KKR vs CSK : दो बार आईपीएल का खिताब अपने नाम करने वाली कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम इस बार के सीजन में एक मैच जीतने के लिए भी संघर्ष कर रही है. प्वाइंट टेबल में केकेआर अभी 10वें नंबर पर है और उसके खाते में 1 प्वाइंट है, वह भी इसलिए क्योंकि मैच का रिजल्ट नहीं निकला था. टीम के खराब प्रदर्शन की वजह से केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.
रहाणे पर लग रहे हैं लापरवाही के आरोप
पीटीआई न्यूज एजेंसी के अनुसार ऐसे कई मौके आए हैं जब टीमों की आईपीएल में शुरुआत बेहद खराब रही है लेकिन कोई भी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स जितनी बिखरी हुई और कोई भी कप्तान इतना बेखबर पहले कभी नहीं दिखा. इसके अलावा बल्लेबाजी का अंदाज भी आईपीएल की शुरुआत के समय जितना ही पुराना है.अभिषेक शर्मा और इशान किशन जैसे युवा खिलाड़ियों ने टी20 में बल्लेबाजी का अंदाज पूरी तरह से बदल दिया है और अब वैभव सूर्यवंशी ने तो इसे एक बिल्कुल ही नए स्तर पर पहुंचा दिया है. ऐसे में 37 की उम्र में रहाणे के लिए अब इस बदलते खेल के साथ कदम मिलाना या अपनी बल्लेबाजी के तरीके को बदलना नामुमकिन सा है.
रहाणे की कप्तानी पर उठे सवाल
बैटिंग में रहाणे के खराब प्रदर्शन के बाद उनकी कप्तानी पर भी सवाल उठ रहे हैं. आलोचक यह कह रहे हैं कि रहाणे उस टीम के कप्तान कैसे बने रह सकते हैं जबकि एक बल्लेबाज के तौर पर भी उनकी जगह पक्की नहीं है.पांच मैच में रहाणे सिर्फ सात छक्के लगा पाए हैं लेकिन इससे भी अधिक हैरानी की बात यह है कि उन्होंने सिर्फ आठ चौके जड़े हैं. एक शीर्ष क्रम के बल्लेबाजी के लिए जो या तो पारी का आगाज करता है या फिर तीसरे नंबर पर आता है उसके लिए इस स्तर पर हर मैच में औसतन तीन बाउंड्री लगाना बहुत बड़ी नाकामी मानी जाएगी.रहाणे का स्ट्राइक रेट भी 150 से कम है जो कोविड से पहले के दिनों में अच्छा माना जाता था लेकिन अब उस खिलाड़ी के लिए एक निराशाजनक तस्वीर पेश कर रहा है जो देश के लिए 80 से टेस्ट मैच खेल चुका है और सम्मानित पूर्व टेस्ट कप्तान है.
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