IPL 2026: रवींद्र जडेजा सहित कई मजबूत दावेदारों के बावजूद राजस्थान रॉयल्स ने रियान पराग को कप्तान नियुक्त करने का फैसला किया, जिसने जरूर कुछ लोगों को चौंका दिया होगा. हालांकि, टीम में मौजूद अनुभव को देखते हुए यह फैसला लेना आसान नहीं था. पिछले साल संजू सैमसन के जाने का मतलब था कि फ्रेंचाइजी ने अपने सबसे लंबे समय और सबसे सफल कप्तान को खो दिया. संजू ने टीम को 66 मैचों में 33 जीत में दिलाई थी. भारत के साथ उनके हालिया प्रदर्शन, जिसमें 2026 टी20 विश्व कप फाइनल जीत में उनकी अहम भूमिका शामिल है. अब, हेड कोच कुमार संगाकारा ने पराग के कप्तान बनाने की पीछे के कारण के बारे में बताया.
पराग ही क्यों बनें कप्तान
मुख्य कोच कुमार संगकारा ने कहा, ‘हमने मैच्युरिटी, विचार करने की क्षमता, आलोचनात्मक सोच की क्षमता के साथ-साथ कई और चीजों का आकलन किया. हमने यह भी देखा कि वे (रियान पराग) अपने आसपास के लोगों को कैसे प्रभावित करते हैं, न केवल युवा खिलाड़ियों को बल्कि सीनियर खिलाड़ियों को भी.’ पराग का आरआर के साथ सफर 2019 में शुरू हुआ, जब उन्हें 20 लाख रुपये में साइन किया गया था. 84 मैचों में उन्होंने 1500 से अधिक रन बनाए हैं और उनकी सफलता 2024 में मिली, जब उन्होंने चार फिफ्टी के साथ 573 रन बनाए.
रियान पराग के पास कप्तानी का पुराना अनुभव नहीं है, लेकिन पिछले सीजन में बदलाव के संकेत दिखने लगे थे. चोट के कारण सैमसन की गैरमौजूदगी में, पराग ने आईपीएल 2025 में रॉयल्स की आठ मैचों में कप्तानी की. हालांकि टीम को केवल दो जीत ही मिली. फिर भी, उनका संयम और आगे बढ़कर नेतृत्व करने की क्षमता, साथ ही कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेली गई 95 रनों की पारी सराहनीय रही.
संदीप शर्मा के नाम पर भी हुई थी चर्चा
आरआर ने संदीप शर्मा और जडेजा पर भी विचार किया था. संदीप के पास 137 आईपीएल मैच खेलने का अनुभव और 146 विकेट लेने का रिकॉर्ड होने के बावजूद, नेतृत्व का कम अनुभव है. यही बात उनके पक्ष में नहीं रही होगी. वहीं, जडेजा के पास कप्तानी का पूर्व अनुभव है, क्योंकि उन्होंने 2022 में सीएसके की कप्तानी करते हुए एक कठिन दौर का सामना किया था, जब उन्हें सीजन के बीच में ही कप्तानी से हटा दिया गया था. हालांकि जब 2026 के लिए उन्हें टीम में शामिल किया गया था, तब ज्यादातर लोगों को लग रहा था कि वे अगले कप्तान होंगे.
दबाव से दूर रखने के लिए जडेजा को नहीं बनाया कप्तान
शायद जडेजा को इसलिए भी कप्तान की भूमिका नहीं दी गई, क्योंकि सभी ने देखा है कि 2022 में कप्तानी का दबाव उनके प्रदर्शन पर भी पड़ा था. जडेजा एक कप्तान के रूप में उस सीजन में सीएसके के लिए एक बोझ बन गए थे. नजीता उन्हें सीजन भी बीच में ही छोड़ना पड़ा. अंत रियान पराग को कप्तान बनाने का निर्णय आरआर के लॉन्ग टर्म प्लान को दर्शाता है. पराग के लिए, सीएसके के खिलाफ ओपनर मैच उस भरोसे को सही साबित करने का एक गोल्डन चांस है.
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