Durand Cup 2026: रूस के व्लादिवोस्तोक में पले-बढ़े और कैमरून में जन्मे स्ट्राइकर मारात तारेक इन दिनों डूरंड कप में अपने खेल के साथ-साथ भारत के प्रति अपने लगाव को लेकर भी चर्चा में हैं. रियल कश्मीर एफसी के बाद इस सीजन वह समलेश्वरी स्पोर्टिंग की ओर से खेल रहे हैं और अपने प्रदर्शन से लगातार प्रभावित कर रहे हैं.
डूरंड कप का माहौल देख रह गए दंग
मारात तारेक ने कहा कि भारत आने से पहले उन्हें यहां के फुटबॉल माहौल का अंदाजा नहीं था. पिछले सीजन इम्फाल में TRAU FC के खिलाफ मैच को याद करते हुए उन्होंने कहा कि स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों का जोश अविश्वसनीय था.
मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि यहां ऐसा माहौल देखने को मिलेगा. स्टेडियम सचमुच हिल रहा था. एशिया के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है.
डूरंड कप में लगातार कर रहे हैं शानदार प्रदर्शन
पिछले सीजन रियल कश्मीर की ओर से खेलते हुए तारेक ने TRAU FC और NEROCA FC के खिलाफ गोल दागकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. इस सीजन समलेश्वरी स्पोर्टिंग के लिए भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी है. बागपत एफसी के खिलाफ उन्होंने गोल कर टीम की 4-1 की जीत की नींव रखी.
'भारतीय फुटबॉल को दुनिया कम आंकती है'
तारेक का मानना है कि दुनिया भारतीय फुटबॉल को जितना समझती है, उससे कहीं ज्यादा क्षमता यहां मौजूद है. यूरोप समेत दुनिया के कई लोग भारतीय फुटबॉल को कम आंकते हैं. मेरे लिए डूरंड कप भारतीय फुटबॉल का एक अनमोल हीरा है. मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में इस टूर्नामेंट को दुनिया भर में और पहचान मिलेगी.
भारतीय खिलाड़ियों की भी की तारीफ
मारात ने भारतीय सेना फुटबॉल टीम की अनुशासित शैली की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों में काफी प्रतिभा है और किसी भी टीम को उन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए.
चिकन बिरयानी बनी पसंदीदा
मैदान के बाहर भी मारात पूरी तरह भारतीय रंग में रंग चुके हैं. भारत आने से पहले वह सिर्फ बॉलीवुड के बारे में जानते थे, लेकिन अब उन्हें यहां की संस्कृति, लोगों और खाने से खास लगाव हो गया है. अगर कहीं जाना हो तो बिना सोचे मुझे सिर्फ चिकन बिरयानी दे दीजिए, मैं खुश हो जाऊंगा. इसके अलावा उन्हें भारतीय दूध वाली चाय भी काफी पसंद है.
ISL में खेलने का सपना
मारात तारेक का अगला लक्ष्य इंडियन सुपर लीग (ISL) में खेलना है. फिलहाल वह समलेश्वरी स्पोर्टिंग के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं और डूरंड कप में अपनी टीम को सफलता दिलाने पर पूरा ध्यान लगा रहे हैं. रूस और भारत की संस्कृति अलग हो सकती है, लेकिन फुटबॉल पूरी दुनिया को जोड़ता है. मैदान पर जीतने की भूख हर खिलाड़ी में एक जैसी होती है.
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