विराट कोहली को उम्मीद, आज भी चलेगा बल्ला

धर्मशाला : विगत कई मैचों से खराब फॉर्म से जूझ रहे विराट कोहली धर्मशाला एकदिवसीय मैच को लेकर काफी आशावान हैं. विराट का मानना है कि पिछली दफा उनका बल्ला काफी समय के बाद लय में लौटा है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि आज भी उनका बल्ला चलेगा.... कोहली ने कहा कि दिल्ली वनडे […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 17, 2014 1:20 PM

धर्मशाला : विगत कई मैचों से खराब फॉर्म से जूझ रहे विराट कोहली धर्मशाला एकदिवसीय मैच को लेकर काफी आशावान हैं. विराट का मानना है कि पिछली दफा उनका बल्ला काफी समय के बाद लय में लौटा है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि आज भी उनका बल्ला चलेगा.

कोहली ने कहा कि दिल्ली वनडे में अर्धशतक जड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास लौटा है और उन्हें ऐसी पारी की सख्त जरूरत थी. कोहली इंग्लैंड दौरे से ही खराब फार्म में चल रहे थे जहां वह चार टेस्ट मैचों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाये थे. भारत और वेस्टइंडीज के बीच चौथे वनडे से पहले उन्होंने कहा कि चैंपियन्स लीग के दौरान उन्होंने अपने खेल पर काम किया जिसके उन्हें अच्छे परिणाम मिल रहे हैं.
उन्होंने फिरोजशाह कोटला में अपनी 62 रन की पारी के संदर्भ में कहा, ह्यह्यविश्राम मिलना वास्तव में अच्छा रहा. मैंने उन विभागों पर कड़ी मेहनत की जिनमें मुझे सुधार की जरुरत थी. पिछले दो मैचों में स्पष्ट सोच के साथ उतरा. यदि मैं फिर से एक जैसा शाट खेलकर आउट होता हूं तो यह मेरे लिये मायने नहीं रखता.

कम से कम मेरी सोच स्पष्ट है और मैं आत्मविश्वास से भरा हूं. मैंने पिछले मैच में जो पारी खेली मुझे उस तरह की पारी की जरूरत थी. विशेषज्ञों और मीडिया ने कोहली की लगातार ऑफ स्टंप से बाहर मूव करती गेंदों पर विकेट के पीछे कैच थमाने के लिए आलोचना की लेकिन इस बल्लेबाज ने इस पर कहा, यह अजीब बात है.

जब मैं दो तीन पारियों में रन नहीं बनाता तो लोग मुझसे कहते हैं कि आपको बड़ा स्कोर बनाना है. वे इस बात को भूल जाते हैं कि पिछले चार पांच वर्षों में मैंने सभी प्रारुपों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया. मैं दिखावा नहीं करता. मैं इसी तरह से अपनी क्रिकेट खेलता हूं. लोगों को सम्मान करने की जरूरत है क्योंकि हम मशीन नहीं इंसान हैं. कोहली ने कहा कि जब वह खराब दौर से गुजर रहे थे तब उन्हें लोगों और जिंदगी के बारे में सीख मिली.