‘विराट को समझाने की कोशिश की, लेकिन…’, कोहली रिटायरमेंट को पूर्व कोच ने बताया दुखद दिन

Sanjay Bangar on Virat Kohli Test Retirement: 12 मई को विराट कोहली ने अपने 14 साल लंबे टेस्ट करियर को अलविदा कह दिया. इंग्लैंड दौरे से पहले टीम इंडिया को अनुभवी नंबर-4 बल्लेबाज की कमी खलेगी. पूर्व कोच संजय बांगड़ ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन कोहली ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए संन्यास का फैसला बरकरार रखा.

Sanjay Bangar on Virat Kohli Test Retirement: विराट कोहली ने 12 मई को अपने 14 साल के लंबे टेस्ट कैरियर को अलविदा कह दिया. यह फैसला भारत के इंग्लैंड दौरे से ठीक एक महीने पहले आया. उनके जाने के बाद टीम इंडिया को नंबर चार पर एक अनुभवी खिलाड़ी की कमी जरूर खलेगी. हालांकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के पूर्व मुख्य कोच संजय बांगड़ ने विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का फैसला बदलने के लिए समझाने की कोशिश की थी. लेकिन विराट ने अपने फैसले पर अडिग रहते हुए इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट के जरिए टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया. 

संजय बांगड़ भारतीय टीम और RCB में विराट के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने इस फैसले को “निजी तौर पर दुखद दिन” बताया. उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह व्यक्तिगत रूप से दुखद दिन था. वह अपने दौर के दिग्गज थे. मैंने उन्हें समझाने की कोशिश की. उनके पास अभी भी टेस्ट क्रिकेट के कुछ अच्छे साल बाकी थे. लेकिन उन्होंने फैसला कर लिया था, वह इसके समय को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थे और फिर पीछे लौटने का कोई रास्ता नहीं था.

उन्होंने आगे कहा, “हमें उनका फैसला सम्मानपूर्वक स्वीकार करना चाहिए. हमारे देश में छोड़ने को हमेशा सराहा नहीं जाता, लेकिन विराट ने उस वक्त संन्यास लिया जब लोग पूछ रहे थे ‘अभी क्यों?’ और यही एक महान खिलाड़ी की पहचान होती है.”

अपने 14 साल के टेस्ट करियर में विराट कोहली ने भारत को एक विजेता टीम के रूप में स्थापित किया. उन्होंने टीम में आक्रामकता और फिटनेस की नई संस्कृति को बढ़ावा दिया. इस दौरान उन्होंने 123 टेस्ट मैचों में 46.85 की औसत से 9,230 रन बनाए, जिसमें 30 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं. वह टेस्ट क्रिकेट में भारत के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज के रूप में अपना करियर समाप्त कर गए. 

तीन खिलाड़ियों का करियर एक दौरे से खत्म

विराट का यह फैसला भारतीय टेस्ट टीम में संन्यास के एक नए दौर को दर्शाता है. इससे पहले ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान अपने अंतरराष्ट्रीय करियर से संन्यास ले चुके हैं. इसी दौरे ने रोहित शर्मा के करियर पर भी विराम लगा दिया. कुल मिलाकर देखा जाए, तो ऑस्ट्रेलिया दौरे में तीनों खिलाड़ियों का आखिरी टेस्ट रहा. पांच टेस्ट मैचों में एडिलेड में खेले गए दूसरे मैच के बाद अश्विन ने संन्यास लिया. मेलबर्न में खेला गया चौथा टेस्ट मैच रोहित शर्मा का आखिरी टेस्ट रहा, क्योंकि खराब फॉर्म की वजह से उन्होंने अंतिम टेस्ट से बाहर रहने का फैसला किया था. वहीं सिडनी में खेला गया पांचवां और अंतिम टेस्ट विराट के टेस्ट कैरियर का लास्ट मैच साबित हुआ.  

विराट कोहली के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरा बेहद निराशाजनक रहा. उन्होंने इस दौरान पांच मैचों में 21 की औसत से 190 रन बनाए, जबकि पर्थ में खेले गए पहले मैच में उन्होंने शतक जड़ा था. इस दौरे के बाद भारत को चैंपियंस ट्रॉफी में भाग लेना था, जिसमें बांगड़ ने विराट की काफी मदद की थी और इसका फायदा भी उन्हें मिला. चैंपियंस ट्रॉफी में विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ शतक जड़कर भारत को शानदार जीत दिलाई.   

आईपीएल में शानदार प्रदर्शन कर रहे कोहली

चैंपियंस ट्रॉफी के बाद आईपीएल में विराट ने शानदार वापसी की. उन्होंने 8 मई को लीग के स्थगित होने से पहले 11 मैचों में 505 रन बनाकर जबरदस्त खेल दिखाया. हालांकि भारतीय टीम इसके साथ ही इंग्लैंड दौरे की भी तैयारी कर रहा था, जहां उसे पांच टेस्ट मैच खेलने हैं, लेकिन उससे पहले ही विराट ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया. संन्यास के बाद विराट पहली बार कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ RCB के लिए एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैदान पर उतरे. इस मुकाबले में उनके फैंस उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए सफेद कपड़े पहनकर स्टेडियम पहुंचे. हालांकि बारिश के कारण मैच रद्द कर दिया गया. अब आरसीबी का अगला मुकाबला 23 मई को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ होगा. 

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