रोहित शर्मा के लिए लंबे समय से दबी बात को रवि शास्त्री ने अब बोल दिया, कहा- मैं कोच रहता तो…

Ravi Shastri on Rohit Sharma Retirement: रोहित शर्मा ने पिछले हफ्ते टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया. 67 मैचों में 4301 रन और 12 शतक बनाने वाले कैप्टन हिटमैन खराब फॉर्म के चलते बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के अंतिम टेस्ट से बाहर हो गए थे. पूर्व कोच रहे रवि शास्त्री ने कहा अगर मैं कोच होता, तो रोहित सिडनी टेस्ट जरूर खेलते.

Ravi Shastri on Rohit Sharma Retirement: पिछले सप्ताह रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा. उन्होंने 67 मैचों में 40.57 की औसत से 4,301 रन बनाए, जिसमें 12 शतक शामिल हैं. रोहित ने 2022 से भारत के टेस्ट कप्तान के तौर पर 24 टेस्ट मैचों में कप्तानी की और 12 में जीत दर्ज की. इसके अलावा भारत 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में उपविजेता भी रहे. हालांकि रोहित का टेस्ट कैरियर अंतिम समय में काफ डावांडोल रहा. बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में वह केवल एक बार 50 का आंकड़ा पार कर पाए और उनका औसत मात्र 10.93 रहा. बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भी वे अंतिम टेस्ट मैच से बाहर हो गए. हालांकि पूर्व भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री ने कहा कि अगर वह कोच होते, तो  सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट में जरूर मैदान पर उतरते.

रवि शास्त्री ने द आईसीसी रिव्यू शो पर कहा, “मैंने रोहित को कई बार टॉस के समय देखा. टॉस के दौरान ज़्यादा बातचीत का समय नहीं होता. हालांकि, मैंने एक मैच के दौरान, मुझे लगता है वह मुंबई में था, उनके कंधे पर हाथ रखा और कहा, अगर मैं कोच होता तो तुम वो आखिरी टेस्ट मैच ज़रूर खेलते. तुम्हें वो आखिरी टेस्ट खेलना चाहिए था क्योंकि सीरीज खत्म नहीं हुई थी. और मैं वो इंसान नहीं हूं जो 2-1 के स्कोरलाइन पर हार मान ले. अगर तुम्हारा माइंडसेट ऐसा है कि… ये वो समय नहीं होता जब आप टीम को छोड़ देते हो.”

अपने बेटे के जन्म के कारण रोहित पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट से बाहर रहे, लेकिन इसके बाद उन्होंने तीन टेस्ट खेले और सिर्फ 31 रन ही बना सके. इस खराब प्रदर्शन की वजह से 38 वर्षीय रोहित जनवरी में सिडनी में खेले गए अंतिम टेस्ट से बाहर रहे. सीरीज उस वक्त 2-1 की स्थिति में थी. शास्त्री ने बताया कि क्यों रोहित को सिडनी टेस्ट खेलना चाहिए था. उन्होंने कहा, “वो 30-40 रन का मैच था और मैंने रोहित से यही कहा. सिडनी की पिच बहुत ‘स्पाइसी’ थी. चाहे उनका फॉर्म जैसा भी रहा हो, वो एक मैच विनर हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “अगर वो उतरते, परिस्थिति को समझते, हालात को पढ़ते और ऊपर से 35-40 रन भी ठोक देते, तो कुछ भी हो सकता था. सीरीज बराबरी पर खत्म हो सकती थी. लेकिन हर किसी का अपना तरीका होता है. मेरा तरीका ये होता और मैंने उन्हें बता भी दिया. ये बात मेरे दिल में लंबे समय से थी. अब जाकर मैंने उसे बाहर निकाला और रोहित को बता दिया.”

अब जब रोहित और विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, भारत टेस्ट क्रिकेट के एक नए युग में कदम रखने जा रहा है. यह नई शुरुआत इंग्लैंड के पांच टेस्ट मैचों के बहुप्रतीक्षित दौरे से होगी, जो 20 जून से हेडिंग्ले में शुरू होगा. ये पांच टेस्ट भारत के लिए नए आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की भी शुरुआत होंगे. इस दौरे के लिए भारत को टेस्ट टीम के कप्तान का चुनाव भी करना होगा, इसके लिए शुभमन गिल, ऋषभ पंत और जसप्रीत बुमराह का नाम सबसे आगे चल रहा है. बीसीसीआई 23 मई तक अपनी टीम की घोषणा कर सकता है. 

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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