आखिरी टेस्ट में Rohit Sharma हुए बाहर, जानें अब तक कैसा रहा उनका कप्तानी वाला सफर

Rohit Sharma: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आखिरी टेस्ट मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है. भारतीय टीम के नियमित कप्तान रोहित शर्मा ने इस मैच में न खेलने का फैसला किया है. जाने उनकी कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन कैसा रहा.

Rohit Sharma: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांचवां और आखिरी टेस्ट सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है. अंतिम टेस्ट मैच में भारत ने अपने कप्तान रोहित शर्मा को आराम दिया है. उनकी जगह जसप्रीत बुमराह को भारतीय टीम का नेतृत्व दिया गया है. रोहित को टीम से बाहर करने का कारण उनकी लगातार विफल रहने वाली पारियां रही हैं. इसके साथ ही उनकी कप्तानी में भारत ने लगातार कई मैच गंवाए हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ क्लीन स्वीप के बाद ऑस्ट्रेलिया में भी भारत ने उनकी अगुवाई में दो मैच गंवा दिए हैं. 

रोहित शर्मा का बैटिंग परफॉर्मेंस पिछले 8 मैचों में बेहद बुरा रहा है. उन्होंने पिछले 8 मैचों की 15 पारियों में केवल 10.93 की औसत से 164 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया में भी उन्होंने तीन टेस्ट की पांच पारियों में केवल 31 रन बनाए. उनकी खराब फॉर्म का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने एक बार भी 10 रन का आंकड़ा नहीं पार किया. वे इस दौरे पर 3, 6, 10, 3 और 9 रन का स्कोर किया है. लेकिन उनकी कप्तानी में पिछले कुछ समय में भारत का प्रदर्शन बेहद बुरा रहा.

रोहित की कप्तानी भी भारत को रास नहीं आई 

रोहित शर्मा ने 24 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की अगुवाई की है. जिसमें इंडिया ने 12 जीत, 9 हार और 3 ड्रॉ हासिल किए हैं. उनका जीत प्रतिशत 50% है जो 10 या उससे ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी करने वाले दूसरे भारतीय कप्तानों से बेहतर है.

लेकिन रोहित का विदेशी टेस्ट मैचों में रिकॉर्ड उतना बढ़िया नहीं रहा है. उनकी कप्तानी में  भारत ने 8 मैचों में से केवल 2 जीते हैं, 2 ड्रा किए हैं और 4 हारे हैं. जो घरेलू परिस्थितियों से बाहर खेलते समय उनके नेतृत्व पर बड़े प्रश्न खड़े करता है. रोहित की कप्तानी में भारत ने लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल भी गंवाया था.

रोहित की टेस्ट कप्तानी का सबसे बढ़िया समय तब आया जब भारत ने 2024 की शुरुआत में घरेलू सीरीज में इंग्लैंड को 4-1 से हराया. इस जीत ने भारतीय धरती पर उनकी नेतृत्व क्षमता को और मजबूत किया. इसके बाद रोहित ने बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैचों में भारत को जीत दिलाई.

इसी साल  रोहित की कप्तानी का शायद सबसे खराब दौर भी आया, जब भारत को न्यूजीलैंड ने अपने घर में क्लीन स्वीप करते हुए 3-0 से हरा दिया. यह 12 साल में भारत की पहली घरेलू हार थी, जो रोहित की कप्तानी के लिए बहुत बड़ा झटका था.

अंतिम टेस्ट मैच से पहले मिल गया था इशारा

मेलबर्न टेस्ट के बाद ड्रेसिंग रूम में कोच गौतम गंभीर ने काफी सख्त लहजे में बात की थी. हालांकि उन्होंने बाद में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि रोहित शर्मा से केवल सामान्य बातचीत हुई. इसी के बाद रोहित शर्मा के आखिरी टेस्ट से बाहर होने की अटकलें लगाई जा रही थीं. सिडनी टेस्ट से पहले रोहित ने अभ्यास सत्र में भी कुछ खास तैयारी नहीं की थी. तभी यह अनुमान लगाया जाने लगा था, कि रोहित अगले टेस्ट में नहीं खेलने वाले हैं. अंतिम टेस्ट में उन्होंने खुद बाहर होकर तमाम अफवाहों को पुष्ट कर दिया है.

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