जिस मैदान पर भारत ने ऑस्ट्रेलिया को दी थी सबसे बड़ी हार, वही गाबा स्टेडियम अब तोड़ा जाएगा, जानें क्या है कारण

The Gabba Stadium: ब्रिस्बेन का ऐतिहासिक गाबा स्टेडियम 2032 ओलंपिक के बाद ध्वस्त किया जाएगा. इसकी जगह विक्टोरिया पार्क में 63,000 सीटों वाला नया स्टेडियम बनेगा, जो ओलंपिक और अन्य बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी करेगा. दशकों से क्रिकेट और AFL का केंद्र रहे गाबा को अब आधुनिक खेल जरूरतों के अनुरूप नहीं माना जा रहा था.

The Gabba Stadium to be demolished: ब्रिस्बेन का ऐतिहासिक गाबा स्टेडियम को तोड़ा जाएगा. आधिकारिक तौर पर ब्रिस्बेन क्रिकेट ग्राउंड के रूप में जाने जाना वाला स्टेडियम 2032 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों के बाद ध्वस्त कर दिया जाएगा. यह फैसला ऑस्ट्रेलियाई खेल जगत में एक बड़ी घटना है, क्योंकि गाबा दशकों से क्रिकेट और AFL (ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल लीग) का प्रमुख केंद्र रहा है. क्वींसलैंड सरकार ने घोषणा की है कि गाबा की जगह ब्रिस्बेन के विक्टोरिया पार्क में एक नया, अत्याधुनिक 63,000 सीटों वाला स्टेडियम बनाया जाएगा. यह नया स्टेडियम 2032 ओलंपिक का मुख्य आयोजन स्थल होगा और भविष्य में भी बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी करेगा.

हाल के वर्षों में, गाबा को उसके पुराने बुनियादी ढांचे और सीमित सुविधाओं के कारण कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. यह वही मैदान है, जहां पर भारत ने 2021 की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान चेतेश्वर पुजारा और ऋषभ पंत की पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया को इस मैदान पर 1988 के बाद पहली बार मात दी थी. यह मैदान ऑस्ट्रेलिया का किला कहा जाता था. इस मैदान ने कई ऐतिहासिक क्रिकेट मैचों और AFL खेलों की मेजबानी की है, लेकिन आधुनिक खेलों की जरूरतों को देखते हुए इसे अब उपयुक्त नहीं माना जा रहा था. इसलिए, सरकार ने इसे हटाकर एक नया स्टेडियम बनाने का फैसला लिया है, जिससे क्वींसलैंड के खेल समुदाय को एक बेहतर और आधुनिक सुविधा मिलेगी. Gabba Cricket Stadium set to be demolished post 2032 olympics.

नए स्टेडियम की अनुमानित लागत करीब 3.8 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर होगी और इसे क्रिकेट, AFL और अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए डिजाइन किया जाएगा. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और क्वींसलैंड क्रिकेट ने इस फैसले का समर्थन किया है, क्योंकि यह नए स्टेडियम को एशेज, आईसीसी टूर्नामेंट और बिग बैश जैसी बड़ी क्रिकेट प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए उपयुक्त बनाएगा. क्वींसलैंड के प्रीमियर डेविड क्रिसफुली ने मंगलवार को यह घोषणा की और कहा कि यह नया स्टेडियम क्रिकेट और अन्य खेलों के लिए एक शानदार मंच बनेगा. 

पहले, गाबा के पुनर्निर्माण के लिए 2.7 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर खर्च किए जाने थे, लेकिन बढ़ती लागतों और विरोध के चलते यह योजना रद्द कर दी गई. अब, सरकार ने फैसला किया है कि गाबा का रखरखाव मुश्किल हो गया है, इसलिए इसे हटाकर एक नया आधुनिक स्टेडियम बनाया जाएगा. गाबा स्टेडियम का भविष्य लंबे समय से अनिश्चित था, खासकर जब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपनी सात साल की स्थल योजना जारी की थी. अब यह स्पष्ट हो गया है कि इंग्लैंड के खिलाफ आगामी एशेज श्रृंखला तक गाबा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी करेगा, इसके बाद इसे बंद कर दिया जाएगा. 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और क्वींसलैंड क्रिकेट ने इस नए स्टेडियम का समर्थन किया है और इसे भविष्य के बड़े आयोजनों जैसे कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी, एशेज और ICC टूर्नामेंटों के लिए आदर्श बताया है. क्रिकेट 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में वापसी करेगा और अगर यह 2032 के ओलंपिक में भी शामिल रहता है, तो गाबा अंतिम बार ओलंपिक मैचों की मेजबानी करेगा. गाबा का पुनर्निर्माण करने की पुरानी योजना को बढ़ती लागतों के कारण रद्द कर दिया गया था. अब इसे पूरी तरह से हटाकर एक नया, आधुनिक स्टेडियम बनाने का फैसला लिया गया है. 

गाबा में क्रिकेट का इतिहास

गाबा 1931 से टेस्ट क्रिकेट की मेजबानी कर रहा है और यहां कई ऐतिहासिक मुकाबले खेले गए हैं. इस स्थल पर पहला टेस्ट 1931 में आयोजित किया गया था और इस स्थल पर 67 पुरुष मैच हुए हैं, साथ ही दो महिला टेस्ट भी हुए हैं. आखिरी टेस्ट मैच भारत के खिलाफ BGT के दौरान बारिश से प्रभावित ड्रॉ था, जो श्रृंखला का तीसरा टेस्ट था. यह पारंपरिक रूप से ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट गर्मियों के लिए एक शुरुआती बिंदु था, लेकिन हाल ही में इसमें बदलाव हुआ, जिसमें पर्थ को इंग्लैंड के खिलाफ 2025-26 एशेज के शुरुआती खेल की मेजबानी करने के लिए तैयार किया गया. ब्रिस्बेन दूसरे टेस्ट की मेजबानी करेगा, जो एक डे-नाइट मैच है. यह ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीज़न की शुरुआत के लिए पारंपरिक मैदान था, लेकिन अब इस भूमिका को पर्थ को सौंपा गया है. 

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