Zimbabwe vs Sri Lanka: इंग्लैंड और सरे के अंतरराष्ट्रीय स्टार सैम करन और टॉम करन के भाई बेन करन ने जिम्बाब्वे की ओर से श्रीलंका के खिलाफ दो वनडे सीरीज के मैचों में बल्ले से शानदार काम किया है. दूसरे वनडे में रविवार को उन्होंने 95 गेंदों में 79 रन बनाकर जिम्बाब्वे को श्रीलंका के सामने 278 रनों का लक्ष्य दिया. पावरप्ले में पांच चौके लगाने और 55 गेंदों में विकेकीपर के ऊपर से चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद, वह आउट हो गए. असिथा फर्नांडो की एक स्किड गेंद पर वह चूक गए और उनका कैच पकड़ा गया. हालांकि रविवार को दूसरा वनडे भी हारकर जिम्बाब्वे ने सीरीज गंवा दी. अब दोनों का मुकाबला 3 मैचों की टी20 सीरीज में होगा.
बेन कुरेन का शानदार वनडे फॉर्म जारी
बेन तीन भाइयों में मझले हैं, जो जिम्बाब्वे के पूर्व खिलाड़ी केविन करन के बेटे हैं. उन्हें पिछले साल दिसंबर में अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में जिम्बाब्वे के लिए खेलने के लिए बुलाया गया था और बाद में इस साल की शुरुआत में आयरलैंड के खिलाफ सीरीज के लिए भी चुना गया. अफगानिस्तान के खिलाफ 15, 0 और 12 रनों की पारी के बाद बेन ने आयरलैंड के खिलाफ पहले दो वनडे मैचों में 28 और 18 रनों की पारी खेली, जो प्रभावशाली नहीं थी. हालांकि आयरलैंड के खिलाफ अंतिम मैच में नाबाद शतक (118*) लगाया और शुक्रवार (29 अगस्त) को श्रीलंका के खिलाफ पहले मैच में 70 रनों की पारी खेली.
जिम्बाब्वे के लिए टेस्ट भी खेल रहे हैं बेन
आठ मैचों के बाद इस प्रारूप में उनका औसत 48.57 है. सलामी बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे के लिए सात टेस्ट मैच भी खेले हैं और उन्होंने 2024 में बुलावायो में अफगानिस्तान के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट में डेब्यू किया था. उन्होंने टेस्ट क्रिकेटर के रूप में अपनी पहली पारी में 68 और दूसरी पारी में 41 रनों की तेज पारी खेली थी. हालांकि, उसके बाद से उन्होंने अपने छह टेस्ट मैचों में से किसी में भी 50 का आंकड़ा पार नहीं किया है, उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन इस साल अप्रैल में बांग्लादेश के खिलाफ 103 गेंदों पर 46 रन रहा है.
दूसरे मैच में भी श्रीलंका ने दर्ज की जीत
हरारे में श्रीलंका के खिलाफ जीत से सीरीज 1-1 से बराबर हो जाती, क्योंकि जिम्बाब्वे शुरुआती मैच में मामूली अंतर से हार गया था. दिलशान मधुशंका ने मैच के आखिरी ओवर की पहली तीन गेंदों पर हैट्रिक ली, जिससे वे लक्ष्य से सात रन पीछे रह गए. उनके शिकार सिकंदर रजा, ब्रैड इवांस और रिचर्ड नगारवा थे और ओवर की आखिरी गेंद पर सिर्फ दो सिंगल आए. उस मैच की शुरुआत में जिम्बाब्वे को जीत के लिए 10 रन चाहिए थे और उसके पांच विकेट बचे थे. दूसरे टेस्ट में जीत के हीरो श्रीलंका के पथुम निसांका रहे, उन्होंने 122 रनों की पारी खेली. बाद में कप्तान चरिथ असालंका ने 71 रन बनाकर जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
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