'टीम के लिए खून देने को तैयार', WTC फाइनल में 9 विकेट चटकाने वाले रबाडा का खुलासा

WTC Final: पिछले शनिवार को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर खिताब अपने नाम किया. 27 साल बाद दक्षिण अफ्रीका ने कोई आईसीसी ट्रॉफी जीती और अपने पर लगे चोकर्स के धब्बे को धो डाला. इस जीत में कैगिसो रबाडा का योगदान उल्लेखनीय रहा, जिन्होंने दोनों पारियों में 9 विकेट चटकाए.

WTC Final: पिछले हफ्ते लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में ऐतिहासिक जीत के बाद, दक्षिण अफ़्रीका के तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा खुद को स्टार नहीं मानते, हालांकि आंकड़े कुछ और ही बताते हैं. WTC फ़ाइनल 10 सेशन तक चला और प्रोटियाज ने ऑस्ट्रेलिया को 212 रनों पर समेटने के बाद शुरुआत में ही बढ़त हासिल कर ली. बढ़त के बावजूद, दक्षिण अफ्रीका ने मौके का फायदा नहीं उठाया और अपनी पहली पारी में 138 रनों पर सिमट गए. इस झटके के बाद भी, दक्षिण अफ्रीका ने हार नहीं मानी. उन्होंने दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया को जकड़ लिया और एक समय पर उन्हें 73/7 पर लाकर खड़ा कर दिया. हालांकि, एलेक्स कैरी और मिशेल स्टार्क के आखिरी क्षणों में किए गए शानदार प्रदर्शन ने ऑस्ट्रेलिया की बढ़त को 282 तक पहुंचा दिया. Ready to give blood reveals Rabada who took 9 wickets in WTC Final

सपाट पिच पर चमका मारक्रम का बल्ला

अब बारी दक्षिण अफ्रीका की थी. सपाट पिच पर, एडेन मारक्रम के शानदार 136 रनों की बदौलत प्रोटियाज ने पांच विकेट से जीत हासिल की, जिससे दक्षिण अफ्रीका ने 1998 के बाद अपना पहला ICC खिताब जीता. दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कोच कॉनराड ने जीत के बाद कहा, ‘हमने इसे कहां बदला? जाहिर है, गेंदबाजी प्रदर्शन, क्योंकि हम आसानी से मैदान में फेल हो सकते थे और फिर वे हमसे बड़े पैमाने पर दूर हो सकते थे. कैगिसो रबाडा का शानदार प्रदर्शन, यही कारण है कि वह सुपरस्टार है. वह जानता था कि हमारे पास एक मौका था.’

रबाडा ने दोनों पारियों में चटकाए 9 विकेट

रबाडा ने दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई की और 9/110 के मैच के आंकड़ों के साथ कमाल कर दिया. 30 वर्षीय यह खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका के सर्वकालिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में चौथे स्थान पर है और इस प्रारूप में 200 से अधिक विकेट लेने वाले किसी भी खिलाड़ी के लिए खेल में सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट रखता है. अपने सभी कारनामों के बावजूद, रबाडा ने खुद को स्टार मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, ‘मैं खुद को स्टार के रूप में नहीं देखता. मैं खुद को ऐसे व्यक्ति के रूप में देखता हूं जो इस टीम के लिए अपना खून देने को तैयार है और कड़ी मेहनत और सुधार जारी रखता है. मैं एक क्रिकेटर के रूप में हमेशा सुधार करना चाहता हूं और बहुत गर्व के साथ इस बैज के लिए खेलता हूं.’

कंगारू बल्लेबाजों को रोकने में रबाडा का बड़ा रोल

उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत मेहनत कर रहा हूं और जब आप थोड़े थके हुए होते हैं तो दूसरी पारी के स्पैल ज्यादा मायने रखते हैं. आप खेल से पीछे हो सकते हैं या आप खेल से आगे भी हो सकते हैं. इस बार हम खेल से पीछे हैं. लेकिन मुझे लगता है कि यह सिर्फ शांत रहने और हमारे सामने जो है उसे देखने के बारे में था. मैं खुद को इसी तरह देखता हूं.’ वह रबाडा ही थे, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को रोके रखा और उन्हें रन बनाने का कोई मौका नहीं दिया. दिग्गजों से सजी टीम रन के लिए तरसती रही.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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