LSG: आईपीएल 2026 के 53वें मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने जीत हासिल की है. चेन्नई ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 5 विकेट से हराया. इस हार के साथ लखनऊ की टीम प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई है. हालांकि, इस दौरान लखनऊ को एक और मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है. मैच के दौरान लखनऊ के एक सपोर्ट स्टाफ को मोबाइल इस्तेमाल करते हुए देखा गया.
इस घटना के बाद कई तरह के सवाल उठने लगे हैं. अभी हाल में ही बीसीसीआई ने कड़े नियम बनाए थे. लेकिन उस नियम की भी अनदेखी की जा रही है. इस घटना के बाद फैन्स सवाल उठा रहे कि जब डगआउट के अंदर मोबाइल फोन पूरी तरह बैन हैं, तो फिर सपोर्ट स्टाफ के पास यह डिवाइस कैसे पहुंचा.
मैच-फिक्सिंग रोकने के लिए बनाए गए नियम
आईपीएल के नियमों के तहत खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को मैच के दौरान प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशिल्स एरिया में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच या किसी भी अनधिकृत कम्युनिकेशन डिवाइस का उपयोग की अनुमति नही है. इन नियमों को सख्ती से लागू किया जाता है ताकि स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी रोकी जा सके. खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को स्टेडियम पहुंचने पर अपने मोबाइल फोन को ACU अधिकारियों के पास जमा कराने होते हैं.
डगआउट में मोबाइल लेकर जाने का मामला काफी गंभीर माना जा रहा है. यह उम्मीद की जा रही है कि बीसीसीआई की एसीयू इस पूरे घटनाक्रम की औपचारिक जांच शुरू कर सकती है. फिलहाल इस मामले पर लखनऊ सुपर जायंट्स और बीसीसीआई की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. लेकिन अब यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है. जिसके बाद फैंस तरह तरह की सवाल कर रहे हैं.
बीसीसीआई ने जारी की थी 8 पन्नों की एडवाइजरी
आईपीएल में लगातार सामने आ रहे विवादों और प्रोटोकॉल उल्लंघनों के चलते बीसीसीआई ने सभी 10 फ्रेंचाइजी टीम्स को 8 पन्नों की नई एडवाइजरी भेज दी है. इस एडवाइजरी में साफ बताया गया कि खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ के सदस्य नियमों का सख्ती से पालन करें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी. हालांकि इस एडवाइजरी का असर होता नहीं दिख रहा है.
यह भी पढ़ें: दर्द से कराहते रहे…फिर भी डटे रहे क्रुणाल पांड्या, जीत के बाद खुद शेयर की पोस्ट
