क्यों धोनी बैटिंग ऑर्डर में ऊपर नहीं आ सकते? कोच फ्लेमिंग ने किया खुलासा, बताई शारीरिक समस्या

IPL 2025: पिछले सप्ताह आरसीबी के खिलाफ नौवें नंबर पर खेलने के बाद, राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ वह सातवें नंबर पर उतरे लेकिन 16 रन ही बना सके और टीम को हार मिली. राजस्थान के खिलाफ भी वे 7वें नंबर पर उतरे, इसके बाद लगातार धोनी को निशाना बनाया जाने लगा. लेकिन कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने इसका कारण बताया है कि धोनी बल्लेबाजी क्रम में ऊपर क्यों नहीं आ रहे.

IPL 2025: पिछले सप्ताह चेपक में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ धोनी को नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए, जहां सुपरकिंग्स को 50 रन से हार का सामना करना पड़ा.  वहीं, रविवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने सातवें नंबर पर बल्लेबाजी की, जब सुपरकिंग्स को 25 गेंदों में 54 रनों की जरूरत थी. हालांकि, वह 11 गेंदों पर सिर्फ 16 रन ही बना सके और टीम को छह रन से हार का सामना करना पड़ा. 43 वर्षीय धोनी (MS Dhoni) को इसके लिए आलोचना का सामना करना पड़ा. लेकिन उनके बल्लेबाजी क्रम में बदलाव यूं ही नहीं आया है.  चेन्नई सुपरकिंग्स के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने खुलासा किया कि महेंद्र सिंह धोनी पूरी ताकत से 10 ओवर तक बल्लेबाजी नहीं कर सकते, क्योंकि उनके घुटने में समस्या है. वे खुद ही मैच की स्थिति के आधार पर अपना बल्लेबाजी क्रम तय करते हैं. MS Dhoni batting order.

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में फ्लेमिंग ने कहा, “यह समय की बात है. धोनी इसका आकलन करते हैं. उनका शरीर और घुटने पहले जैसे नहीं हैं. वह मूवमेंट कर पा रहे हैं, लेकिन इसमें पोषण संबंधी पहलू भी है. वह पूरी ताकत के साथ 10 ओवर तक बल्लेबाजी नहीं कर सकते. इसलिए वह हर मैच में आकलन करते हैं कि वह टीम को क्या दे सकते हैं.” Stephen Fleming reveals Dhoni Batting order problem.

धोनी ने बंगलुरु के खिलाफ मैच में 16 गेंदों में 30 रन बनाए, लेकिन उनकी पारी चेन्नई को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थी. फ्लेमिंग ने धोनी पर बात करते हुए आगे कहा, “अगर मैच संतुलन में है, तो वह थोड़ा पहले बल्लेबाजी के लिए उतरते हैं और अन्य खिलाड़ियों का समर्थन करते हैं. मैंने पिछले साल भी कहा था कि वह हमारे लिए बहुत मूल्यवान हैं. उनकी नेतृत्व क्षमता और विकेटकीपिंग के साथ उन्हें नौवें या 10वें ओवर में भेजना उचित नहीं है.”

Ms dhoni leaves after his dismissal. Image: pti

फ्लेमिंग ने राजस्थान के खिलाफ स्वीकार किया कि चेन्नई ने पावरप्ले में ही मैच गंवा दिया. राजस्थान की ओर से नीतीश राणा ने धुआंधार बल्लेबाजी की, लेकिन चेन्नई की बल्लेबाजी बिल्कुल नहीं चली. उसके ओपनर्स रन बनाने में नाकाम रहे. फ्लेमिंग ने कहा,  “अगर आप खेल का विश्लेषण करें तो पावरप्ले में ही अंतर आ गया. राजस्थान ने पावरप्ले में 79 रन बनाए, जबकि हमने केवल 42 रन बनाए. यही बड़ा फर्क था. साथ ही, हमने राजस्थान की तुलना में क्षेत्ररक्षण में भी ढील दी.”

तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए नितीश राणा ने 36 गेंदों पर 81 रन की आक्रामक पारी खेली, जिसकी बदौलत रॉयल्स ने 9 विकेट पर 182 रन बनाए और फिर सुपरकिंग्स को 6 विकेट पर 176 रन पर रोककर सत्र की पहली जीत दर्ज की. इस मैच में राणा का  बल्लेबाजी क्रम भी बदला गया था. इस पर राणा ने कहा, “मुझे शनिवार को ही पता चला कि मैं तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करूंगा, जब राहुल सर ने अभ्यास से पहले मुझे बुलाया. रियान ने भी कहा कि मैं इस पोजिशन पर खेल सकता हूं. मुझे लगता है कि यह फैसला बहुत अच्छा था.”

यह राजस्थान रॉयल्स के कप्तान के रूप में रियान पराग की पहली जीत थी. नितीश राणा ने जीत का श्रेय उनके शांत व्यवहार और ड्रेसिंग रूम के बेहतरीन माहौल को दिया. वहीं चेन्नई की पहला मैच जीतने के बाद यह लगातार दूसरी हार है. तीन मैचों में दो हार के बाद सीएसके पॉइंट्स टेबल में सातवें नंबर पर है. उसका अगला मुकाबला 5 अप्रैल को पंजाब किंग्स से होगा. 

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