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Gautam Gambhir on Sanju Samson: हेड कोच गौतम गंभीर ने टी20 वर्ल्ड कप में संजू सैमसन की वापसी का असली कारण बताया है. गंभीर के अनुसार सैमसन को टीम में शामिल करने का मुख्य लक्ष्य शुरुआती ओवरों में तेज बल्लेबाजी करना था. सैमसन ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बैटर बने. उन्होंने एक ही टी20 वर्ल्ड कप में सबसे अधिक रन बनाने का विराट कोहली का पुराना रिकॉर्ड भी पार कर लिया. इस दौरान उन्होंने कई अहम मैचों में अपनी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया.
तेज शुरुआत के लिए सैमसन को चुना
गौतम गंभीर ने जियो हॉटस्टार पर बातचीत में साफ किया कि सैमसन का चयन किसी खास स्पिनर को रोकने के लिए नहीं हुआ था. उनका मकसद पावरप्ले यानी पहले छह ओवर में तेजी से रन बनाना था. पिछले डेढ साल से टीम इंडिया की सोच आक्रामक क्रिकेट खेलने की रही है. गंभीर ने कहा कि लगातार तीन बाएं हाथ के बैटर्स के क्रम को बदलने की बात सिर्फ एक अफवाह थी. असली कारण टीम की बल्लेबाजी को और ज्यादा मजबूत करना और आक्रामक शुरुआत पाना था.
जिम में हुई वापसी की बात
सैमसन को टीम में वापस लाने की जानकारी बहुत ही सामान्य तरीके से दी गई थी. गंभीर ने बताया कि जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले दोनों जिम में एक साथ ट्रेनिंग कर रहे थे. वहीं गंभीर ने सैमसन को उनके खेलने की बात बताई. सैमसन ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि वह इसके लिए तैयार हैं. गंभीर के मुताबिक कोच और उनके बीच एक दोस्त जैसा रिश्ता है. उनकी ज्यादातर बातचीत अभ्यास के दौरान ही हो जाती है. यह कोई बहुत औपचारिक चर्चा नहीं थी.
पहले छह ओवर में मैच पलटने की ताकत
हेड कोच ने सैमसन की काबिलियत पर पूरा भरोसा जताया. उनका मानना है कि सैमसन एक बेहतरीन बैटर हैं जो किसी भी तरह के स्पिनर या तेज गेंदबाज के खिलाफ अच्छी बल्लेबाजी कर सकते हैं. अगर वह अपनी लय में आ जाएं तो पहले छह ओवर में ही मैच का नतीजा बदल सकते हैं. अभिषेक, संजू और ईशान के टॉप ऑर्डर के बाद सूर्या, हार्दिक, तिलक, शिवम और अक्षर जैसे क्रिकेटर टीम को और गहराई देते हैं. इससे टीम का संतुलन काफी बेहतर होता है.
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने सैमसन
यह टी20 वर्ल्ड कप सैमसन के लिए शानदार रहा. शुरुआती मैचों में बाहर बैठने के बाद उन्होंने जोरदार वापसी की. वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मैच से लेकर न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल तक उन्होंने लगातार हाफ सेंचुरी बनाई. उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया. उन्होंने 5 पारियों में 199.37 की स्ट्राइक रेट और 80.25 की औसत से 321 रन बनाए. इसमें 27 चौके और 24 छक्के शामिल हैं. वह टूर्नामेंट में तीसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले बैटर रहे. इसी के साथ उन्होंने साल 2014 में बनाए गए विराट कोहली के 319 रनों का रिकॉर्ड भी पार कर लिया.
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