‘कोई दबाव नहीं था…’, आलोचकों को बल्ले से जवाब देने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने लूटी महफिल

ट्राई नेशन सीरीज के फाइनल में 29 गेंदों पर 94 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारत ए को चैंपियन बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि उन पर किसी तरह का दबाव नहीं था. उसी का नतीजा मैदान पर रिकॉर्डतोड़ पारी के रूप में देखने को मिला.

Vaibhav Sooryavanshi: भारत ए के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई नेशन सीरीज के फाइनल में तूफानी बल्लेबाजी कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. दांबुला में खेले गए खिताबी मुकाबले में 15 वर्षीय बल्लेबाज ने महज 29 गेंदों पर 94 रन ठोक दिए और भारत ए की 66 रन की जीत में सबसे बड़ी भूमिका निभाई. उनकी इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.

11 गेंदों में जड़ा रिकॉर्डतोड़ अर्धशतक

सूर्यवंशी ने अपनी पारी के दौरान सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक है. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने मैच के शुरुआती 10 ओवरों में ही श्रीलंका ए को बैकफुट पर धकेल दिया और भारत ए को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. फाइनल में विस्फोटक पारी के बाद वैभव ने कहा कि उन पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं था.

पुरस्कार समारोह में क्या बोले वैभव सूर्यवंशी?

मैच के बाद पुरस्कार समारोह में वैभव ने कहा कि फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में भी उन्हें किसी तरह का दबाव महसूस नहीं हुआ. मैंने ज्यादा कुछ नहीं सोचा था. बस पहले 10 ओवरों के लिए जो योजना बनाई थी, उसे लागू करना चाहता था और फिर उसी को आगे बढ़ाना था.

टूर्नामेंट में फाइनल से पहले उनका प्रदर्शन बहुत प्रभावशाली नहीं रहा था. उन्होंने चार पारियों में कुल 117 रन बनाए थे, जिसके बाद उनकी बल्लेबाजी और स्वभाव दोनों पर सवाल उठने लगे थे. हालांकि वैभव ने साफ किया कि उन्होंने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया. उन्होंने कहा कि कोई दबाव नहीं था. मैं बस वह नहीं कर पा रहा था जो करना चाहता था. कोचेज से बात करने के बाद चीजें सही हो गईं. इस सीरीज से मैंने बहुत कुछ सीखा है.

श्रीलंका के खिलाफ पिछली भिड़ंत रही थी विवादों में

फाइनल से पहले भारत ए और श्रीलंका ए की पिछली भिड़ंत सुपर ओवर तक पहुंची थी, जिसमें भारत को हार का सामना करना पड़ा था. उसी मैच में वैभव की श्रीलंकाई खिलाड़ियों के साथ मैदान पर बहस भी हुई थी. ऐसे में फाइनल में उनकी यह पारी आलोचकों को जवाब देने वाली साबित हुई.

50 ओवर के क्रिकेट में भी दिखाया दम

वैभव को अब तक टी20 क्रिकेट के आक्रामक बल्लेबाज के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन उन्होंने कहा कि वह 50 ओवर के प्रारूप में भी खुद को सहज महसूस करते हैं. मैंने काफी 50 ओवर क्रिकेट खेला है. शायद लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. चुनौती अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की थी और मुझे यह करना अच्छा लगा.

टीम इंडिया में डेब्यू की तैयारी

इस शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है. युवा बल्लेबाज को इसी महीने भारत की सीनियर टी20 टीम में डेब्यू करने का मौका मिल सकता है और फाइनल में खेली गई यह रिकॉर्डतोड़ पारी उनके लिए बड़े मंच पर उतरने से पहले किसी बड़े संदेश से कम नहीं है.

