शेन वॉर्न ने जाते-जाते परिवार को बनाया अरबपति, RR के बिकने से है कनेक्शन

Shane Warne: आईपीएल 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स 15300 करोड़ रुपये में बिक गई है. इस सौदे से शेन वॉर्न के परिवार को भारी मुनाफा हुआ है. साल 2008 में वॉर्न ने सैलरी के साथ टीम में 3 प्रतिशत हिस्सेदारी मांगी थी. इसी पुराने फैसले के कारण उनके परिवार को 460 करोड़ रुपये मिलेंगे.

Shane Warne: आईपीएल 2026 से पहले क्रिकेट और बिजनेस की दुनिया से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है. राजस्थान रॉयल्स की 15300 करोड़ रुपये में एक बड़ी डील हुई है. अमेरिका के एक ग्रुप ने इस टीम को खरीदा है. इस सौदे का सबसे बड़ा फायदा ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर शेन वॉर्न के परिवार को हुआ है. वॉर्न अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके एक पुराने फैसले के कारण उनके परिवार को करीब 460 करोड़ रुपये की भारी रकम मिलेगी. यह पैसा राजस्थान टीम में वॉर्न की पुरानी इक्विटी (हिस्सेदारी) का नतीजा है.

कैसे मिलेंगे वॉर्न के परिवार को 460 करोड़?

अमेरिकी कारोबारी काल सोमानी ने राजस्थान रॉयल्स को 1.63 बिलियन डॉलर यानी करीब 15300 करोड़ रुपये खर्च कर खरीदा है. शेन वॉर्न के पास राजस्थान फ्रेंचाइजी की 3 प्रतिशत इक्विटी थी. अब टीम के इतनी बड़ी कीमत पर बिकने के बाद, कुल रकम में से इस 3 प्रतिशत हिस्से की कीमत करीब 460 करोड़ रुपये बनती है. यह सारी रकम सीधे वॉर्न के परिवार के पास जाएगी.

सैलरी के साथ रखी थी हिस्सेदारी की शर्त

साल 2008 में जब आईपीएल की शुरुआत हुई थी, तब शेन वॉर्न राजस्थान रॉयल्स के कप्तान बने थे. उस दौरान उन्होंने फ्रेंचाइजी से हर सीजन के लिए 9.35 करोड़ रुपये सैलरी ली थी. लेकिन उन्होंने सिर्फ सैलरी नहीं ली, बल्कि फ्रेंचाइजी में इक्विटी भी मांगी थी. करार तय हुआ कि उन्हें हर साल खेलने के बदले 0.75 प्रतिशत इक्विटी मिलेगी. वॉर्न ने राजस्थान के लिए लगातार 4 सीजन खेले. इस तरह 0.75 प्रतिशत के हिसाब से टीम में उनकी कुल हिस्सेदारी 3 प्रतिशत हो गई थी.

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दूर की सोच ने बदल दी किस्मत

साल 2008 में राजस्थान टीम को सिर्फ 67 मिलियन डॉलर में खरीदा गया था. वॉर्न ने भविष्य को ध्यान में रखकर इक्विटी लेने का यह मास्टर स्ट्रोक खेला था. साल 2019 में जब टीम की वैल्यू 400 मिलियन डॉलर थी, तब वॉर्न ने कहा था कि उनकी 3 प्रतिशत हिस्सेदारी बहुत अच्छी डील है. आज उनकी वही दूर की सोच उनके परिवार के लिए करोड़ों का खजाना बन गई है.

खिलाडी और कप्तान के तौर पर शानदार आंकड़े

शेन वॉर्न आईपीएल में बिकने वाले पहले खिलाडी थे. वह राजस्थान के पहले कप्तान भी बने. साल 2008 के पहले सीजन में उन्होंने 19 विकेट लिए थे और अपनी कप्तानी में टीम को चैंपियन बनाया था. वॉर्न साल 2008 से 2011 तक इस टीम के साथ रहे. इस दौरान उन्होंने 55 मैच खेले और कुल 57 विकेट अपने नाम किए. उनका यह शानदार सफर और सही निवेश हमेशा याद रखा जाएगा.

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By Aditya Kumar Varshney

आदित्य वार्ष्णेय एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जो वर्तमान में कंटेंट राइटर के रूप में प्रभात खबर के साथ जुड़े हुए हैं. वह पिछले 5 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और स्पोर्ट्स बीट में गहरी पकड़ रखते हैं. आप क्रिकेट, फुटबॉल हॉकी, टेनिस और चेस जैसे खेलों पर लिखना पसंद करते हैं. आप मैच रिपोर्ट, विश्लेषणात्मक लेख, फीचर स्टोरी और एक्सप्लेनर आधारित कंटेंट तैयार करते हैं. आपने प्रभात खबर से पहले भारत समाचार में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (आउटपुट विभाग) के रूप में काम किया है, वहीं स्टार स्पोर्ट्स में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (क्रिकेट, हिंदी फीड) के तौर पर भी काम कर चुके हैं. आपके पास ब्रॉडकास्ट और डिजिटल दोनों प्लेटफॉर्म का मजबूत अनुभव है.

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