BCCI Revise Women Cricketers Payout: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हाल के समय में देश का नाम रोशन किया है. वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतने के बाद महिला क्रिकेट को नई पहचान मिली है. इस ऐतिहासिक जीत के बाद अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी महिला क्रिकेटरों को बडा सम्मान दिया है. बीसीसीआई ने घरेलू क्रिकेट में महिला और पुरुष खिलाड़ियों की मैच फीस को बराबर कर दिया है. यह फैसला सिर्फ पैसों से जुडा नहीं है बल्कि महिला क्रिकेट को समान दर्जा देने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है. इससे हजारों महिला खिलाड़ियों का हौसला बढेगा और घरेलू क्रिकेट और मजबूत होगा.
महिला और पुरुष खिलाड़ियों की फीस अब बराबर
BCCI ने घरेलू क्रिकेट में समान मैच फीस लागू कर इतिहास रच दिया है. अब महिला क्रिकेटरों को भी वही मैच फीस मिलेगी जो पुरुष खिलाड़ियों को दी जाती है. घरेलू वनडे और मल्टी डे मैचों में अगर कोई महिला खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होती है तो उसे प्रति दिन 50 हजार रुपए मिलेंगे. रिजर्व खिलाड़ियों को प्रति मैच 25 हजार रुपए दिए जाएंगे. यह बदलाव पहले की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा का है और इसे महिला क्रिकेट के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है.
टी20 मैचों में भी हुआ बडा बदलाव
टी20 फॉर्मेट में भी महिला खिलाड़ियों की कमाई अब पहले से कहीं ज्यादा होगी. घरेलू टी20 मैचों में प्लेइंग इलेवन में शामिल महिला खिलाड़ियों को 25 हजार रुपए प्रति मैच मिलेंगे. वहीं जो खिलाड़ी बेंच पर होंगी उन्हें 12 हजार 500 रुपए दिए जाएंगे. पहले यह राशि काफी कम थी जिससे कई खिलाड़ियों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पडता था. अब इस फैसले से टी20 खेलने वाली महिला खिलाड़ियों को भी बराबरी का लाभ मिलेगा.
जूनियर महिला क्रिकेटरों को भी मिला फायदा
BCCI ने सिर्फ सीनियर नहीं बल्कि जूनियर महिला क्रिकेटरों के लिए भी समानता लागू की है. जूनियर स्तर पर मल्टी डे और वनडे मैचों में प्लेइंग इलेवन को प्रति दिन 25 हजार रुपए मिलेंगे. रिजर्व खिलाड़ियों को 12 हजार 500 रुपए दिए जाएंगे. टी20 मैचों में प्लेइंग इलेवन को 12 हजार 500 रुपए और अन्य खिलाड़ियों को 6 हजार 250 रुपए मिलेंगे. इससे युवा खिलाड़ियों को आगे बढने की प्रेरणा मिलेगी.
अंपायर और मैच अधिकारियों की भी बढेगी कमाई
इस फैसले का फायदा सिर्फ खिलाड़ियों को ही नहीं बल्कि अंपायर और मैच अधिकारियों को भी मिलेगा. घरेलू टूर्नामेंटों के लीग मैचों में अंपायर और मैच रेफरी को प्रति दिन 40 हजार रुपए मिलेंगे. नॉकआउट मैचों में यह राशि 50 हजार से 60 हजार रुपए तक होगी. रणजी ट्रॉफी के लीग मैचों में अब अंपायरों को प्रति मैच करीब 1 लाख 60 हजार रुपए मिलेंगे. नॉकआउट मैचों में यह रकम 2 लाख 50 हजार से 3 लाख रुपए तक पहुंच जाएगी.
महिला क्रिकेट के भविष्य के लिए मजबूत कदम
BCCI का यह फैसला महिला क्रिकेट के भविष्य को मजबूत बनाने वाला माना जा रहा है. बराबर फीस मिलने से महिला खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढेगा और ज्यादा से ज्यादा लडकियां क्रिकेट को करियर के रूप में चुनेंगी. घरेलू क्रिकेट मजबूत होगा तो इसका सीधा फायदा भारतीय महिला टीम को भी मिलेगा. आने वाले समय में भारत महिला क्रिकेट में और भी ऊंचाइयों को छू सकता है.
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