‘उनके साथ खेलना सुकून भरा’, 8 साल बाद मिले मौके पर इन दो खिलाड़ियों पर बोले करुण नायर, ‘वनवास’ पर भी रखी बात

Karun Nair on KL Rahul and Prasidh Krishna: भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज शुक्रवार, 20 जून से लीड्स में शुरु हो रही है. इस सीरीज से 8 साल बाद भारतीय टीम में करुण नायर की वापसी हुई है. उन्होंने मैच से पहले अपने ‘वनवास’ पर बात की.

Karun Nair on KL Rahul and Prasidh Krishna: भारत और इंग्लैंड के बीच शुक्रवार, 20 जून से पांच टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू हो रही है. इसी सीरीज से लंबे समय बाद भारतीय टीम में करुण नायर की वापसी हो रही है. नायर ने टीम इंडिया में अपनी वापसी पर कहा कि ड्रेसिंग रूम में बचपन के साथी केएल राहुल और प्रसिद्ध कृष्णा की मौजूदगी से उन्हें सहज रहने में मदद मिली और वह आठ साल बाद मिले मौके का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं. इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट श्रृंखला करुण के लिए टीम में अपनी जगह पक्की करने का मौका है. वह कई साल पहले टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक बनाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने थे.

राहुल और कृष्णा के साथ खेलना सुकून देने वाला

नायर ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) की वेबसाइट पर जारी किए गए वीडियो में कहा, ‘‘मैं चीजों को बहुत सरल बनाए रखने की कोशिश करता हूं, हमेशा सकारात्मक चीजों के बारे में सोचता हूं, मन में कुछ लक्ष्य रखता हूं, चीजों की कल्पना करता हूं और जो कल्पना करता हूं उस पर पूरा विश्वास रखता हूं.’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘राहुल और प्रसिद्ध के साथ खेलना भी बहुत सुकून देने वाला है. हम बचपन से एक दूसरे के साथ खेलते रहे हैं.’’ करुण और राहुल दोनों की उम्र 33 साल है. वे एक साथ आयु वर्ग क्रिकेट खेल चुके हैं और तब से घनिष्ठ मित्र हैं. उन्होंने कहा, ‘‘जीवन अपना एक चक्र पूरा कर चुका है, क्योंकि मैं इंग्लैंड में टीम से बाहर हो गया था और अब मैं इंग्लैंड में टीम में वापसी कर रहा हूं. मैं लंबे समय तक टीम से बाहर रहा और इसे मैं आत्मसात करता हूं.’’

जब टीम से बाहर किया गया, तो…

नायर को 2017 में भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया था. उन्होंने कहा, ‘‘टीम से बाहर होने के बाद जब मैं अगली सुबह उठा तो मेरे मन में पहला विचार यही आया कि मैं टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता हूं. मैं फिर से भारत के लिए खेलना चाहता हूं. शायद यही बात मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रही. मुझमें भूख बनी रही और यही बात मुझे प्रतिदिन अभ्यास करने के लिए प्रेरित करती रही.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा लक्ष्य फिर से टेस्ट क्रिकेट खेलना था. हर दिन, हर सुबह मैं यह सोचता था कि मुझे उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए क्या करना चाहिए. उस विश्वास को कभी नहीं खोना और उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए दृढ़ संकल्प होना, ऐसी चीज थी जिसने मेरी मदद की.’’

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By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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