Vijay Hazare Trophy: बारिश बनी विलेन, सेमीफाइनल की रेस से मुंबई आउट, कर्नाटक ने 55 रन से हराया

Vijay Hazare Trophy: क्वार्टर फाइनल में कर्नाटक ने मुंबई को वीजेडी नियम से 55 रन से हरा दिया है. इस जीत के साथ कर्नाटक सेमीफाइनल में पहुंच गया है. बारिश से बाधित मैच में देवदत्त पडिक्कल और करुण नायर ने शानदार अर्धशतक लगाए. इससे पहले विद्याधर पाटिल की गेंदबाजी ने मुंबई को 254 रन पर रोक दिया था.

By Aditya Kumar Varshney | January 12, 2026 8:50 PM

Vijay Hazare Trophy: घरेलू क्रिकेट के सबसे रोमांचक टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) में कर्नाटक की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है. कर्नाटक ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मजबूत मुंबई की टीम को हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है. बारिश और खराब रोशनी के कारण इस मैच का फैसला वीजेडी (VJD) नियम के तहत हुआ, जिसमें कर्नाटक ने 55 रनों से बड़ी जीत दर्ज की.

मैच में कर्नाटक के सामने जीत के लिए 255 रनों का लक्ष्य था. टीम ने बहुत ही सधी हुई शुरुआत की और जब बारिश के कारण खेल रोका गया, तब तक कर्नाटक ने 33 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 187 रन बना लिए थे. उस समय कर्नाटक वीजेडी नियम के हिसाब से जरूरी स्कोर से काफी आगे था, जिसके कारण उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया.

पडिक्कल और नायर की दमदार साझेदारी

लक्ष्य का पीछा करते हुए कर्नाटक के बल्लेबाजों ने मुंबई के गेंदबाजों को हावी होने का कोई मौका नहीं दिया. खासकर देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) और करुण नायर (Karun Nair) ने मैच का रुख पूरी तरह अपनी टीम की तरफ मोड़ दिया. पडिक्कल हालांकि अपने शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने 95 गेंदों पर नाबाद 81 रनों की बेहतरीन पारी खेली. इसमें 11 चौके शामिल थे.

दुसरे छोर पर करुण नायर ने उनका पूरा साथ दिया. नायर ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 80 गेंदों में नाबाद 74 रन बनाए और उन्होंने भी अपनी पारी में 11 चौके लगाए. इन दोनों के बीच हुई अटूट साझेदारी ने मुंबई की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और कर्नाटक को सेमीफाइनल का टिकट दिला दिया.

मयंक के आउट होने के बाद एकतरफा हुआ मैच

कर्नाटक की पारी में एकमात्र विकेट कप्तान मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) का गिरा. मयंक 12 रन बनाकर मोहित अवस्थी की गेंद पर आउट हुए. उस समय लगा था कि मुंबई मैच में वापसी कर सकता है, लेकिन इसके बाद पडिक्कल और नायर जम गए. दोनों ने मिलकर मुंबई के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और रन गति को कम नहीं होने दिया. जब खराब रोशनी और बारिश ने खेल रोका, तो कर्नाटक की स्थिति इतनी मजबूत थी कि मुंबई के पास वापसी का कोई रास्ता नहीं बचा था.

विद्याधर पाटिल की घातक गेंदबाजी

इससे पहले, मैच की शुरुआत में कर्नाटक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो बिल्कुल सही साबित हुआ. कर्नाटक के तेज गेंदबाज विद्याधर पाटिल ने मुंबई के टॉप ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया. पाटिल ने 10 ओवर में 42 रन देकर 3 विकेट झटके.

मुंबई की शुरुआत अच्छी नहीं रही और एक समय 18 ओवर के अंदर ही उनके 4 विकेट सिर्फ 60 रन पर गिर गए थे. खतरनाक बल्लेबाज मुशीर खान (9 रन) और हार्दिक तमोरे (1 रन) जल्दी पवेलियन लौट गए. अंगकृष रघुवंशी और ईशान मूलचंदानी ने कुछ देर टिकने की कोशिश की, लेकिन कर्नाटक के गेंदबाजों ने उन्हें बड़ी पारी नहीं खेलने दी. विद्वत कावेरप्पा ने भी अच्छी गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट अपने नाम किए.

शम्स मुलानी ने मुंबई को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया

शुरुआती झटकों के बाद मुंबई की पारी लड़खड़ा गई थी, लेकिन शम्स मुलानी ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की. मुलानी ने 86 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को संभाला. उनका साथ कप्तान सिद्धेश लाड ने दिया, जिन्होंने 38 रन बनाए. इन दोनों ने मिलकर 76 रनों की साझेदारी की, जिससे मुंबई मैच में वापस आ सका.

बाद में साईराज पाटिल ने भी 33 रनों का योगदान दिया, जिसकी बदौलत मुंबई की टीम निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट खोकर 254 रन बनाने में सफल रही. हालांकि, कर्नाटक की मजबूत बल्लेबाजी के सामने यह स्कोर नाकाफी साबित हुआ. कर्नाटक के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वे पिछले मैच में मध्य प्रदेश से हारकर आए थे, लेकिन इस नॉकआउट मैच में उन्होंने शानदार वापसी की.

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