WTC 2027 Final: भारत के 5 सर्वश्रेष्ठ मैदान, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2027 फाइनल के लिए

WTC 2027 Final: अगर भारत 2027 के डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचता है तो यह घरेलू दर्शकों के लिए बेहद खास मौका होगा. टेस्ट क्रिकेट में दर्शकों की कम होती संख्या कई बोर्ड्स के लिए चिंता का विषय बन चुकी है. इस समस्या का जिक्र कई बार किया गया है. ऐसे में भारत की मेजबानी की बोली क्रिकेट के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि यहां टेस्ट क्रिकेट को लेकर दर्शकों में खासा जुनून है.

WTC 2027 Final: आईपीएल 2025 के सस्पेंड होने के बाद भारतीय क्रिकेट का ध्यान उसके नए शेड्यूल पर है. इसके साथ ही क्रिकेट फैंस को अगले महीने होने वाले विश्व टेस्ट चैपियनशिप 2025 के फाइनल का भी आनंद देखने को मिल सकता है. यही नहीं रोमांच का तड़का और भी चरम पर पहुंचेगा, जब भारत इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैच से अपने 2025 -27 के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की शुरुआत करेगा. हालांकि इससे पहले कि इन विषयों पर बात आगे बढ़ती बीसीसीआई ने एक और खुशखबरी दी, जब यह सूचना आई कि वह 2027 के WTC फाइनल की मेजबानी करना चाहता है. जिम्बाबवे में पिछले महीने हुई आईसीसी मीटिंग में आईपीएल चेयरमैन ने इस बाबत की थी. 

अगर भारत 2027 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल की मेज़बानी करता है, तो यह न केवल ऐतिहासिक होगा बल्कि भारतीय क्रिकेट की प्रतिष्ठा को भी और ऊंचाइयों तक ले जाएगा. अब तक हुए दो फाइनल इंग्लैंड में ही हुए हैं. पहपला भारत और न्यूजीलैंड के बीच 2021 का फाइनल इंग्लैंड के हैम्पशायर के रोज बाउल क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया था, जबकि 2023 का संस्करण फिर से इंग्लैंड के ओवल में खेला गया था. वहीं तीसरा फाइनल भी लॉर्ड्स में 11 जून से खेला जाएगा. हालांकि अगर भारत यह मेजबानी हासिल करने में सफल होता है, तो ऐसे में सवाल यह है कि भारत के कौन से पांच मैदान इस ऐतिहासिक मैच की मेजबानी के सबसे योग्य हैं? आइए विस्तार से जानते हैं.

1. ईडन गार्डन, कोलकाता

भारत का सबसे पुराना और सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट स्टेडियम, ईडन गार्डन सिर्फ एक मैदान नहीं, बल्कि क्रिकेट की विरासत है. 68,000 दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम कई ऐतिहासिक टेस्ट मुकाबलों का गवाह रहा है, जिसमें भारत-ऑस्ट्रेलिया 2001 की यादगार टेस्ट जीत भी शामिल है. 1934 में इस मैदान पर खेला गया पहला टेस्ट मैच अब तक 42 मैचों की मेजबानी कर चुका है. ‘सिटी ऑफ जॉय’ कोलकाता का यह मैदान देश और दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक तीर्थस्थल जैसा है.

ईडन गार्डंस मैदान. इमेज- bcci/x

2. वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई 

33,000 से थोड़ी अधिक क्षमता होने के बावजूद, वानखेड़े क्रिकेट इतिहास का अहम हिस्सा है. 2011 के वर्ल्ड कप फाइनल में एमएस धोनी का ऐतिहासिक छक्का इसी मैदान पर लगा था. यह तेंदुलकर का घरेलू मैदान भी है और उन्होंने यहीं अपना विदाई टेस्ट खेला था. वानखेड़े स्टेडियम में अब तक 26 टेस्ट मैच खेले गए हैं. मुंबई की क्रिकेट संस्कृति और मीडिया सुविधा इसे एक प्रमुख दावेदार बनाती है.

वानखेड़े स्टेडियम. इमेज- mufaddal vohra/x

3. एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु 

बेंगलुरु का यह मैदान अपनी तेज आउटफील्ड, बल्लेबाजों के अनुकूल पिच और उत्साही भीड़ के लिए प्रसिद्ध है. 40,000 की दर्शक क्षमता और सुंदर लोकेशन इसे न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए बल्कि दर्शकों के लिए भी खास बनाता है. इस मैदान पर 1974-75 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला टेस्ट मैच खेला गया था. इस मैदान पर अब तक कुल 24 टेस्ट मैच खेले गए हैं. आईटी सिटी होने के कारण यहां लॉजिस्टिक और तकनीकी सुविधाएं भी उच्च स्तर की हैं.

एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम, इमेज- सोशल मीडिया (एक्स)

4. एमए चिदंबरम स्टेडियम, चेपॉक (चेन्नई) 

भारत का दूसरा सबसे पुराना टेस्ट स्थल, यह मैदान अपनी क्रिकेट विरासत और जुनूनी दक्षिण भारतीय दर्शकों के लिए प्रसिद्ध है. यहां भारत ने 1952 में इंग्लैंड के खिलाफ अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की थी. 38,000 की क्षमता और समृद्ध इतिहास के साथ यह स्थल टेस्ट क्रिकेट के लिए आदर्श माना जाता है. स्पिनर्स के लिए स्वर्ग इस मैदान पर अब तक कुल 34 टेस्ट मैच खेले गए हैं, ऐसे में यह सबसे ज्यादा मैच खेले गए स्टेडियम्स में से एक है.  

एमए चिदंबरम स्टेडियम, इमेज- सोशल मीडिया (एक्स)

5. नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद

132,000 की विशाल दर्शक क्षमता के साथ यह दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है. हाल के वर्षों में यह आधुनिक सुविधाओं और भव्यता के कारण बड़े आयोजनों के लिए पहली पसंद बन गया है. 2023 में इसी स्टेडियम में वनडे वर्ल्ड कप फाइनल खेला गया था, इसलिए WTC फाइनल के लिए भी यह एक मजबूत दावेदार है. 1982 में पहले मोटेरा स्टेडियम के नाम से जाने वाले इस मैदान पर अब तक कुल 15 टेस्ट मैच खेल गए हैं. 

नरेंद्र मोदी स्टेडियम, इमेज- सोशल मीडिया (एक्स)

अगर भारत 2027 के डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचता है तो यह घरेलू दर्शकों के लिए बेहद खास मौका होगा. टेस्ट क्रिकेट में दर्शकों की कम होती संख्या कई बोर्ड्स के लिए चिंता का विषय बन चुकी है. इस समस्या का जिक्र कई बार किया गया है. ऐसे में भारत की मेजबानी की बोली क्रिकेट के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि यहां टेस्ट क्रिकेट को लेकर दर्शकों में खासा जुनून है. 

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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