राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज गेंद की गति को समझ नहीं सके और आउट होते गए : रियान पराग

ipl match srh vs rr : आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के विजय रथ को सनराइजर्स हैदराबाद ने 13 अप्रैल को रोक दिया और राजस्थान को 57 रन से हराया. इस मैच में हार के बाद भी अभी राजस्थान प्वाइंट टेबल में नंबर वन बना हुआ है, लेकिन उसके खाते में अब जीत के साथ हार भी जुड़ गया है.

ipl match srh vs rr : सनराइजर्स हैदराबाद की बेहतरीन गेंदबाजी और शानदार बैटिंग की वजह से राजस्थान रॉयल्स की टीम सोमवार को धराशाई हो गई. टीम की इस हार पर कप्तान रियान पराग ने कहा कि उनकी टीम की आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों पहली हार के लिए कई कारण रहे, लेकिन विस्फोटक बल्लेबाजों का गेंदों की गति को समझने में नाकाम रहना सबसे बड़ी वजह बना.

यशस्वी, वैभव और ध्रुव का पहले ही ओवर में आउट होना हार की वजह बना

रियान पराग ने गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन को तो हार के लिए जिम्मेदार ठहराया ही, उन्होंने यह भी कहा कि यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल का पहले ही ओवर में पवेलियन लौट जाना भी हार की बड़ी वजह बना. रियान पराग ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, मुझे लगता है कि हमारी हार के लिए कई कारण जिम्मेदार रहे. गेंद हाथ से निकलने के बाद जिस गति से आ रही थी उसे देखकर हम थोड़े हैरान रह गए थे. पराग ने कहा, मुझे लगता है कि वैभव को गेंद के थोड़ा तेज गति से आने की उम्मीद थी लेकिन वह रुककर आई. ध्रुव के साथ भी ऐसा ही हुआ, गेंद अंदर की ओर मुड़ी. पराग ने कहा, मुझे बहुत ही फुललेंथ गेंद मिली और मैं उसे हिट नहीं कर पाया. मैं यह नहीं कहूंगा कि हम बदकिस्मत थे, लेकिन कई ऐसे कारण थे जिससे हम अपने शॉट सही तरह से नहीं लगा पाए.

गेंदबाजों ने बीच के ओवर में लचर प्रदर्शन किया

राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने कहा कि टीम के गेंदबाज भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए.उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि हमने अच्छी शुरुआत की थी लेकिन फिर बीच के ओवरों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए. हमें गेंदबाजी में और एक्सपेरिमेंट करना चाहिए था, जो हम नहीं कर पाए.

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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