‘ये इंडिया की समस्या नहीं है’, बेन स्टोक्स पर भड़के सचिन तेंदुलकर, गिल का दिया साथ-इंग्लैंड की लगाई क्लास

Sachin Tendulkar lambasts over Ben Stokes : भारत-इंग्लैंड सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई, जिसमें आखिरी टेस्ट भारत ने 6 रन से जीता. इस सीरीज में मैनचेस्टर में खेला गया चौथा टेस्ट एकमात्र ड्रा हुआ मुकाबला था, जहां शतक के करीब जडेजा ने स्टोक्स का ड्रॉ प्रस्ताव ठुकराया, जिस पर काफी विवाद हुआ. इस पर सचिन तेंदुलकर ने बेन स्टोक्स को लताड़ लगाई है.

Sachin Tendulkar blasts over Ben Stokes : भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की सीरीज सोमवार को केनिंग्टन ओवल में 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुई. पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच में भारत ने 6 रन से शानदार जीत दर्ज की. 5 टेस्ट मैच और 25 दिनों तक चले इस मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी और रोमांचक जंग देखने को मिली. हालांकि, इस सीरीज में कुछ घटनाएं ऐसी भी रहीं, जिन्होंने विवाद और चर्चाओं को जन्म दिया. इनमें सबसे चर्चित प्रसंग मैनचेस्टर के चौथे टेस्ट का रहा, जब शतक के नजदीक पहुंचे रवींद्र जडेजा ने बेन स्टोक्स के सीरीज को ड्रॉ पर खत्म करने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था. इसके बाद नाराज स्टोक्स और उनके साथी खिलाड़ियों को भारतीय बल्लेबाजों पर नाराजगी और तंज कसते देखा गया. यह एकमात्र मैच था, जो इस सीरीज में ड्रॉ पर समाप्त हुआ. 

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए भारत बनाम इंग्लैंड चौथे टेस्ट के आखिरी पलों में बेन स्टोक्स के रवैये की कड़ी आलोचना की. रेडिट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में सचिन ने सवाल उठाया कि जडेजा और सुंदर का अपने शतक पूरे करने के लिए बल्लेबाजी जारी रखना खेल भावना के खिलाफ कैसे हो सकता है. उन्होंने इस जोड़ी की तारीफ करते हुए कहा, “लोग पूछ रहे हैं कि वाशिंगटन ने शतक बनाया, जडेजा ने शतक बनाया, लेकिन क्या यह सही भावना में था? क्यों नहीं हो सकता? वे मैच ड्रॉ के लिए खेल रहे थे. उससे पहले जब इंग्लैंड उन पर पूरी तरह हमला कर रहा था, तब उन्होंने अच्छी तरह उसे संभाला.”

तेंदुलकर ने कहा कि इंग्लैंड के गेंदबाजों को ताजा रखना भारत की चिंता नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा, “मेरे अनुसार, सीरीज अभी जीवंत थी. तो भारत क्यों जाकर (हैंडशेक करके) इंग्लैंड के फील्डरों और गेंदबाजों को आराम देता? अगर इंग्लैंड हैरी ब्रुक को गेंदबाजी देना चाहता था, तो यह बेन स्टोक्स का फैसला था, भारत की समस्या नहीं. मेरे लिए यह बिल्कुल सही था. वे अपने शतकों के लिए नहीं, बल्कि मैच ड्रॉ करने के लिए खेल रहे थे. अगर वे बल्लेबाजी करने आते ही आउट हो जाते, तो हम टेस्ट हार सकते थे. कुछ और विकेट गिरते और हम मुश्किल में पड़ जाते. जब वे बल्लेबाजी करने आए, तो हैरी ब्रुक गेंदबाजी नहीं कर रहे थे, सही है ना? कोई और गेंदबाजी कर रहा था. तो इंग्लैंड के गेंदबाज अगले (पांचवें) टेस्ट के लिए ताजा क्यों रहें? इसका जवाब है आपके पास? नहीं!”

दरअसल भारत इस मैच में इंग्लैंड से पहली पारी के आधार पर 311 रन से पिछड़ रहा था. लेकिन गिल के शतक के बाद रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर ने भारत की पारी को संभाल लिया और इंग्लैंड के बल्लेबाजों को तरसा दिया. जब जडेजा और सुंदर दोनों 80 के पार थे और अपने शतक के करीब थे, तो इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने मैच को समाप्त करने का ऑफर दिया, लेकिन जडेजा ने इससे मना कर दिया. मेहमान टीम को हैंडशेक के प्रस्ताव को ठुकराने का पूरा अधिकार था, लेकिन यह बात स्टोक्स को रास नहीं आई. 

तेंदुलकर ने कहा, “मैं पूरी तरह से भारतीय टीम के साथ हूं, चाहे वह गंभीर हो या शुभमन या जडेजा या वाशिंगटन सुंदर, जिसने भी फैसला किया. मैं 100 फीसदी उनके साथ हूं. पिछले टेस्ट मैच में, जब तेजी लाने का समय था, सुंदर ने वह शानदार तरीके से किया, है ना? जहां क्रीज पर टिके रहने की जरूरत थी, उन्होंने चौथे टेस्ट में ऐसा किया और जब तेजी से रन बनाने की जरूरत थी, उन्होंने पांचवें टेस्ट में ऐसा किया. इसलिए, शाबाश.”

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