यह भी पढ़ें: सूर्यवंशी के ‘वैभव’ से चमका भारत, श्रीलंका ए को हराकर ट्राई सीरीज पर जमाया कब्जा

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ujjawal Sinha

उज्जवल कुमार सिन्हा | स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट

उज्जवल कुमार सिन्हा एक अनुभवी स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट हैं और पिछले छह वर्षों से खेल पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. वर्तमान में वह प्रभात खबर के स्पोर्ट्स सेक्शन में लीड की भूमिका निभा रहे हैं, जहां कंटेंट प्लानिंग, SEO-आधारित डिजिटल कंटेंट, एक्सप्लेनर, डेटा-ड्रिवन स्टोरी, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट, लाइव कवरेज और प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की डिजिटल रणनीति से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालते हैं.

पत्रकारिता का अनुभव

अपने करियर के दौरान उज्जवल ने क्रिकेट, फुटबॉल, प्रो कबड्डी लीग, महिला क्रिकेट, रणजी ट्रॉफी, झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) और अन्य प्रमुख खेल आयोजनों की व्यापक कवरेज की है. वह मैच रिपोर्ट, खिलाड़ियों की प्रोफाइल, रिकॉर्ड्स एवं आंकड़ों पर आधारित विश्लेषण, एक्सप्लेनर, विशेष फीचर स्टोरी और खेल जगत से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन करते हैं. उनकी विशेष रुचि डेटा-आधारित खेल विश्लेषण और जटिल खेल विषयों को सरल एवं रोचक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में है.

पेशेवर सफर

प्रभात खबर से पहले उज्जवल नवभारत, CricTracker, स्पोर्ट्स तक (इंडिया टुडे ग्रुप), जनसत्ता और एपीएन न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खिलाड़ियों, कोचों, खेल प्रशासकों और स्पोर्ट्स कमेंटेटरों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं. डिजिटल पत्रकारिता, रियल-टाइम न्यूज कवरेज, SEO रणनीति और ऑडियंस-केंद्रित कंटेंट निर्माण उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल हैं.

शैक्षणिक पृष्ठभूमि

शैक्षणिक रूप से उज्जवल ने संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से मास कम्युनिकेशन में स्नातक तथा सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार से मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है.

खेल से जुड़ाव

पत्रकारिता में आने से पहले उज्जवल स्वयं क्रिकेट खेल चुके हैं और बिहार स्टेट क्रिकेट कैंप का हिस्सा रहे हैं. मैदान पर खेलने का यह अनुभव उन्हें खेल की तकनीकी बारीकियों, खिलाड़ियों की मानसिकता, रणनीति और मैच परिस्थितियों को गहराई से समझने में मदद करता है. यही अनुभव उनकी रिपोर्टिंग और विश्लेषण को अधिक सटीक, तथ्यपरक और विश्वसनीय बनाता है.

लेखन शैली और दृष्टिकोण

उज्जवल की पत्रकारिता शैली शोध-आधारित, तथ्यपरक और डेटा-समर्थित रिपोर्टिंग पर केंद्रित है. उनका उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि खेल से जुड़ी हर महत्वपूर्ण घटना के पीछे की कहानी, संदर्भ और आंकड़ों को विश्वसनीय तथा सरल रूप में पाठकों तक पहुंचाना है. खेल पत्रकारिता में उनकी पहचान गहन रिसर्च, सटीक विश्लेषण, एक्सक्लूसिव कंटेंट और पाठक-केंद्रित लेखन के लिए है.

विशेषज्ञता (Expertise)

  • क्रिकेट (अंतरराष्ट्रीय और घरेलू)

  • फुटबॉल

  • प्रो कबड्डी लीग

  • महिला क्रिकेट

  • IPL, रणजी ट्रॉफी, JPL एवं अन्य घरेलू टूर्नामेंट

  • डेटा-आधारित खेल विश्लेषण

  • एक्सप्लेनर एवं फीचर स्टोरी

  • SEO-आधारित डिजिटल कंटेंट

  • स्पोर्ट्स कंटेंट प्लानिंग

  • एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

  • रिकॉर्ड्स, आंकड़े एवं रिसर्च आधारित रिपोर्टिंग

  • लाइव स्पोर्ट्स कवरेज एवं डिजिटल ऑडियंस रणनीति

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >