भारत-पाकिस्तान सीरीज कैसे हो सकती है? सुनील गावस्कर ने सुझाया उपाय, कहा- अगर सीमा पर…

IND vs PAK: चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने पाकिस्तान को शानदार खेल दिखाते हुए चारों खाने चित कर दिया. हालांकि भारत पाकिसतान लंबे समय से द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेले हैं, इस पर अब सुनील गावस्कर ने अपने विचार रखते हुए सलाह दी है कि इसे शुरू करने के लिए क्या किया जा सकता है. India Pakistan Bilateral Cricket Series Sunil Gavaskar Suggestion.

IND vs PAK: भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज की बहाली के लिए महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने अपनी राय साझा की है. दोनों देशों ने आखिरी बार 2012-13 में एक द्विपक्षीय श्रृंखला खेली थी, जब पाकिस्तान ने सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिए भारत का दौरा किया था. वहीं भारत ने 2008 के एशिया कप के बाद से पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है. राजनीतिक तनाव के कारण पिछले कई वर्षों से भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबले केवल वैश्विक और महाद्वीपीय आयोजनों तक सीमित रहे हैं. India Pakistan Bilateral Cricket Series.

सुनील गावस्कर ने ‘टेन स्पोर्ट्स’ के शो ‘ड्रेसिंग रूम’ में बातचीत के दौरान कहा, “भारत और पाकिस्तान की टीमें तभी क्रिकेट खेल सकती हैं जब दोनों देशों की सरकारें इस बात पर सहमत हों कि सीमा पर अतिक्रमण की घटनाएं पूरी तरह समाप्त हो चुकी हैं और अब अन्य मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है. उन्होंने कहा कि यदि सीमा पर शांति बनी रहती है, तो सरकारें भी यह स्वीकार करेंगी कि कोई अप्रिय घटना नहीं घटी है और इस स्थिति में कम से कम बातचीत शुरू करने की संभावनाएं बन सकती हैं.” IND vs PAK

प्रभात खबर प्रीमियम स्टोरी: सावधान!  कहीं आपका बच्चा घंटों मोबाइल से चिपक कर मनोरोगी तो नहीं बन रहा

सीमा पर लगातार बनी रहने वाली अशांति सबसे बड़ा बाधा

गावस्कर (Sunil Gavaskar) का यह भी मानना है कि पर्दे के पीछे इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सीमा पर लगातार बनी रहने वाली अशांति भारत द्वारा पाकिस्तान में खेलने से इनकार करने के प्रमुख कारणों में से एक है. उन्होंने कहा कि भारतीय सरकार की प्राथमिकता राष्ट्रीय सुरक्षा है, और जब तक घुसपैठ या अन्य तनावपूर्ण घटनाएं होती रहेंगी, तब तक भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय क्रिकेट पर कोई ठोस विचार नहीं किया जा सकता. सुनील गावस्कर ने कहा, “हम अक्सर सीमा पर घुसपैठ की घटनाओं के बारे में सुनते हैं, और यही कारण है कि भारतीय सरकार का मानना है कि जब तक यह पूरी तरह बंद नहीं हो जाता, तब तक किसी भी तरह की बातचीत या योजना बनाना उचित नहीं होगा.” गावस्कर की बात यहां देख सकते हैं.

चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने चुना हाइब्रिड मॉडल

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में पाकिस्तान को आधिकारिक मेजबान बनाया गया है, लेकिन बीसीसीआई ने सुरक्षा चिंताओं के कारण अपनी टीम को पाकिस्तान भेजने से इनकार कर दिया. इस निर्णय के कारण दोनों देशों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया और इसके परिणामस्वरूप भारत के सभी मैच दुबई में स्थानांतरित कर दिए गए. हालांकि इसी चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारत और पाकिस्तान के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत दोनों देशों की टीमें बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंटों के दौरान एक-दूसरे की मेजबानी में खेलने के बजाय न्यूट्रल वेन्यू पर अपने मुकाबले खेलेंगी. इस समझौते के चलते भविष्य में भारत और पाकिस्तान की टीमें एक-दूसरे के देशों में जाकर खेलती नजर नहीं आएंगी. 

इस साल भारत-पाक तीन बार हो सकती है भिड़ंत

हालांकि, एक रिपोर्ट के अनुसार, क्रिकेट प्रेमियों को इस साल के अंत में होने वाले एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच तीन और मुकाबले देखने को मिल सकते हैं. क्रिकबज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस बार एशिया कप टी20 प्रारूप में खेला जाएगा और इसमें कुल 19 मैच होंगे. इसे सितंबर के दूसरे और चौथे सप्ताह के बीच आयोजित करने की योजना है.

रिपोर्ट के अनुसार, एशिया कप 2025 मूल रूप से भारत को आयोजित करना था, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच जटिल समीकरण को देखते हुए एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) ने इसे किसी तटस्थ स्थान पर आयोजित करने का फैसला किया है. हालांकि अभी स्थल की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन श्रीलंका और यूएई को संभावित मेजबान के रूप में देखा जा रहा है. इस आयोजन में बीसीसीआई ही आधिकारिक मेजबान बना रहेगा.

अफगान-ऑस्ट्रेलिया मैच पर बारिश का साया, अब सेमीफाइनल का समीकरण हुआ दिलचस्प, जानें पूरा गणित

‘भारत को दुबई में फायदा, यह समझना कोई रॉकेट साइंस नहीं’, अब इस खिलाड़ी को लगी मिर्ची

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >