भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल मुकाबले पर लगा 5000 करोड़ का सट्टा, दाऊद इब्राहिम के 'डी-कंपनी' से जुड़े हैं तार

Champions Trophy 2025: क्रिकेट फैंस को भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले फाइनल मुकाबले का बेसब्री से इंतजार है. इसके साथ-साथ सट्टेबाजों को भी इसका बेसब्री से इंतजार है. एक रिपोर्ट के मुताबिक दाउद इब्राहिम के गिरोह ने करीब 5000 करोड़ रुपये का सट्टा लगाया है.

Champions Trophy 2025: रविवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच दुबई में होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल का इंतजार केवल क्रिकेट प्रेमियों को ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के बड़े-बड़े सट्टेबाजों को भी है. यहां दुनियाभर से सट्टेबाज जुटने लगे हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, इन सट्टेबाजों ने रविवार को होने वाले महामुकाबले पर 5,000 करोड़ रुपये तक का दांव लगाया है. भारत, जिसने अपने सभी मैच दुबई में खेले हैं, ग्रुप चरण में अपने सभी मैच जीतकर और सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर पसंदीदा टीम के रूप में उभरा है. वहीं, न्यूजीलैंड को ग्रुप चरण में केवल भारत से हार का सामना करना पड़ा था.

दाउद इब्राहिम का डी-कंपनी करता है करोड़ों की सट्टेबाजी

रविवार को होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले के लिए अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाज दुबई में जमा हो गए हैं, जिनमें से कई अंडरवर्ल्ड से जुड़े हैं. एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दाऊद इब्राहिम का गिरोह ‘डी कंपनी’दुबई में बड़े क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगाने वालों में शामिल है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार किए गए 5 बड़े सटोरियों ने कबूल किया है कि सट्टेबाजी के तार दुबई से जुड़े हैं और इसके डी कंपनी का भी हाथ है.

भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल मुकाबले पर भी लगा था सट्टा

दो सट्टेबाजों, परवीन कोचर और संजय कुमार को भारत-ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल मैच के दौरान लाइव सट्टा लगाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने सट्टेबाजी में इस्तेमाल होने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सामान बरामद किए. एनडीटीवी के अनुसार, परवीन कोचर ने एक सट्टेबाजी वेबसाइट से आईडी खरीदी और उसी का इस्तेमाल सट्टेबाजी के लिए किया. सट्टेबाजों ने प्रत्येक लेनदेन पर 3 प्रतिशत का कमीशन कमाया. ऑफलाइन सट्टेबाजी के लिए आरोपी फोन कॉल का इस्तेमाल करते थे और सट्टेबाजी की दरों के आधार पर नोटपैड में इंट्री करते थे.

दुबई में बैठकर होती है पूरी सट्टेबाजी

ये सट्टेबाज 35000 रुपये मासिक पर किराए के मकान में रहते थे और वहीं से अपने काम को अंजाम देते थे. हर मैच के दिन उन्हें 40,000 रुपये का मुनाफा होता था. पूछताछ में सट्टेबाज ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क को दुबई से नियंत्रित किया जाता है. ज्यादातर सट्टेबाज दिल्ली में रहते हैं. उनमें से एक छोटू बंसल ने कनाडा में एक सट्टेबाजी ऐप बनाया और अब दुबई में रहा है. दूसरों ने उसका ऐप किराए पर ले लिया और उस पर सट्टा लगाना शुरू कर दिया.

मनीष साहनी निकला पूरे गैंग का मास्टरमाइंड

एक अन्य सट्टेबाज की पहचान विनय के रूप में हुई है. दिल्ली के मोती नगर का रहने वाला विनय भी दुबई में है. वह क्रिकेट ग्राउंड से सीधे फीडबैक देता था. इस गिरोह में शामिल दिल्ली के अन्य लोगों की पहचान बॉबी, गोलू, नितिन जैन और जीतू के रूप में हुई है. दिल्ली से गिरफ्तार किए गए पांच सट्टेबाजों में से तीन की पहचान मनीष साहनी, योगेश कुकेजा और सूरज के रूप में हुई है, जो सभी दुबई से जुड़े हुए हैं. पुलिस ने उनके पास से 22 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. गिरोह का मुख्य संचालक मनीष साहनी बैंक खातों या नकदी के माध्यम से लेनदेन को मैनेज करता था.

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लेखक के बारे में

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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