पूर्व इंग्लिश बल्लेबाज एंड्रयू स्ट्रॉस और ज्योफ बॉयकॉट को मिली ''नाइटहुड'' की उपाधि, जानें इनका बेमिसाल रिकॉर्ड

लंदन: पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर ज्योफ बॉयकॉट और एंड्रयू स्ट्रॉस को सोमवार को ‘नाइटहुड’ की उपाधि से सम्मानित किया गया. इन दोनों का चयन ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री थेरेसा मे के कार्यकाल में किया गया था. पीएम पद से इस्तीफा देने से पहले थेरेसा में ने इन दोनों का चयन किया था. बता दें कि थेरेसा […]

लंदन: पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर ज्योफ बॉयकॉट और एंड्रयू स्ट्रॉस को सोमवार को ‘नाइटहुड’ की उपाधि से सम्मानित किया गया. इन दोनों का चयन ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री थेरेसा मे के कार्यकाल में किया गया था. पीएम पद से इस्तीफा देने से पहले थेरेसा में ने इन दोनों का चयन किया था. बता दें कि थेरेसा में क्रिकेट की काफी बड़ी प्रशंसक मानी जाती हैं.

पूर्व इंग्लिश बल्लेबाज ज्योफ बॉयकॉट

नाइटहुड से सम्मानित होने वाले पूर्व इंग्लिश बल्लेबाज 78 वर्षीय ज्योफ बॉयकॉट क्रिकेट फर्टिनिटी में उन चार बल्लेबाजों में से एक हैं जिन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 151 शतक लगाए हैं. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो उन्होंने इंग्लैंड की तरफ से 108 टेस्ट और 36 एकदिवसीय मैच खेला. ज्योफ बॉयकॉट जिंदगी में केवल एक बार विवाद में फंसे जब उन पर अपनी एक महिला मित्र के साथ मारपीट का आरोप लगा था.

हालिया दिनों में ज्योफ बॉयकॉट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझते रहे हैं. उन्होंने इसके लिए डाइग्नोसिस करवाया था. इसके बाद उन्हें अपनी हार्ट सर्जरी भी करवानी पड़ी थी.

इंग्लैंड टीम के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस

नाइटहुड की उपाधि से सम्मानित होने वाले दूसरे क्रिकेटर एंड्रयू स्ट्रॉस ने लंबे समय तक इंग्लिश टीम की कप्तानी की. उन्होंने अपनी कप्तानी में इंग्लैंड को टेस्ट क्रिकेट में नंबर बनाया. इसके अलावा उन्होंने 2010-11 के एशेज सीरिज में अपनी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत दिलाई. उन्होंने इंग्लैंड की तरफ से 127 वनडे और 100 टेस्ट मैच खेला.

संन्यास के बाद स्ट्रॉस को इंग्लैंड की मेन्स क्रिकेट का डायरेक्टर बनाया गया. मेन्स क्रिकेट के डायरेक्टर के तौर पर उन्होंने इंग्लिश टीम का नया बैटिंग लाइन-अप बनाया. इसकी वजह से टीम को विश्व जीतने में काफी मदद मिली.

एंड्रयू स्ट्रॉस को हालांकि इस दौरान दुखद स्थिति का सामना करना पड़ा क्योंकि साल 2018 में उनकी पत्नी रूथ स्ट्रॉस की मौत कैंसर की वजह से हो गयी. इसके बाद स्ट्रॉस ने रूथ स्ट्रॉस फाउंडेशन नाम का संगठन बनाया ताकि इसके जरिए कैंसर पीड़ितों के इलाज के लिए पैसा जुटाया जा सके.

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