200-250 बार करनी पड़ी उठक-बैठक, चैंपियंस ट्रॉफी में केएल राहुल हुए परेशान, खुद किया खुलासा क्या रही वजह

KL Rahul: चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम के मध्यक्रम में बैटिंग का आधार रहे केएल राहुल ने विकेट कीपर के रूप में भी शानदार प्रदर्शन किया. लेकिन यह उनके लिए आसान नहीं रहा. KL Rahul on wicketkeeping challenges.

KL Rahul: भारतीय टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल ने चैंपियंस ट्रॉफी में अपनी शानदार बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से सभी का दिल जीत लिया. राहुल ने मध्यक्रम में बेहतरीन प्रदर्शन किया और चार मैचों में तीन बार नाबाद रहते हुए भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत वनडे प्रारूप में फिनिशर की भूमिका को बखूबी निभाया.

केएल राहुल मुख्य रूप से सलामी बल्लेबाज के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी में उन्हें मध्यक्रम में खेलने का मौका मिला. राहुल ने इस भूमिका को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत की राह पर ले गए. विकेटकीपर की भूमिका में भी उन्होंने शानदार खेल दिखाया. राहुल को विकेटकीपिंग की जगह के लिए ऋषभ पंत से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा, लेकिन अपने प्रदर्शन से उन्होंने चयनकर्ताओं के फैसले को सही साबित किया. KL Rahul on wicketkeeping challenges.

विकेटकीपिंग को बताया थकाऊ काम

फाइनल के बाद एक साक्षात्कार में जब राहुल से चैंपियंस ट्रॉफी में विकेटकीपिंग के अनुभव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे एक थकाऊ काम बताया. भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की पत्नी और स्पोर्ट्स एंकर संजना गणेशन ने राहुल से भारत के स्पिन चौकड़ी वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल के खिलाफ विकेटकीपिंग के अनुभव के बारे में सवाल किया. इस पर राहुल ने हंसते हुए कहा, “मजा नहीं आया, संजना! जब ये स्पिनर गेंदबाजी कर रहे होते हैं तो मुझे 200-250 बार स्क्वाट (उठक-बैठक) करना पड़ता है.”

राहुल ने मजाकिया लहजे में कहा कि स्पिनरों की गेंदबाजी के दौरान विकेटकीपिंग करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है. खासकर तब जब वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव जैसे रहस्यमयी गेंदबाज अपनी फिरकी का जादू दिखा रहे हों. राहुल ने स्वीकार किया कि भले ही यह काम थकाऊ था, लेकिन उन्होंने इसे पूरी लगन के साथ निभाया.

खिताब जीतने का अहसास बताया खास

चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद केएल राहुल ने कहा कि भारतीय टीम के साथ इस खिताब को जीतने से बेहतर अहसास उनके लिए कोई और नहीं हो सकता. राहुल ने स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में कहा, “मुझे नहीं लगता कि इससे बेहतर कोई और एहसास हो सकता है. मैंने कुछ महीने पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि अब से मेरा पूरा ध्यान अधिक से अधिक खिताब जीतने पर है. भगवान ने मुझे ऐसी परिस्थितियों में रखा है, जहां मैं अपनी टीम के लिए मैच जीत सकता हूं.”

राहुल ने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा मैच जिताने की कोशिश की है, लेकिन हर बार इसमें कामयाबी नहीं मिली. उन्होंने खेल की खूबसूरती को लेकर कहा, “यही खेल की खूबसूरती है. आपको मौके मिलते रहते हैं. अगर आप विनम्र बने रहते हैं, अपना दिल सही जगह पर लगाते हैं, कड़ी ट्रेनिंग करते हैं और अपने बल्ले से बात करते हैं, तो भगवान आपको आशीर्वाद देने के तरीके ढूंढ़ लेते हैं. मैं बस इतना ही कह सकता हूं. हम पूरे साल, अपने पूरे करियर में कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन ऐसे पल वाकई खास होते हैं.”

केएल राहुल ने अपनी परिपक्व बल्लेबाजी और बेहतरीन विकेटकीपिंग से चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम के लिए जीत की नींव रखी. उनकी इस शानदार फॉर्म ने यह साबित कर दिया कि वह अब भारतीय टीम के मध्यक्रम के मजबूत स्तंभ बन चुके हैं. अब आईपीएल में राहुल दिल्ली कैपिटल्स की टीम से जुड़े हैं, हालांकि उनकी टीम ने अभी तक कप्तान के नाम का खुलासा नहीं किया है. अब देखना होगा कि राहुल टीम की कमान संभालते हैं या नहीं. 

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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