अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की मेजबानी में खेले गए फीफा विश्व कप 2026 ने फुटबॉल प्रशंसकों को रोमांच, ड्रामा और यादगार पलों से भरपूर अनुभव दिया. 39 दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में 104 मुकाबले खेले गए, जिनमें कई ऐसे लम्हे सामने आए जो लंबे समय तक याद रखे जाएंगे. आइए नजर डालते हैं विश्व कप 2026 के कुछ सबसे खास पलों पर.
टूर्नामेंट का बेस्ट गोल
अर्जेंटीना और केप वर्डे के बीच तीन जुलाई को मियामी गार्डन्स में खेले गए राउंड ऑफ 32 मुकाबले में सिडनी लोपेज कैब्राल ने ऐसा गोल दागा, जिसे विश्व कप 2026 का सर्वश्रेष्ठ गोल माना जा रहा है. मुकाबले के 103वें मिनट में केप वर्दे की टीम 2-1 से पीछे चल रही थी, तभी कैब्राल ने यानिक सेमेडो के लंबे पास को बाएं फ्लैंक पर शानदार ढंग से नियंत्रित किया. इसके बाद उन्होंने पेनल्टी एरिया के अंदर से बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज को छकाते हुए गेंद को जाल में पहुंचा दिया. यह अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में उनका चौथा गोल था. हालांकि अंत में अर्जेंटीना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए से मुकाबला अपने नाम कर लिया, लेकिन कैब्राल का यह गोल पूरे टूर्नामेंट के सबसे यादगार पलों में शामिल हो गया.
टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर
जर्मनी ने ग्रुप चरण में क्यूरासाओ और आइवरी कोस्ट को हराकर शानदार शुरुआत की थी और नॉकआउट में जगह लगभग सुनिश्चित कर ली थी. हालांकि, पहले दौर के अपने आखिरी मुकाबले में उसे इक्वाडोर के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. दूसरी ओर, पराग्वे किसी की पसंदीदा टीम नहीं थी और वह तीसरे स्थान की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शामिल होकर राउंड ऑफ 32 में पहुंची थी. इसके बावजूद पराग्वे ने चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को कड़ी टक्कर दी और मुकाबले को पेनल्टी शूटआउट तक खींच ले गई. शूटआउट में पराग्वे ने 4-3 से जीत दर्ज कर विश्व कप 2026 का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया. इस जीत ने न सिर्फ जर्मनी के अभियान का अंत किया, बल्कि पराग्वे को टूर्नामेंट की सबसे बड़ी सरप्राइज टीमों में भी शामिल कर दिया.
उभरता हुआ खिलाड़ी
स्पेन के 19 वर्षीय डिफेंडर पाउ कुबार्सी ने पूरे टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया. बार्सिलोना के इस युवा खिलाड़ी ने स्पेन को 2010 के बाद पहला विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 690 पास का प्रयास किया, जिनमें से 668 सफल रहे. 96.8 प्रतिशत की सफलता दर के साथ वह सबसे भरोसेमंद डिफेंडरों में शामिल रहे. कुबार्सी हर मैच में पूरे समय मैदान पर रहे और युवा खिलाड़ी के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई. इसके साथ ही वो 19 साल और 178 दिन की उम्र में विश्व कप जीतने वाले सातवें सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए.
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टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ बचाव
केप वर्डे के अनुभवी गोलकीपर वोजिन्हा ने राउंड ऑफ 32 में अर्जेंटीना के खिलाफ ऐसा बचाव किया जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा. 73वें मिनट में लियोनेल मेसी की खतरनाक फ्री-किक को उन्होंने शानदार डाइव लगाकर रोक दिया. इस बचाव ने कुछ समय तक मैच का स्कोर 1-1 बनाए रखा और दर्शकों को उनकी गोलकीपिंग क्षमता का शानदार नमूना देखने को मिला.
टूर्नामेंट की सबसे बड़ी गलती
मेजबान अमेरिका के गोलकीपर मैट फ्रीज की एक चूक टूर्नामेंट की सबसे बड़ी गलती साबित हुई. बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मुकाबले में वह गेंद पर नियंत्रण बनाने में नाकाम रहे, जिसका फायदा उठाते हुए हैंस वनाकेन ने लगभग 30 गज की दूरी से खाली गोलपोस्ट में गेंद पहुंचा दी. इस गोल ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया और अमेरिका को 4-1 की हार झेलनी पड़ी.
सबसे खराब फाउल
ग्रुप चरण में कनाडा और कतर के बीच खेले गए मुकाबले में कतर के मिडफील्डर असीम मदीबो का फाउल टूर्नामेंट का सबसे खराब फाउल माना गया. 18 जून को वैंकूवर में खेले गए मैच के दौरान मदीबो की टक्कर से कनाडा के इस्माइल कोने के बाएं पैर की हड्डी टूट गई. रेफरी ने मदीबो को सीधे लाल कार्ड दिखाया और बाद में उन पर पांच मैचों का प्रतिबंध भी लगाया गया. कोने को सर्जरी करानी पड़ी, जबकि मदीबो बाद में अस्पताल जाकर उनसे मिले.
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