मैक्सवेल के लिए दर्द ही बन गई ‘दवा’, सचिन तेंदुलकर ने विस्फोटक पारी का खोल दिया राज

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मैक्सवेल के लिए दर्द ही बन गई ‘दवा’, सचिन तेंदुलकर ने विस्फोटक पारी का खोल दिया राज
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मैक्सवेल के लिए दर्द ही बन गई ‘दवा’, सचिन तेंदुलकर ने विस्फोटक पारी का खोल दिया राज

अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में मैक्सवेल की बेहतरीन पारी की तारीफ क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भी कर दी. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लंबा पोस्ट डाला और बताया कि कैसे क्रैंप्स ने ग्लेन मैक्सवेल की मदद की.

अफगानिस्तान के खिलाफ विश्व कप 2023 के 39वें मैच में ग्लेन मैक्सवेल ने अकेले दम पर ऑस्ट्रेलिया को हारी हुई बाजी में जीत दिला दिया. मैक्सवेल ने 128 गेंदों में 21 चौकों और 10 छक्कों की मदद से नाबाद 201 रनों की पारी खेली. मैच खत्म होने के एक दिन बाद भी मैक्सवेल की पारी की गूंज दुनिया भर में सुनाई पड़ रही है. लोग उनके जज्बे की तारीफ करते नहीं थक रहे.

चोटिल होने के बावजूद उन्होंने अपने पैर को हिलाये बिना जिस तरह से चौके और छक्के लगाए, उसे देखकर हर कोई हैरान है. मैक्सवेल दर्द से कराह रहे थे, उन्हें कई बार मेडिकल ट्रीटमेंट भी लेना पड़ा, लेकिन वो मैदान नहीं छोड़े. अकेले लड़ते रहे. उन्होंने अपने दम पर ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया.

मैक्सवेल कैसे दर्द के बावजूद मैदान पर डटे रहे और चौकों व छक्कों की बरसात करते रहे, सचिन ने किया खुलासा

अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में मैक्सवेल की बेहतरीन पारी की तारीफ क्रिकेट के ‘भगवान’ माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भी कर दी. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लंबा पोस्ट डाला और बताया कि कैसे क्रैंप्स ने ग्लेन मैक्सवेल की मदद की. सचिन ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा, क्रिकेट और लाइफ में कई समानताएं हैं. स्प्रिंग की तरह कभी-कभी जो चीज पीछे खींचती है, वो ही आगे बढ़ने में मदद करती है.

मास्टर ब्लास्टर ने अपने पोस्ट में आगे बताया, कैसे मैक्सवेल बिना हिले आसानी से चौकों और छक्कों की बरसात कर रहे थे. सचिन ने बताया, क्रैंप्स के कारण मैक्सवेल का फुटवर्क काम नहीं कर रहा था. उनका फुटवर्क सीमित हो गया था. सचिन ने आगे लिखा, इसी कारण से उन्हें क्रीज के अंदर ही रहना पड़ रहा था. सचिन ने इसके फायदे गिनाते हुए लिखा, फुटवर्क काम नहीं करने और क्रीज के अंदर रहने से मैक्सवेल को अपना सिर स्थिर करने में मदद मिल रही थी. जिससे वो गेंद को आसानी से देख पा रहे थे और उनका हैंड-आई कोर्डिनेशन दमदार था.

सचिन ने आगे लिखा, खेल के विभिन्न प्रारूपों और खेल के चरणों में अलग-अलग फुटवर्क की आवश्यकता होती है. और कभी-कभी नो फुटवर्क भी ग्रेट फुटवर्क बन जाता है.

गौरतलब है कि मंगलवार 7 नवंबर को वर्ल्ड कप मुकाबले में अफगानिस्तान की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 291 रन का विशाल स्कोर बनाया. फिर घातक गेंदबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया टीम को 91 रन के स्कोर पर 7 बड़ा झटका दिया. लेकिन उसी समय मैक्सवेल तूफान बनकर अफगान टीम पर टूट पड़े. दर्द के बावजूद उन्होंने एक छोर को न केवल संभाले रखा बल्कि चौकों और छक्कों की बरसात कर दी. मैक्सवेल दौड़ नहीं पा रहे थे, इसलिए केवल बाउंड्री से मैच को जीता दिया. हालांकि इस दौरान कप्तान पैट कमिंस की भी तारीफ करनी होगी. उन्होंने मैक्सवेल का पूरा साथ दिया और 68 गेंदों में केवल एक चौका जमाकर नाबाद 12 रनों की मैराथन पारी खेली.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

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अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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