RCB Victory Parade after Winning IPL 2025: 18 साल के लंबे इंतजार के बाद रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने आखिरकार आईपीएल की ट्रॉफी जीत ही ली. इसके साथ ही विराट कोहली का भी सपना आखिरकार साकार हो गया. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने आईपीएल 2025 के फाइनल में पंजाब किंग्स को 6 रन से हराकर पहली बार खिताब जीता. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक मुकाबले में आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 190 रन बनाए. जवाब में पंजाब की टीम 184 रन ही बना सकी. इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब बेंगलुरु शहर में टीम का भव्य स्वागत किया जाएगा, ठीक वैसे ही जैसे 2007 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया का मुंबई में किया गया था. इस बार बेंगलुरु की सड़कों पर आरसीबी के फैंस का जनसैलाब उमड़ने वाला है.
आरसीबी की इस ऐतिहासिक जीत का जश्न बेंगलुरु की सड़कों पर भी देखने को मिलेगा. आरसीबी की विक्ट्री परेड 4 जून, बुधवार को दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगी. यह परेड विधान सौधा (कर्नाटक विधानसभा भवन) से शुरू होकर एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम तक जाएगी. इस आयोजन की जानकारी आरसीबी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर दी है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं हुआ है कि टीम इस परेड के लिए ओपन बस का इस्तेमाल करेगी या किसी और माध्यम का. अन्य डिटेल को आरसीबी आगे अपने सोशल मीडिया हैंडल से अपडेट करेगी. चूंकि परेड दोपहर में है, इसलिए टीम आरसीबी के खिलाड़ी सुबह अहमदाबाद से बेंगलुरु की फ्लाइट पकड़ेंगे और सीधे परेड में शामिल होंगे.
फाइनल मैच का हाल कैसा रहा?
मंगलवार, 3 जून को खेले गए रोमांचक फाइनल मैच की बात करें तो आरसीबी ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 190 रन बनाए. टीम के लिए कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक नहीं जमा सका, लेकिन विराट कोहली ने सर्वाधिक 43 रन बनाए. पंजाब किंग्स की ओर से काइल जैमीसन और अर्शदीप सिंह ने 3-3 विकेट लिए. लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब ने अच्छी शुरुआत की. प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्या ने पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़े. जोश इंग्लिस ने 39 रन की पारी खेली, जबकि शशांक सिंह ने नाबाद 61 रन बनाए. लेकिन कप्तान श्रेयस अय्यर फाइनल मैच में केवल 1 रन बना सके. पंजाब ने 20 ओवर में 184 रन बनाए और लक्ष्य से 6 रन दूर रह गई.
मैच के बाद विराट कोहली भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. यह जीत सिर्फ एक टीम की नहीं, बल्कि उन लाखों फैंस की थी, जिन्होंने हर हार के बाद भी उम्मीद नहीं छोड़ी और हमेशा टीम के साथ खड़े रहे.
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