....तो ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर हैडिन संन्यास का मन बना लिया था
मेलबर्न : ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर ब्रैड हैडिन शारीरिक और मानसिक रूप से इतना थक गये थे कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा करने की सोच ली थी. इस बात का खुलासा रग्बी खिला़ड़ी और हैडिन के मेंटर ने एक अंग्रजी अखबार से बातचीत में किया. उन्होंने कहा कि चोटों और वजन बढने के कारण परेशान यह […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मेलबर्न : ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर ब्रैड हैडिन शारीरिक और मानसिक रूप से इतना थक गये थे कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा करने की सोच ली थी. इस बात का खुलासा रग्बी खिला़ड़ी और हैडिन के मेंटर ने एक अंग्रजी अखबार से बातचीत में किया.
उन्होंने कहा कि चोटों और वजन बढने के कारण परेशान यह विकेटकीपर बल्लेबाज संन्यास लेने का मन बना चुका था। कार्टर ने हैडिन को इस बुरे दौर से उबरने में मदद की. अब हैडिन को भारत के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई टीम की अगुवाई का मौका मिल सकता है. कप्तान माइकल क्लार्क अगर पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो हैडिन को भारत के खिलाफ आगामी टेस्ट श्रृंखला में टीम की कमान सौंपी जा सकती है.
रग्बी खिलाड़ी ने कहा कि हैडिन एक समय खुद शारीरिक और मानसिक रुप से इतना थका हुआ महसूस कर रहा था कि वह क्रिकेट को अलविदा कहने पर विचार कर रहा था. पिछले दस साल से हैडिन के मित्र कार्टर ने कहा, उन्होंने एशेज में अच्छे प्रदर्शन के दम पर टी20 विश्व कप (मार्च में) में शानदार वापसी की थी लेकिन इसके बाद उन्होंने मुझसे बात की और कहा कि देखो मैं वास्तव में थका हुआ महसूस कर रहा हूं और मुझे पता नहीं था कि किस दिशा में आगे बढना है.
उन्होंने कहा, हैडिन ने मुझसे एशेज के बाद की परेशानियों तथा भावनात्मक और शारीरिक दिक्कतों के बारे बात कीं मैंने उससे कहा, आपको किसी को कुछ साबित नहीं करना है. फिर हम क्यों न एक महीने तक अभ्यास करें और उसके बाद आप कोई फैसला करो. अभी आप जैसा महसूस कर रहे हो ऐसी स्थिति में कभी कोई फैसला नहीं करना चाहिए.
कार्टर ने कहा कि इस 37 वर्षीय क्रिकेटर ने खुद को संभाला और वापसी करने में सफल रहा. उन्होंने कहा, और उसके बाद उसने वास्तव में अच्छी प्रगति की. हम पिछले दो सप्ताह उसे टेस्ट मैचों की तैयारी में मदद कर रहे हैं और उम्मीद है कि वह ऑस्ट्रेलिया का 45वां टेस्ट कप्तान बनेगा.