पैरा-एथलीट और सामाजिक कार्यकर्ता सुवर्णा राज ने रेलवे पर एक बार फिर दिव्यांगों के साथ बेरुखी का आरोप लगाया. इंटरनेशनल टूर्नामेंट में मेडल जीत चुकीं सुवर्णा बुधवार को नागपुर से दिल्ली के लिए ट्रेन का टिकट बुक किया, पर उन्हें अपर सीट दे दिया गया. उन्होंने दिव्यांगों के लिए रिजर्व्ड कोच का टिकट लिया तो अपर बर्थ अलॉट हुई. व्हीलचेयर पर चलने वाली एथलीट सुवर्णा के साथ साल 2017 में भी ऐसी ही घटना घटी थी जब उन्हें गरीब रथ एक्सप्रेस में अपर बर्थ अलॉट किया गया था.
चौंकाने वाली बात ये है कि सुवर्णा के साथ ऐसी ही घटना साल 2017 में हुई थी जब उन्होंने दिल्ली आने के लिए गरीब रथ एक्सप्रेस में टिकट कराया था. उस समय सवर्णा को अपर बर्थ अलॉट हुई थी. एथलीट ने कई बार टीटीई और रेलवे अफसरों से बर्थ बदलने की गुहाई लगाई, लेकिन हर बार अनसुना कर दिया था. मजबूरी में एथलीट को ट्रेन के फर्श पर सोना पड़ा था. बाद में इस मामले को रेलवे ने गंभीरता से लिया था और इसके जांच के भी आदेश दिए थें. पर चाल साल बाद मानो फिर सब कुछ वैसा ही हुआ. सुवर्णा ने ट्वीट कर फिर से इस मामले को उठाया है.
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सुवर्णा राज ने कहा कि अपर बर्थ अलॉट होने पर अंततः उन्हें एक वरिष्ठ नागरिक के साथ सीट को बदला, जिन्हें उस बर्थ पर चढ़ने के लिए काफी कठिनाई हुई. जानकारी के लिए बता दें कि सुवर्णा राज पोलियो की वजह से करीब 90 फीसदी विकलांग है. जिसकी वजह से उन्होंने व्हील चेयर पर रहना पड़ता है. व्हीलचेयर पर रहते हुए कभी हार नहीं मानी और टेबल टेनिस प्लेयर बनीं. 2013 में थाईलैंड के पैरा टेबल टेनिस ओपन में दो मेडल अपने नाम किए थे. 2014 में उन्होंने साउथ कोरिया में पैरा एशियन गेम्स में भी हिस्सा लिया था. एमसीडी इलेक्शन में योगेंद्र यादव की पार्टी स्वराज इंडिया ने उन्हें बेगमपुर से टिकट भी दिया था.
