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T20 World Cup 2026: भारत और पाक (IND vs PAK) मैच को लेकर पाकिस्तान सरकार की तरफ से अभी फाइनल फैसला आना बाकी है, लेकिन चर्चा यह है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) इस मैच को छोड़ने (Forfeit) के नफा-नुकसान का हिसाब लगा रहा है. टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले पर जल्द फैसला आ सकता है.
PM और राष्ट्रपति से सलाह ले रहे नकवी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) ने सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ एक लंबी मीटिंग की है. इस मीटिंग में हर तरह के ऑप्शन पर बात हुई. खबर है कि नकवी फिलहाल यूएई (UAE) के दौरे पर हैं और वहां राष्ट्रपति जरदारी के साथ भी सलाह-मशविरा कर रहे हैं.
रिपोर्ट्स का कहना है कि सरकार की तरफ से फाइनल हरी झंडी शुक्रवार या अगले हफ्ते की शुरुआत में मिल सकती है. यानी अगले कुछ दिन क्रिकेट फैंस के लिए बहुत भारी गुजरने वाले हैं.
पहले दो मैच जीतेंगे, तभी लेंगे पंगा
सबसे दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच छोड़ने का फैसला तुरंत नहीं लेगा. सूत्रों का कहना है कि अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट में हिस्सा लेता है, तो वे पहले अपनी टीम का परफॉर्मेंस देखेंगे.
पाकिस्तान के शुरुआती दो मैच नीदरलैंड (7 फरवरी) और अमेरिका (10 फरवरी) के खिलाफ हैं. अगर पाकिस्तान ये दोनों मैच जीत जाता है और उनके अगले राउंड में जाने के चांस मजबूत होते हैं, तभी वे भारत के खिलाफ 15 फरवरी वाला मैच छोड़ने का रिस्क लेंगे. अगर टीम पहले ही हार गई, तो शायद वे ऐसा कदम न उठाएं.
3 अरब डॉलर की डील
भारत के खिलाफ मैच न खेलना PCB के लिए इतना आसान भी नहीं है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण पैसा है. पीसीबी के लीगल एडवाइजर्स ने चेयरमैन नकवी को साफ बता दिया है कि मामला कोर्ट तक जा सकता है.
दरअसल, आईसीसी (ICC) की जियोस्टार (JioStar) के साथ 2027 तक के लिए 3 अरब डॉलर की ब्रॉडकास्ट डील है. भारत-पाकिस्तान मैच इस डील का सबसे ज्यादा कमाई करने वाला हिस्सा है. अगर यह मैच नहीं हुआ, तो ब्रॉडकास्टर को भारी नुकसान होगा और वे आईसीसी पर केस कर सकते हैं.
ICC और दूसरे बोर्ड्स पर क्या असर होगा?
अगर ब्रॉडकास्टर ने मुआवजे की मांग की, तो ICC की कमाई पर असर पड़ेगा. इसका सीधा नुकसान दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड्स को होगा क्योंकि आईसीसी अपनी कमाई का हिस्सा सभी देशों में बांटता है.
ऐसे में अगर पाकिस्तान की वजह से कमाई घटी, तो आईसीसी PCB को नोटिस भेज सकता है और उनकी सालाना फंडिंग में कटौती कर सकता है. पाकिस्तान क्रिकेट, जो पहले ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है, उसके लिए यह बहुत बड़ा झटका हो सकता है.
क्या है आखिरी रास्ता?
अभी जो खबरें आ रही हैं, वे सिर्फ मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से हैं. पीसीबी चेयरमैन अभी पुराने अध्यक्षों से भी राय लेने वाले हैं. कुल मिलाकर पेंच फंसा हुआ है. एक तरफ घरेलू राजनीति और फैंस का दबाव है, तो दूसरी तरफ आईसीसी के नियम और करोड़ों का नुकसान.
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