मैक्सवेल से पहले ये खिलाड़ी भी जमा चुके हैं वर्ल्ड कप में दोहरा शतक, लिस्ट में 'यूनिवर्स बॉस' भी शामिल

मैक्सवेल ने नाबाद 201 रन की पारी खेलकर न केवल ऑस्ट्रेलिया को मैच जीताया, बल्कि सेमीफाइनल में भी धमाकेदार एंट्री करा दी. मैक्सवेल की तारीफ उनके दोहरे शतक के लिए तो हो ही रही है, लेकिन उससे कहीं अधिक उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए जो जज्बा दिखाया, उसकी अधिक प्रशंसा की जा रही है.

वर्ल्ड कप में 2023 में इस समय चारों तरफ एक मात्र खिलाड़ी की चर्चा हो रही है. जिसका नाम ग्लेन मैक्सवेल है. ऑस्ट्रेलिया के इस स्टार खिलाड़ी ने अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में मंगलवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नाबाद 201 रनों की पारी खेलकर तहलका मचा दिया. दुनियाभर में मैक्सवेल की विस्फोटक पारी की धूम है.

मैक्सवेल ने नाबाद 201 रन की पारी खेलकर न केवल ऑस्ट्रेलिया को मैच जीताया, बल्कि सेमीफाइनल में भी धमाकेदार एंट्री करा दी. मैक्सवेल की तारीफ उनके दोहरे शतक के लिए तो हो ही रही है, लेकिन उससे कहीं अधिक उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए जो जज्बा दिखाया, उसकी अधिक प्रशंसा की जा रही है.

मैक्सवेल अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में चोटिल हो गए थे. कमर में तेज दर्द हो रही थी. ठीक से विकेट के बीच दौड़ भी नहीं लगा पा रहे थे, उसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. एक छोर पर डटकर, बिना हिले चौकों और छक्कों की बरसात करते रहे. मैक्सवेल जब मैदान पर आये थे उस समय ऑस्ट्रेलिया की टीम 91 रन पर 7 विकेट खोकर संघर्ष कर रही थी. उन्होंने अपनी पारी में 128 गेंदों का सामना किया, जिसमें 21 चौके और 10 छक्के जमाए.

वर्ल्ड कप में दोहरा शतक लगाने वाले मैक्सवेल पहले खिलाड़ी नहीं हैं, इससे पहले भी दो और बल्लेबाजों ने दोहरा शतक जमाया. इस मामले में मैक्सवेल अब दुनिया के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं.

मैक्सवेल से पहले एक ही वर्ल्ड कप में दो खिलाड़ियों ने से दोहरा शतक जमाकर तहलका मचा दिया था. वर्ल्ड कप में दोहरा शतक यूनिवर्स बॉस के नाम से मशहूर वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल ने जमाया था. उन्होंने 24 फरवरी 2015 को जिंबाब्वे के खिलाफ मैच में 215 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी. जिसमें उन्होंने 10 चौके और 16 छक्के जमाए थे.

उसी वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के घातक बल्लेबाज मार्टिन गुप्टिल ने 21 मार्च 2015 को वेस्टइंडीज के खिलाफ 237 रनों की तूफानी पारी खेली थी. बड़ी बात है कि वो ओपनिंग करते हुए पूरे 50 ओवर तक क्रीज पर डटे रहे और आखिर तक आउट नहीं हुए. उन्होंने अपनी पारी में उस समय 163 गेंदों का सामना किया था, जिसमें 24 चौके और 11 छक्के जमाए थे.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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