तेरा-मेरा साथ रहे…CSK के बैज को चूमते नजर आए ‘सर जडेजा’ कैमरे में कैद हुआ इमोशनल मोमेंट

Ravindra Jadeja Emotional Moment : ‘सर जडेजा’ यह उपाधि रविंद्र जडेजा को तब मिली थी, जब वे चेन्नई सुपर किंग्स के अहम खिलाड़ी थे और टीम उनपर आंख मूंदकर भरोसा करती थी. 12 साल से अधिक का समय सीएसके में गुजारने के बाद 2026 के आईपीएल में जब रविंद्र जडेजा चेन्नई के खिलाफ ग्राउंड पर उतरे, तो वे काफी भावुक थे. दर्शक जब सीएसके का नारा लगा रही थी, तब भी वे काफी इमोशनल दिखे, लेकिन जब राजस्थान राॅयल्स ने मैच जीत लिया, तो उसके बाद ग्राउंड पर जडेजा ने जो कुछ किया, वह सीएसके के साथ उनकी बाॅडिंग और उनके इमोशनल किरदार को बताता है.

Ravindra Jadeja Emotional Moment : आईपीएल 2026 में सोमवार 30 मार्च को बहुत ही इमोशनल जेस्चर सामने आया, जब रविंद्र जडेजा, चेन्नई सुपर किंग्स के बैज यानी लोगो को चूमते दिखे. रविंद्र जडेजा इस मैच में राजस्थान राॅयल्स की तरफ से खेल रहे थे, लेकिन उनका सीएसके की टीम से जो गहरा लगाव है, वो इस इमोशनल पलों में खास तौर पर दिखा. मैच समाप्त होने के बाद जब सीएसके और राजस्थान राॅयल्स की टीम के खिलाड़ी आपस में बातें कर रहे थे, तो रविंद्र जडेजा ने सीएसके के खिलाड़ी खलील अहमद की जर्सी में बने सीएसके के बैज को चूमा और इन पलों में वे काफी इमोशनल भी नजर आए. रविंद्र जडेजा की यह तस्वीर और वीडियो वायरल है.

सीएसके से रविंद्र जडेजा का इमोशनल रिश्ता

सीएसके की टीम में सर जडेजा के नाम से पहचाने जाने वाले रविंद्र जडेजा 2012 से सीएसके साथ जुड़े थे. 2023 का आईपीएल फाइनल जब अंतिम दो गेंदों में 10 रनों की जरूरत थी, तो जडेजा ने एक छक्का और एक चौका मार कर टीम को जीत दिलाई थी. सीएसके के लिए वह फाइनल जीतना बहुत ही इमोशनल था, जब उनके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने जडेजा को विनिंग शाॅट लगाने के बाद गोद में उठा लिया था और उनकी आंखों में आंसू थे. सीएसके की टीम में सर जडेजा यानी रविंद्र जडेजा बहुत महत्वपूर्ण थे और उनके साथ कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की बाॅडिंग भी खास रही है. रविंद्र जडेजा को ‘सर जडेजा’ की उपाधि भी धोनी ने मजाकिया अंदाज में दी थी, जो आज उनकी पहचान से जुड़ गया है. 2018 से 2021 के दौर में वो सीएसके टीम की लाइफ लाइन बन गए थे, लेकिन 2026 में सीएसके ने उन्हें रिटेन नहीं किया, जिसकी वजह से वे अब अपनी पुरानी टीम राजस्थान राॅयल्स का हिस्सा बन गए हैं. 2025 में प्लेयर ट्रेड के जरिए जडेजा राजस्थान और संजू सैमसन सीएसके का हिस्सा बने थे.

सीएसके के खिलाफ रविंद्र जडेजा ने की शानदार गेंदबाजी

रविंद्र जडेजा 2026 में राजस्थान राॅयल्स का हिस्सा हैं और 30 मार्च को वे पहली बार सीएसके के खिलाफ मैदान पर उतरे थे. सीएसके से काफी इमोशनल रिश्ता होने के बावजूद रविंद्र जडेजा ने अपनी वर्तमान टीम के साथ वफादारी निभाई और बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 ओवर में 18 रन देकर दो विकेट चटकाए. जडेजा ने सरफराज खान और शिवम दुबे का विकेट चटकाया और अपनी टीम को जीत दिलाने में भागीदार बने.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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