French Open 2026: जर्मन टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव का ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी उठाने का लंबा इंतजार अब खत्म हो चुका है. पेरिस के प्रसिद्ध कोर्ट फिलिप-चेट्रियर पर, ज्वेरेव ने इटली के फ्लेवियो कोबोली को एक बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में मात देकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता. पूरे 4 घंटे और 16 मिनट तक चले इस उतार-चढ़ाव भरे पांच सेटों के मुकाबले को ज्वेरेव ने 6-1, 4-6, 6-4, 6-7, 6-1 के स्कोर से जीतकर अपने नाम किया.
चार घंटे से अधिक चला कड़ा संघर्ष
मैच की शुरुआत में 29 वर्षीय ज्वेरेव ने पूरी तरह दबदबा बनाया और पहला सेट आसानी से 6-1 से जीत लिया. हालांकि, 24 वर्षीय फ्लेवियो कोबोली ने शानदार वापसी की और दूसरा सेट 4-6 से जीतकर मैच को बराबरी पर ला खड़ा किया. ज्वेरेव ने फिर से लय पकड़ी और तीसरा सेट 6-4 से जीता, लेकिन कोबोली ने हार नहीं मानी. उन्होंने चौथे सेट के कड़े टाई-ब्रेकर को 7-5 (6-7) से जीतकर मुकाबले को पांचवें और निर्णायक सेट में खींच दिया.
आखिरी सेट में आया रोमांच
पांचवें सेट में ज्वेरेव ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया. उन्होंने थक चुके कोबोली पर लगातार दबाव बनाते हुए आखिरी सेट 6-1 से जीता और खिताब अपने नाम कर लिया.
ट्रॉफी उठाने के बाद ज्वेरेव ने क्या कहा
ज्वेरेव के लिए पेरिस का यह मैदान बेहद भावुक करने वाला रहा है. इसी कोर्ट पर साल 2022 के सेमीफाइनल के दौरान वह गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे, जहाँ उनके पैर के लिगामेंट्स टूट गए थे. ट्रॉफी उठाने के बाद भावुक ज्वेरेव ने कहा- “इस कोर्ट से मेरी जिंदगी की सबसे अच्छी और सबसे बुरी यादें जुड़ी हैं. चार साल पहले मैं इसी कोने में व्हीलचेयर पर दर्द से कराह रहा था, लेकिन आज आखिरकार यहाँ एक ‘हैप्पी एंडिंग’ हुई है.”
ज्वेरेव ने तोड़ा फाइनल का ‘अभिशाप’
अलेक्जेंडर ज्वेरेव के लिए यह खिताबी जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि उनके धैर्य की सबसे बड़ी परीक्षा थी. तीन बार ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचकर खाली हाथ लौटने का दर्द सहने वाले ज्वेरेव ने आखिरकार अपने चौथे प्रयास में इतिहास रच दिया. 2020 का यूएस ओपन, 2024 का फ्रेंच ओपन और 2025 का ऑस्ट्रेलियाई ओपन में वो तीन साल थे जब वे इतिहास रचने से चूक गए और उन पर ‘ग्रैंड स्लैम न जीत पाने वाले सबसे बड़े खिलाड़ी’ का ठप्पा लग गया. लेकिन अपने 41वें ग्रैंड स्लैम मुख्य ड्रॉ में उन्होंने हार न मानते हुए एक ऐतिहासिक जीत के साथ उस दाग को हमेशा के लिए मिटा दिया.
बनाए कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड
इस खिताबी जीत के साथ ज्वेरेव ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है. वह 1996 में बोरिस बेकर के ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने के बाद, ग्रैंड स्लैम पुरुष एकल खिताब जीतने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी बने हैं. यही नहीं, वह टेनिस के उस एलीट क्लब का हिस्सा भी बन गए हैं जिनके नाम ग्रैंड स्लैम, मास्टर्स 1000, एटीपी टूर फाइनल्स और टोक्यो ओलंपिक का स्वर्ण पदक दर्ज है. दूसरी ओर, रनर-अप रहे इटली के फ्लेवियो कोबोली ने भी इस टूर्नामेंट से बड़ी कामयाबी हासिल की है. अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत वे पहली बार लाइव एटीपी रैंकिंग में शीर्ष 10 खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं.
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