9 महीने बीतने को आए, मोहसिन नकवी अब तक दबाए बैठा है भारत का एशिया कप, आखिर कब मिलेगी सूर्या की ट्रॉफी?

India Asia Cup 2025 Trophy: एशिया कप 2025 जीतने के महीनों बाद भी भारतीय टीम को ट्रॉफी नहीं मिली है. ट्रॉफी प्रस्तुति समारोह में शुरू हुआ विवाद अब एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी और भारतीय क्रिकेट के बीच प्रतिष्ठा का मुद्दा बन चुका है. जानें कब तक भारत को अपनी ट्रॉफी मिल सकती है.

India Asia Cup 2025 Trophy: एशिया कप 2025 का खिताब जीतने के करीब नौ महीने बाद भी भारतीय टीम को उसकी ट्रॉफी नहीं मिली है. मैदान पर पाकिस्तान को हराकर चैंपियन बनने वाली टीम इंडिया आज भी उस ट्रॉफी का इंतजार कर रही है, जिसे टूर्नामेंट के बाद विजेता टीम को सौंपा जाना था. इस पूरे विवाद के केंद्र में हैं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष और एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के प्रमुख मोहसिन नकवी.

28 सितंबर 2025 को दुबई में खेले गए एशिया कप फाइनल में, सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में, भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर रिकॉर्ड नौवां एशिया कप खिताब जीता था. पाकिस्तान ने भारत को 146 रन का टारगेट दिया था, जिसे टीम इंडिया ने 19.1 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 150 रन बनाकर हासिल कर लिया. एक समय पर भारत 10 रन पर 2 विकेट गंवाकर संघर्ष कर रहा था, लेकिन तिलक वर्मा की शानदार पारी ने भारत को जीत का तिलक लगाया. 

भारत की ट्रॉफी लेकर भाग गए मोहसिन नकवी

यहां तक तो ठीक था, लेकिन मैच खत्म होने के बाद ट्रॉफी प्रस्तुति समारोह में ऐसा विवाद खड़ा हुआ कि विजेता भारतीय टीम को ट्रॉफी ही नहीं मिली. भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था, जबकि नकवी इस बात पर अड़े रहे कि ट्रॉफी वही सौंपेंगे. नतीजा यह हुआ कि समारोह समाप्त हो गया और ट्रॉफी किसी को नहीं दी गई.

उस रात भारतीय खिलाड़ी बिना ट्रॉफी के ही जश्न मनाने को मजबूर हुए. बाद रिपोर्ट्स में कहा गया कि नकवी ट्रॉफी को अपने होटल मके कमरे में लेकर चले गए. और फिर बाद में खबर आई कि ट्रॉफी एसीसी के नियंत्रण में चली गई.

ट्रॉफी लेने के कई प्रयास हुए

मामला यहीं नहीं रुका. भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी फाइनल के बाद कहा था कि चैंपियन टीम ट्रॉफी की हकदार होती है. वहीं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई और इसे खेल भावना के खिलाफ बताया. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भारत चाहता था कि किसी तटस्थ अधिकारी के हाथों ट्रॉफी दी जाए, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी.

इसके बाद एसीसी की बैठकों में भी यह मुद्दा उठा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोहसिन नकवी ने विवाद पर खेद जताया, लेकिन ट्रॉफी को व्यक्तिगत रूप से सौंपने की अपनी शर्त से पीछे नहीं हटे. यही वजह है कि महीनों बाद भी यह मामला पूरी तरह सुलझ नहीं पाया.

आज तक नहीं मिला भारत का एशिया कप

 नवंबर 2025 में इस बात की चर्चा आईसीसी की मीटिंग में उठाई गई थी, जिसके बाद मामले को सुलझाने के लिए समिति भी बनाई गई. लेकिन इसका क्या हुआ कुछ खबर सामने नहीं आई. आज तक भारतीय टीम को औपचारिक रूप से एशिया कप 2025 की ट्रॉफी नहीं सौंपी गई है.

चाहते क्या हैं नकवी?

अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मोहसिन नकवी क्या चाहते हैं? क्रिकेट जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ ट्रॉफी सौंपने का मामला नहीं रह गया है. नकवी एक साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री, पीसीबी प्रमुख और अभी भी वह एसीसी अध्यक्ष की भूमिका निभा रहे हैं. अप्रैल 2025 में उन्होंने एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष का पद संभाला था. ऐसे में ट्रॉफी विवाद क्रिकेट से आगे बढ़कर प्रतिष्ठा और राजनीतिक संदेश का विषय बन गया है. 

फिलहाल स्थिति यह है कि एशिया कप जीतने वाली भारतीय टीम के नाम रिकॉर्ड में खिताब दर्ज है, लेकिन ट्रॉफी अब भी उसके हाथों तक नहीं पहुंची है. नौ महीने बाद भी यह सवाल कायम है कि क्या एसीसी इस विवाद का समाधान निकाल पाएगी या फिर एशिया कप 2025 हमेशा उस टूर्नामेंट के रूप में याद किया जाएगा, जिसमें विजेता टीम को ट्रॉफी ही नहीं मिली.

नकवी ने इसे अपनी इज्जत का सवाल बना लिया है. वह किसी भी कीमत पर भारत के विजेताओं को सम्मानित करना चाहते थे, लेकिन पहलगाम हमले की वजह से गुस्से में भारतीय खिलाड़ियों ने उनकी यह इच्छा पूरी नहीं होने दी थी. लेकिन भारत की जीती हुई ट्रॉफी को हजम करने की भी एक सीमा है. अप्रैल 2027 में वह इस पद से हटेंगे. इसके बाद बांग्लादेश या अफगानिस्तान के पास इसकी अध्यक्षता जाएगी, क्योंकि एशियन क्रिकेट काउंसिल की अध्यक्षता रोटेशनल बेसिस पर होती है. 

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अप्रैल 2027 के बाद मिल सकती है भारत की एशिया कप 2025 ट्रॉफी

2021 में भारत से जय शाह इसके अध्यक्ष थे, फिर 2024 में श्रीलंका के  शम्मी सिल्वा ने कार्यभार संभाला, वहीं 2025 में मोहसिन नकवी का नंबर लगा. 2027 में इसकी अध्यक्षता अफगानिस्तान के पास जाने का सबसे ज्यादा चांस है, क्योंकि 2018 में बांग्लादेश के नजमुल हसन ही इसके प्रेसिडेंट थे. ऐसे में अगर मोहसिन नकवी अप्रैल 2027 तक भारत की एशिया कप ट्रॉफी 2025 को पचा सके, तो इसकी एसीसी की अध्यक्षता जाते ही भारत को अपनी ट्रॉफी मिलेगी.

अभी कहां हैं नकवी?

फिलहाल मोहसिन नकवी ईरान युद्ध में अपने देश के आर्मी चीफ के पोस्टमैन बनकर तेहरान में चिट्ठी लेकर गए हैं. पाकिस्तान ईरान युद्ध में अमेरिका की ओर अप्रत्यक्ष रूप से नियुक्त प्रत्यक्ष वार्ताकार बना हुआ है. हालांकि, दो बार की कोशिशों के बाद भी कुछ खास नतीजा नहीं निकल पाया है.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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