भारत के लिए यह जरूरी है कि…, जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड पर वीरेंद्र सहवाग का बड़ा बयान

Virender Sehwag on Jasprit Bumrah Workload Management: एशिया कप के लिए जसप्रीत बुमराह भारतीय टीम में लौट आए हैं. एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के बाद बुमराह के सीमित मैच खेलने पर वर्कलोड मैनेजमेंट चर्चा में रहा. इस मामले में वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि वर्कलोड बल्लेबाजों के लिए बड़ी समस्या नहीं, लेकिन तेज गेंदबाजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है ताकि वे लंबे समय तक फिट रह सकें.

Virender Sehwag on Jasprit Bumrah Workload Management: एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के बाद वर्कलोड मैनेजमेंट पर खूब चर्चा हुई. कई फैंस और पूर्व क्रिकेटरों ने सवाल उठाए कि जसप्रीत बुमराह को सिर्फ तीन टेस्ट खेलने तक ही क्यों सीमित रखा गया, जबकि मोहम्मद सिराज लगातार पांचों टेस्ट खेले. हाल ही में बुमराह की एशिया कप में उपलब्धता को लेकर कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन सभी अटकलों पर विराम लग गया जब 31 वर्षीय बुमराह का नाम भारत की 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया.  पूर्व भारतीय ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने क्रिकेट जगत के मौजूदा चर्चित मुद्दे वर्कलोड मैनेजमेंट पर अपनी राय दी है. उनका मानना है कि यह पहलू खासकर तेज गेंदबाजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

सहवाग ने इस पर अपनी राय रखते हुए कहा कि बल्लेबाजों के लिए इसका उतना महत्व नहीं है, लेकिन गेंदबाजों, खासकर तेज गेंदबाजों के लिए यह जरूरी है. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि वर्कलोड महत्वपूर्ण है, खासकर गेंदबाजों के लिए. बल्लेबाजों के लिए मुझे वर्कलोड कोई समस्या नहीं लगता, क्योंकि वे वैसे भी ज्यादा मैच नहीं खेलते. इसलिए यह ज्यादातर गेंदबाजों के लिए जरूरी है, खासकर तेज गेंदबाजों के लिए.”

उन्होंने आगे कहा, “अगर उन्हें सही तरीके से मैनेज किया जाए तो वे लंबे समय तक खेल सकते हैं. भारत के लिए यह जरूरी है कि उसके सभी तेज गेंदबाज फिट रहें, क्योंकि एशिया कप या वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में अगर वे उपलब्ध रहें तो भारत की जीत की संभावना और बढ़ जाएगी.”

चोट के बाद टीम में वापस आए बुमराह

बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चोट के बाद चार महीने मैदान से बाहर ही बिताया. उन्होंने टीम में वापसी की और आईपीएल में अपना जलवा दिखाया. लेकिन टी20 में तो एक दिन में केवल 4 ओवर फेंकने होते हैं, लेकिन टेस्ट मैचों में तो एक-एक स्पेल कई मर्तबा 6-6 ओवर से ज्यादा के हो जाते हैं. ऐसे में काफी हिदायतों और सावधानी के साथ बुमराह और टीम मैनेजमेंट ने भी उन्हें केवल तीन मैच खिलाने का फैसला किया. हालांकि उन्होंने उसमें भी अपना सबकुछ झोंक दिया. इंग्लैंड दौरे के बाद उनके एशिया कप की टीम में जगह मिलने या न मिलने पर काफी चर्चा रही, क्योंकि इस सीरीज के तुरंत बाद भारत 2 अक्टूबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट की घरेलू शृंखला खेलेगा. 

हालांकि अब बुमराह की टीम में वापसी हो गई है. 2024 के टी20 विश्वकप के बाद वे फटाफट क्रिकेट की टीम में लौटे हैं, तो जाहिर है भारत 2026 में होने वाले टी20 विश्वकप को ध्यान में रख रहा होगा. पिछले साल भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत में बुमराह ने अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने टूर्नामेंट में 15 विकेट चटकाए और कुल मिलाकर टी20I में 70 मैचों में 89 विकेट झटके हैं, वह भी सिर्फ 17.74 की औसत से.

एशिया कप में टीम इंडिया का शेड्यूल

वहीं एशिया कप की बात करें, तो 9 सितंबर से शुरू हो रहे इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने सूर्यकुमार यादव की कमान में 15 सदस्यीय स्क्वॉड तैयार किया है. इसमें शुभमन गिल भी उनके डेप्युटी के तौर पर एक साल बाद लौटे हैं. भारत अपने अभियान की शुरुआत 10 सिंतबर को यूएई के खिलाफ करेगा. वहीं इस टूर्नामेंट का सबसे हाई वोल्टेज मुकाबला 14 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ होगा, जबकि भारत का आखिरी लीग मैच 19 सितंबर को ओमान के खिलाफ खेलेगा.

एशिया कप 2025 में 8 टीमें हिस्सा ले रही हैं. इनको दो ग्रुप में बांटा गया है. ग्रुप ए में- भारत, पाकिस्तान, यूएई और ओमान हैं. जबकि ग्रुप बी में- पाकिस्तान, श्रीलंका, अफगानिस्तान और हांगकांग हैं.  टूर्नामेंट का पहला मैच 9 सितंबर को अफगानिस्तान और हांगकांग के बीच होगा.

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