रोहित शर्मा और संन्यास! अभी नहीं, बचपन के कोच ने बताया हिटमैन का आगे का प्लान, कहा- अभी ये काम बाकी है

Rohit Sharma: चैम्पियंस ट्रॉफी में तीसरी बार खिताब जीतने से पहले यह चर्चा थी कि यह रोहित का आखिरी टूर्नामेंट हो सकता है. हालांकि इस टूर्नामेंट को जीतने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि वह अभी संन्यास लेने के मूड में नहीं हैं. अब उनके बचपन के कोच दिनेश लाड ने कहा कि उनका असली सपना अभी पूरा होना बाकी है.

Rohit Sharma: भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने छह महीने में टीम इंडिया को दो आईसीसी खिताब जिताए, हालांकि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब प्रदर्शन के बाद उनके संन्यास की अटकलें तेज हो गई थीं. लेकिन चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने के बाद रोहित ने खुद इन खबरों को खारिज कर दिया. अब उनके बचपन के कोच दिनेश लाड ने रोहित की तारीफ करते हुए कहा कि उनका असली सपना वनडे विश्व कप जीतना है, जो अभी पूरा होना बाकी है.

दिनेश लाड ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर उसके अंदर अभी बहुत क्रिकेट बचा है. आपने चैम्पियंस ट्रॉफी फाइनल में उसकी पारी देखी होगी, जिसमें उसने पूरी तरह से तकनीकी शॉट खेले और एक भी गलत शॉट नहीं खेला. उसने 2023 वनडे विश्व कप से पहले अपने खेल में बदलाव किया और बड़े शतक लगाने की बजाय अच्छी शुरुआत देने पर ध्यान दिया ताकि टीम को फायदा हो.’’ Dinesh Lad on Rohit Sharma Retirement.

चैम्पियंस ट्रॉफी में तीसरी बार खिताब जीतने से पहले यह चर्चा थी कि यह रोहित का आखिरी टूर्नामेंट हो सकता है. घरेलू टेस्ट सीरीज और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हार के बाद रोहित के फॉर्म, फिटनेस और वजन को लेकर सवाल उठे थे. लेकिन रोहित ने टी20 विश्व कप के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 76 रनों की अहम पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई. इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि वह अभी संन्यास लेने के मूड में नहीं हैं.

2027 का वनडे विश्व कप जरूर जीत सकता है

लाड ने कहा, ‘‘जब उसने टी20 विश्व कप जीतने के बाद उस प्रारूप को अलविदा कहा, तब मुझे पता था कि उसे अभी दो और खिताब जीतने हैं- एक विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप और दूसरा वनडे विश्व कप. दुर्भाग्य से इस बार हम डब्ल्यूटीसी फाइनल में नहीं पहुंचे, लेकिन 2027 का वनडे विश्व कप अभी बाकी है और मुझे लगता है कि वह इसे जरूर जीत सकता है. 2009 से 2011 के बीच उसका फॉर्म खराब था, इसलिए उसे 2011 विश्व कप की टीम में जगह नहीं मिली. इसके बाद उसने वनडे में तीन दोहरे शतक लगाए, टेस्ट डेब्यू में शतक जमाया और टी20 में कई रिकॉर्ड बनाए.’’

हार के बाद बहुत दुखी था

लाड ने 2019 वनडे विश्व कप की हार को याद करते हुए कहा, ‘‘2019 में उसने पांच शतक लगाए थे, फिर भी भारत सेमीफाइनल में हार गया. वह हार के बाद बहुत दुखी था. 2023 में भी भारत ने दस मैच जीते लेकिन आखिरी मुकाबले में हारने के कारण खिताब से चूक गया. मुझे पूरा भरोसा है कि वह 2027 विश्व कप खेलेगा.’’

सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बावजूद अविचलित रहे

लाड ने रोहित के आत्मविश्वास की तारीफ करते हुए कहा कि सोशल मीडिया ट्रोलिंग और आलोचनाओं के बावजूद रोहित ने कभी ध्यान नहीं दिया. लाड ने कहा, ‘‘रोहित ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया. उसने सुपरस्टार्स से भरी टीम इंडिया की जिस तरह से कप्तानी की, वह काबिले तारीफ है. उसने हर मैच में सही फैसले लिए और बल्लेबाजी में अच्छी शुरुआत दी.’’ बरसों पहले स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल में क्रिकेट के कारण रोहित को लेकर आये लाड इस बात से काफी प्रभावित हैं कि सोशल मीडिया ट्रोलिंग, आलोचना और वजन को लेकर टिप्पणी के बावजूद रोहित अविचलित रहे.

रोहित के बचपन के किस्सों का किया जिक्र

रोहित के बचपन के किस्सों का जिक्र करते हुए लाड ने कहा, ‘‘एक बार मुंबई में एक स्कूली मैच के दौरान 240 रनों का पीछा करते हुए हमने 30 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे. मैंने उससे कहा कि हमें यह मैच हर हाल में जीतना है. उसने जवाब दिया कि मुझ पर भरोसा रखिए, हम जीतेंगे. फिर उसने 160 रन बनाए और हमने वह मैच जीत लिया.’’ एक और किस्सा बताते हुए लाड ने कहा, ‘‘जब वह छोटा था और मुंबई की अंडर-19 टीम में चुना गया था, तो उसने मर्सीडीज खड़ी देखी और मुझसे कहा कि एक दिन वह यह कार खरीदेगा. मैंने कहा कि यह बहुत महंगी कार है, लेकिन आज उसके पास ऐसी कई कारें हैं. इससे पता चलता है कि उसे शुरू से भरोसा था कि वह अपनी तकदीर खुद लिखेगा.’’

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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