FIFA World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 11 जून से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में होने जा रहा है. दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट में इस बार 48 टीमें खिताब के लिए मुकाबला करेंगी. हालांकि, टूर्नामेंट शुरू होने से पहले कई स्टार खिलाड़ियों के चोटिल होने से उनकी टीमों को बड़ा झटका लगा है. ब्राजील, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी और नेदरलैंड्स जैसे दावेदार देशों के कई अहम खिलाड़ी विश्व कप से बाहर हो चुके हैं।
ब्राजील को लगा दोहरा झटका
ब्राजील को सबसे बड़ा झटका स्टार फॉरवर्ड रोड्रिगो के रूप में लगा है. रियाल मैड्रिड के लिए खेलते हुए घुटने की मांसपेशियों में लगी चोट के कारण वह विश्व कप से बाहर हो गए. वहीं ब्राजील के ही युवा स्टार एस्तेवाओ भी हैमस्ट्रिंग इंजरी के चलते टीम का हिस्सा नहीं बन सके. छह अंतरराष्ट्रीय मैचों में पांच गोल करने वाले एस्तेवाओ को भविष्य का बड़ा सितारा माना जा रहा था.
स्पेन और फ्रांस के स्टार भी बाहर
स्पेन के मिडफील्डर फर्मिन लोपेज शानदार फॉर्म में थे, लेकिन पैर की हड्डी में फ्रैक्चर ने उनका सपना तोड़ दिया. बार्सिलोना के लिए इस सीजन 13 गोल और 17 असिस्ट करने वाले 23 वर्षीय खिलाड़ी से स्पेन को काफी उम्मीदें थीं. दूसरी ओर फ्रांस को अपने युवा स्ट्राइकर ह्युगो एकिटिके की कमी खलेगी, जो एड़ी की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं.
जर्मनी की बढ़ीं मुश्किलें
जर्मनी को भी दो बड़े झटके लगे हैं. अनुभवी विंगर सर्ज नेबरी जांघ की मांसपेशी में चोट के कारण विश्व कप नहीं खेल पाएंगे. 59 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 26 गोल कर चुके नेबरी मौजूदा जर्मन टीम के सबसे सफल सक्रिय गोलस्कोररों में शामिल हैं. वहीं युवा प्रतिभा लेनार्ट कार्ल भी चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं.
नेदरलैंड्स के दो अहम खिलाड़ी नहीं खेलेंगे
नेदरलैंड्स के जावी सिमंस एसीएल इंजरी के कारण विश्व कप से बाहर हो गए हैं. 23 वर्षीय मिडफील्डर को सर्जरी करानी पड़ी है. इसके अलावा स्टार डिफेंडर मथायस डी लिक्ट भी पीठ की गंभीर चोट के चलते टीम का हिस्सा नहीं बन पाएंगे. ऐसे में डच टीम को अपने दो अहम खिलाड़ियों के बिना मैदान में उतरना होगा.
कई टीमों की रणनीति पर पड़ेगा असर
विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में अनुभवी और स्टार खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी किसी भी टीम की रणनीति को प्रभावित कर सकती है. ऐसे में अब युवा खिलाड़ियों पर जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वे बड़े मंच पर खुद को साबित करें और अपनी टीम को खिताब की दौड़ में बनाए रखें.
यह भी पढ़ें: FIFA World Cup 2026: कौन हैं उमर आर्टन, जिन्हें अमेरिका ने इतिहास रचने से रोक दिया
