Champions Trophy: जब हम दुबई पहुंचेंगे तो…, चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर रोहित शर्मा ने किया बड़ा ऐलान, देखें Video

Champions Trophy: रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी का अपना अभियान 20 फरवरी से शुरू करेगी. इससे पहले रोहित शर्मा ने मुंबई में वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में इसको लेकर बड़ा बयान दिया है.

Champions Trophy: ऐसे समय में जब भारत के प्रशंसक न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू और विदेशी सरजमीं पर लगातार दो सीरीज हारने से निराश हैं, भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान रोहित शर्मा ने निराशा के बीच उम्मीद की किरण जगाई है. रविवार शाम को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम के 50 वर्ष पूरे होने पर मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह में बोलते हुए, रोहित ने चैंपियंस ट्रॉफी को वानखेड़े स्टेडियम में वापस लाने की इच्छा व्यक्त की. इस दौरान उन्होंने भारत के 2011 वनडे विश्व कप और 2007 और 2024 में टी20 विश्व कप जीतने के बाद स्टेडियम में मनाए गए जश्न का जिक्र किया. 

रोहित ने कहा कि भारतीय टीम जल्द ही चैंपियंस ट्रॉफी अभियान शुरू करेगी और मुंबई के इस प्रतिष्ठित स्टेडियम में एक और ट्रॉफी लाने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘ हम एक और टूर्नामेंट शुरू करेंगे. मुझे यकीन है कि जब हम दुबई पहुंचेंगे तो 140 करोड़ लोगों की शुभकामनाएं हमारे पीछे होंगी. हम यह जानते हैं. हम इस ट्रॉफी (आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी) को वानखेड़े में वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे.”

टी20 विश्वकप जीत के बाद जश्न को किया याद

भारत ने जून 2024 में 17 साल बाद टी20 विश्व कप जीत था. रोहित ने इस मौके पर वानखेड़े स्टेडियम में हुए जश्न को याद करते किया जिसमें मरीन ड्राइव पर एक खुली छत वाली बस परेड भी शामिल थी, रोहित ने कहा, “हम बारबाडोस में तूफान के कारण होटल के अंदर बंद थे. लेकिन विश्व कप जीतना और अपने लोगों के साथ इसका जश्न मनाना एक अलग बात है. आप अपने खिलाड़ियों और टीमों के साथ वैसे भी जश्न मनाते हैं, लेकिन अपने लोगों के साथ इसका जश्न मनाना एक अलग एहसास है और मुझे पता था कि यह तभी होगा जब हम मुंबई वापस आएंगे.” 

रोहित ने खुलासा किया कि वह चाहते थे कि टी20 विश्व कप ट्रॉफी का जश्न केवल वानखेड़े स्टेडियम में ही मनाया जाए. “मुझे याद है, हम (टी20) विश्व कप जीतने के बाद भी बारबाडोस में थे और हम एक तूफान के कारण वहाँ फंस गए थे, लेकिन योजना बना रहे थे कि भारत वापस आने के बाद हम क्या करेंगे. यह योजना बनाई गई थी कि हम (नई) दिल्ली जाएँगे, लेकिन उसके बाद क्या? उसके बाद क्या करना है, यह कोई नहीं जानता था.

रोहित ने आगे कहा, “मैं चाहता था कि विश्व कप (ट्रॉफी) यहाँ वानखेड़े में आए. 2007 और 2011 में हमने जो भी विश्व कप जीते हैं, उनमें से प्रत्येक का जश्न वानखेड़े में मनाया गया है और 2024 की ट्रॉफी लाना भी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण था. जब हमने यहाँ (पिछले साल) जश्न मनाया था, तो स्टैंड भरे हुए थे, (और) आज भी वे भरे हुए हैं, जो वानखेड़े के बारे में खास बात है.” वानखेड़े स्टेडियम के 50 वर्ष होने पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया. इस अवसर पर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने मुंबई के उन सभी खिलाड़ियों को सम्मानित किया, जिन्होंने भारत की कप्तानी की है. इसमें सुनील गावस्कर, डायना एडुइलजी (महिला), दिलीप वेंगसरकर, रवि शास्त्री, सचिन तेंदुलकर, रोहित और अजिंक्य रहाणे शामिल रहे.

गंभीर और रोहित के बीच है मतभेद! चैंपियंस ट्रॉफी टीम में इस खिलाड़ी को शामिल करना चाहते थे कोच 

सेलेक्टर्स के नंबर काटूंगा…, इंडियन चैंपियंस ट्रॉफी टीम पर कैफ ने जताई हैरानगी, बोले हार्दिक का बैकअप कौन? 

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >