर्ष क्रम को जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करनी होगी, जबकि मध्यक्रम को दबाव की स्थिति में संभलकर खेलना होगा. गेंदबाजी विभाग में भारत को इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाजों के खिलाफ शुरुआती सफलता हासिल करनी होगी. अगर भारतीय गेंदबाज पावरप्ले में विकेट निकालने में कामयाब रहते हैं तो मेजबान टीम पर दबाव बनाया जा सकता है.
सीरीज जीत के साथ इतिहास बनाने का मौका
तीसरा वनडे सिर्फ एक मुकाबला नहीं बल्कि भारतीय टीम के लिए इतिहास बदलने का अवसर है. 22 साल से चले आ रहे लॉर्ड्स के सूखे को खत्म कर टीम इंडिया न सिर्फ सीरीज अपने नाम कर सकती है, बल्कि इस ऐतिहासिक मैदान पर एक नई रिकॉर्ड भी बना सकती है. अब नजरें रविवार को होने वाले इस निर्णायक मुकाबले पर हैं, जहां शुभमन गिल की टीम के सामने लॉर्ड्स के किले को भेदने की बड़ी चुनौती होगी.
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