पत्नी-बेटी घर पर नहीं होती तो छुपकर करते हैं याद, गांगुली को इस बात का है सबसे ज्यादा अफसोस

Sourav Ganguly Reveals his Biggest Regret: सौरव गांगुली ने अपने करियर में 113 टेस्ट और 311 वनडे मैचों में कुल 18575 रन बनाए. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 38 शतक लगाए, लेकिन कई बार शतक के करीब पहुंचकर चूकने का उन्हें अब भी अफसोस है. गांगुली ने अनिल कुंबले के भी टीम से बाहर होने पर जताया अफसोस.

Sourav Ganguly Reveals his Biggest Regret: भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने टेस्ट और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल मिलाकर 18575 रन बनाए, लेकिन उन्हें अपने करियर में कई शतक चूकने का अफसोस है. उन्होंने 311 एकदिवसीय और 113 टेस्ट मैच खेले. अपने समय के बाएं हाथ के दिग्गज बल्लेबाज गांगुली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 38 शतक लगाए हैं लेकिन उन्हें यह संख्या पसंद नहीं है और उन्हें अपने क्रिकेट करियर के दौरान कई शतक चूकने का अफसोस है. गांगुली ने यह अफसोस तब व्यक्त किया जब उनसे पूछा गया कि वह पुराने गांगुली को क्या सलाह देना चाहेंगे.

गांगुली ने पीटीआई के साथ इंटरव्यू में कहा, ‘‘मैं कई बार शतक लगाने से चूक गया, मुझे और अधिक रन बनाने चाहिए थे. मैंने कई बार 90 और 80 रन बनाए.’’ अगर गांगुली के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि वह 30 बार 80 या 90 रन की संख्या पार करने के बाद आउट हुए. अगर वह इन पारियों को भी शतक में बदलने में सफल रहते तो उनके नाम पर 50 से अधिक शतक दर्ज होते. गांगुली जब अकेले होते हैं तो उन्हें अपनी पुरानी पारियां देखना पसंद है. इससे उन्हें यह याद आता है कि वह और अधिक शतक बनाने के कितने करीब थे.

Former bcci president sourav ganguly during an interview with pti at his residence at behala, in kolkata.

जब पत्नी और बेटी सारा नहीं होतीं तब देखता हूं- गांगुली

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने (बल्लेबाजी के) वीडियो तब देखता हूं जब मैं अकेला होता हूं. जब मेरी पत्नी घर में नहीं होती है क्योंकि सारा लंदन में रहती है. मैं यूट्यूब पर जाता हूं और देखता हूं और खुद से कहता हूं अरे फिर 70 रन पर आउट हो गया. मुझे शतक बनाना चाहिए था. लेकिन अब आप इसे बदल नहीं सकते.’’ गांगुली ने वनडे में 72 और टेस्ट क्रिकेट में 35 अर्धशतक लगाए हैं.

अनिल कुंबले के टीम से बाहर होने पर भी जताया दुख

गांगुली ने दुनिया के महानतम लेग स्पिनरों में से एक अनिल कुंबले को टीम से बाहर किये जाने पर अफसोस जताया. एक कप्तान के तौर पर कभी-कभी मुश्किल फैसले लेना जरूरी हो जाता है. आपको किसी खिलाड़ी को बाहर करके उस खिलाड़ी को शामिल करना पड़ता है जो आपको लगता है कि परिस्थितियों या टीम की जरूरत के हिसाब से अधिक बेहतर है. उन्होंने कहा, ‘‘अनिल कुंबले को कुछ बार मौका नहीं मिला, क्योंकि वह बहुत अच्छे खिलाड़ी थे.’’

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By Anant narayan shukla

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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