गेंदबाजी पर मेहनत करके ही CSK आईपीएल 2026 में बनी रह सकती है : सुनील गावस्कर

IPL CSK vs PBKS : आईपीएल 2026 में बने रहने के लिए सीएसके को अपनी गेंदबाजी में सुधार करना होगा. भारतीय क्रिकेट टीम के सीनियर क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने सीएसके और पंजाब किंग्स के बीच शुक्रवार को खेले गए मैच के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि अगर वे अपनी गेंदबाजी में सुधार नहीं कर पाए, तो उनके लिए लीग में बने रहना मुश्किल हो सकता है.

IPL CSK vs PBKS : चेन्नई सुपर किंग्स को आईपीएल 2026 में दूसरी हार मिली है, हालांकि अपने दूसरे मैच में चेन्नई की टीम ने स्कोर डिफेंड करने लायक बनाया था. चेन्नई को मिली लगातार दूसरी हार पर टिप्पणी करते हुए भारत के पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा कि सीएसके की टीम के लिए अभी सबसे बड़ी समस्या उनकी गेंदबाजी है. उन्होंने कहा कि आईपीएल 26 में बने रहने के लिए सीएसके को अपनी गेंदबाजी में सुधार करना होगा.

स्कोर डिफेंड करने के लिए बनाने होंगे 225-230 रन

सुनील गावस्कर ने कहा कि जब बैट्‌समैन 225 से 230 रन बनाएंगे, तभी वे अपने गेंदबाजों को रन डिफेंड करने का मौका दे पाएंगे. इससे कम रन पर जीत हासिल करना बहुत मुश्किल है. गावस्कर ने कहा कि आज के समय में अधिकतर टीमों के पास बल्लेबाजी का अच्छा क्रम है. पंजाब किंग्स को ही देखिए उनके पास सातवें नंबर पर मार्कस स्टोइनिस जैसा धाकड़ बल्लेबाज हैं. इसे देखते हुए सीएसके को भी अपनी गेंदबाजी को सुधारना होगा, अन्यथा वे लीग से बाहर हो जाएंगे.

आयुष म्हात्रे के लिए तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करना बेहतर

स्टार स्पोर्ट्‌स के एक कार्यक्रम में गावस्कर ने सीएसके की बल्लेबाजी पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि आयुष म्हात्रे ने सीएसके के लिए 43 गेंदों में 73 रन बनाए जिससे उसकी टीम पांच विकेट पर 209 रन बनाने में सफल रही. मेरा मानना ​​है कि आयुष म्हात्रे के लिए बल्लेबाजी क्रम में तीसरा नंबर अच्छा है. उन्होंने अंडर-19 टीम की तरफ से निचले क्रम में बल्लेबाजी की है, लेकिन नंबर तीन उनके लिए सबसे अच्छा हो सकता है. उन्होंने कहा कि म्हात्रे पिछले मैच में पहली ही गेंद पर आउट हो गए थे, लेकिन उस बात का असर इस मैच में नहीं दिखा. यही नयी पीढ़ी की सोच की खूबसूरती है. वे अतीत पर ज्यादा ध्यान नहीं देते और आज में जीते हैं.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

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रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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