India vs Sri Lanka : शतक से चूके विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर के 49 शतक की बराबरी करने में अभी थोड़ा और समय

विराट कोहली अगर आज शतक जड़ देते, तो वे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के एकदिवसीय क्रिकेट में 49 शतक की बराबरी कर लेते, लेकिन अब इस रिकाॅर्ड की बराबर करने के लिए उन्हें थोड़ा और रूकना होगा.

India vs Sri Lanka : भारतीय क्रिकेट टीम के ‘किंग कोहली’ विराट कोहली भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक बार फिर अपने शतक के करीब पहुंचे लेकिन वे शतक से चूक गए. विराट कोहली अगर आज शतक जड़ देते, तो वे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के एकदिवसीय क्रिकेट में 49 शतक की बराबरी कर लेते, लेकिन अब इस रिकाॅर्ड की बराबर करने के लिए उन्हें थोड़ा और रूकना होगा.

विराट कोहली ने अबतक जड़े हैं 78 शतक

विराट कोहली श्रीलंका के खिलाफ जिस तरह की बल्लेबाजी कर रहे थे उससे यह लग रहा था कि वे आज सचिन तेंदुलकर के रिकाॅर्ड की बराबरी कर लेंगे. विराट कोहली ने एकदिवसीय क्रिकेट में अबतक 48 शतक जड़े हैं और कुल 13437 रन बनाए हैं. विराट कोहली ने अपने करियर में अबतक कुल 78 शतक बनाए हैं जिसमें से 48 ओडीआई में, 29 टेस्ट में और एक टी-20 में बनाए गए हैं.

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विराट कोहली ने एकदिवसीय क्रिकेट में हाल ही में एशिया कप के दौरान सबसे तेज 13000 रन बनाने का रिकाॅर्ड अपने नाम किया था. उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकाॅर्ड अपने नाम किया था.

India vs Sri Lanka मैच में विराट कोहली ने आज 88 रन बनाए. विराट ने 94 गेंद पर 11 चौकों की मदद से 88 रन बनाए हैं. आज श्रीलंका के खिलाड़ियों ने दो बार कोहली का कैच ड्राॅप किया था.

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Published by: Rajneesh anand

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राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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