भारत-न्‍यूजीलैंड मैच रद्द होने से निराशा, भारतीय कोच ने ‘स्केटिंग रिंक'' से की तुलना

नाटिंघम : न्यूजीलैंड के कोच गैरी स्टीड ने भारत के खिलाफ गुरुवार को बारिश में मैच धुलने को ‘ दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक ‘ बताया लेकिन आईसीसी की इस दलील को सही ठहराया कि रिजर्व दिवस रखना लाजिस्टिक के नजरिये से असंभव था. भारत के फील्डिंग कोच आर श्रीधर ने भी उनके सुर में सुर मिलाते […]

नाटिंघम : न्यूजीलैंड के कोच गैरी स्टीड ने भारत के खिलाफ गुरुवार को बारिश में मैच धुलने को ‘ दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक ‘ बताया लेकिन आईसीसी की इस दलील को सही ठहराया कि रिजर्व दिवस रखना लाजिस्टिक के नजरिये से असंभव था. भारत के फील्डिंग कोच आर श्रीधर ने भी उनके सुर में सुर मिलाते हुए ट्रेंट ब्रिज की आउटफील्ड को फिसलन वाली ‘स्केटिंग रिंक ‘ जैसा बताया जिसमें खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा रहता.

स्टीड ने कहा , भारत से खेलना अच्छा रहता. यह मानसिक रूप से थकाऊ था. इस तरह के दिन जब आप पूरी तरह से खेलने के लिये तैयार होकर आते हैं और फिर मैच ही नहीं होता, लेकिन यह हमारे वश में नहीं है. हम इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकते लिहाजा हमें अगले मैच पर फोकस करना होगा.

उन्होंने आईसीसी सीईओ डेव रिचर्डसन से सहमति जताई कि रिजर्व दिवस का कोई विकल्प नहीं है. उन्होंने कहा, लाजिस्टिक की दृष्टि से यह संभव नहीं था. इस बारे में कुछ नहीं किया जा सकता. श्रीधर ने कहा , इस बारे में सोचने के लिये आईसीसी की तकनीकी समिति है. यह उपलब्ध समय और प्रारूप पर निर्भर करता है. इस टूर्नामेंट में कोई विश्राम दिवस नहीं है.

रोज मैच है तो रिजर्व दिवस की संभावना ही कहां बनती है. उन्होंने कहा कि भारतीय टीम पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले यह मुश्किल मुकाबला खेलना चाहती थी.उन्होंने कहा, लेकिन क्या किया जा सकता है. मौसम पर किसका ज़ोर है. मैदान बिल्कुल स्केटिंग रिंक जैसा हो गया था. ऐसे में खिलाड़ियों को उतारना काफी जोखिम भरा होता, खासकर टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >